डिजिटल प्रगति में रुकावट बनने वाले 1885 के टेलीकॉम एक्ट को बदलेगा भारत

देश में टेलीकॉम सर्विस के यूजर्स की संख्या एक अरब से अधिक है। इस मार्केट की जरूरतों को पूरा करने के लिए टेलीकॉम इंडस्ट्री की ग्रोथ महत्वपूर्ण होगी

विज्ञापन
आकाश आनंद, अपडेटेड: 18 दिसंबर 2021 15:45 IST
ख़ास बातें
  • दशकों पुराने टेलीकॉम कानून टेलीकॉम सेक्टर की प्रगति में रुकावट हैं
  • इस सेक्टर से जुड़े कानूनों मामलों की संख्या भी बढ़ी है
  • टेलीकॉम कंपनियों के लिए सरकारी अप्रूवल कम किए जा सकते हैं

सरकार अगले वर्ष फरवरी में नए टेलीकॉम कानून प्रस्तुत कर सकती है


देश के टेलीकम्युनिकेशंस सेक्टर को केंद्र सरकार तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल महत्वकांक्षाओं के लिए भी यह टेलीकम्युनिकेशंस इंडस्ट्री महत्वपूर्ण है। हालांकि, देश में दशकों पुराने टेलीकॉम कानून इस सेक्टर की प्रगति में रुकावट बन रहे हैं। इससे इस सेक्टर से जुड़े कानूनों मामलों की संख्या भी बढ़ी है।

Bloomberg की रिपोर्ट में टेलीकम्युनिकेशंस मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने हवाले से कहा गया है कि सरकार कंपनियों के मर्जर, एक्सपैंशन और उन्हें ऑपरेट करने के लिए ब्यूरोक्रेसी से जुड़े कई अप्रूवल को समाप्त करने के रास्ते खोज रही है। इससे इस सेक्टर से जुड़े कानूनी विवादों से बचने में भी मदद मिलेगी। सरकार अगले वर्ष फरवरी में नए टेलीकॉम कानून प्रस्तुत कर सकती है। वैष्णव ने कहा, "टेलीकॉम सेक्टर के लिए अभी भी 1885 में बना एक एक्ट लागू है, जबकि स्थितियों में काफी बदलाव हो चुका है। इसके अलावा इस कानून से जुड़े रेगुलेशंस भी 60-70 वर्ष पुराने हैं।" वह ब्रिटिश राज में बनाए गए इंडियन टेलीग्राफ एक्ट का जिक्र कर रहे थे जिससे सरकार को इस सेक्टर पर पूरा नियंत्रण मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस सेक्टर से जुड़े कानूनों में बड़ा बदलाव करने पर विचार कर रही है।

जुलाई में इलेक्ट्रॉनिक्स, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कम्युनिकेशंस मिनिस्ट्रीज की कमान संभालने वाले वैष्णव ने दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के साथ सरकार के तनाव को दूर करने की कोशिश की है। उन्होंने कर्ज के भारी बोझ का सामना कर रही देश की टेलीकॉम कंपनियों के लिए राहत पैकेज लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरर्स को भी देश में प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहन देने की घोषणा की थी। 

देश में टेलीकॉम सर्विस के यूजर्स की संख्या एक अरब से अधिक है। इस मार्केट की जरूरतों को पूरा करने के लिए टेलीकॉम इंडस्ट्री की ग्रोथ महत्वपूर्ण होगी। इसके अलावा 5G नेटवर्क को लागू करने के लिए भी प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को बड़ा योगदान देना होगा। चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में पहले से 5G नेटवर्क के जरिए टेलीकॉम सर्विसेज दी जा रही हैं।

वैष्णव ने कहा कि सरकार टैरिफ के लिए बेस प्राइस तय नहीं करेगी। यह फैसला कंपनियों पर छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य अगले वर्ष की अंतिम तिमाही तक 5G सर्विसेज शुरू करने का है। सेमीकंडक्टर्स की दुनिया भर में कमी हो रही है और इसकी देश में मैन्युफैक्चरिंग शुरू होने काफी फायदा होगा। इससे मोबाइल फोन से लेकर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स तक में इस्तेमाल होने वाले इस महत्वपूर्ण कंपोनेंट के इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम किया जा सकेगा।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Gadgets 360 में आकाश आनंद डिप्टी ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO 15T आ रहा 200MP मेन कैमरा, 8000mAh बैटरी, धांसू फोटोग्राफी, गेमिंग फीचर्स के साथ, लॉन्च से पहले जानें सबक
#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO 15T आ रहा 200MP मेन कैमरा, 8000mAh बैटरी, धांसू फोटोग्राफी, गेमिंग फीचर्स के साथ, लॉन्च से पहले जानें सबकुछ
  2. यह लैपटॉप नहीं, पावरबैंक है! Krafted Edge लाई लैपटॉप चार्जिंग के लिए 20,000mAh का 65W पावरबैंक, जानें सबकुछ
  3. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  4. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  5. Samsung Galaxy M47 हुआ गीकबेंच पर लिस्ट, 8GB रैम, Snapdragon चिप का खुलासा
  6. 25 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का 4 कैमरों वाला फोन! धांसू डिस्काउंट ऑफर
  7. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
  8. Moto G37 और Moto G37 Power जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Flipkart के जरिए होगी बिक्री
  9. Amazon पर AI बनाएगा शॉपिंग आसान, सुझाव से तुलना तक बोलकर होगा सबकुछ!
  10. Tesla ने बेंगलुरु में खोला पहला शोरूम, ऑफ्टर सेल्स सपोर्ट होगी मजबूत 
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.