आपके स्मार्टफोन पर इतने दिन तक जिंदा रह सकता है Coronavirus!

National Institutes of Health के हाल ही में किए शोध के मुताबिक, नोवल-कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) भी SARS-CoV वायरस की तरह मजबूत प्लास्टिक और स्टेनलेस स्टिल पर 72 घंटे यानी तीन दिन तक जिंदा रहता है।

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आपके स्मार्टफोन पर इतने दिन तक जिंदा रह सकता है Coronavirus!

Coronavirus संक्रमण रोकने के लिए सफाई ज़रूरी

ख़ास बातें
  • 96 घंटे तक ग्लास पर जिंदा रह सकता है कोरोना वायरस
  • प्लास्टिक और स्टिल पर 72 घंटे जिंदा रहता है कोरोना वायरस
  • खुद की सफाई के साथ रोजाना अपने गैजेट्स भी करें साफ
स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का बेहद ही अहम हिस्सा है, जो दिनभर हमारे हाथों में रहता है। एक दिन में स्मार्टफोन न जाने कितनी सतहों को छुकर हमारे स्पर्श में आता है, यह भी कारण है कि स्मार्टफोन उन डिवाइस में से एक है जिसमें सबसे ज्यादा कीटाणुओं और वायरस के मौजूद होने की संभावना होती है। COVID-19 यानी कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए, हमें स्मार्टफोन के द्वारा कोरोना वायरस फैलने की भी चिंता होनी चाहिए। कुछ प्रमुख बातें, यह भी है जिनपर सोचना-विचार करना जरूरी है। फोन के जरिए किसी शख्स में कोरोना वायरस फैलने की कितनी संभावना है? और कोरोना वायरस एक मोबाइल फोन पर कब-तक जिंदा रहता है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक शोध के मुताबिक, साल 2003 का SARS-CoV वायरस एक कांच की सतह पर 96 घंटे यानी चार दिन से भी ज्यादा जिंदा रहता था। कांच के अलावा यह वायरस मजबूत प्लास्टिक और स्टेनलेस स्टिल पर 72 घंटे यानी तीन दिन तक जिंदा रहता था। लेकिन, हाल ही में यूनाटेड स्टेट्स के National Institutes of Health द्वारा किए गए एक शोध के मुताबिक, नोवल-कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) भी SARS-CoV वायरस की तरह मजबूत प्लास्टिक और स्टेनलेस स्टिल पर 72 घंटे यानी तीन दिन तक जिंदा रहता है। इस शोध में यह भी कहा गया कि यह कोरोना वायरस कार्डबोर्ड पर 24 घंटे और कॉपर यानी तांबे पर केवल 4 घंटे ही जिंदा रह पाता है। हालांकि, इस नए शोध में यह साफ नहीं हो पाया है कि यह खतरनाक कोरोना वायरस कांच (ग्लास) पर कब तक जिंदा रहता है।

लेकिन, हम WHO के द्वारा किए गए साल 2003 के शोध और NIH के पिछले महीने के शोध की समानता से यह मान सकते हैं कि यह नोवल-कोरोना वायरस कांच (ग्लास) पर 96 घंटे यानी चार दिन तक जिंदा रह सकता है। वहीं, सभी स्मार्टफोन का फ्रंट पैनल ग्लास का बना होता है, इसलिए कहा जा सकता है कि यह खतरनाक कोरोना वायरस आपके मोबाइल फोन पर भी 4 दिन तक जिंदा रह सकता है। केवल स्मार्टफोन ही नहीं, यह उन सभी गैजेट्स पर लागू होता है, जो ग्लास से बने होते हैं। चाहे स्मार्टफोन हो, स्मार्टवॉच हो, टैबलेट हो या फिर लैपटॉप।

सभी गैजेट्स में स्मार्टफोन सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला गैजेट है, जिसके द्वारा कोरोना वायरस के संपर्क में आने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे में कोरोना वायरस से बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है, खुद की सफाई के साथ-साथ अपने स्मार्टफोन की सफाई करना। स्मार्टफोन की सफाई के लिए आप गैजेट क्लिन करने वाला लिक्विड का इस्तेमाल कर सकते हैं। नहीं तो गीले कपड़े से गैजेट को पोंछकर भी उसे साफ रख सकते हैं। इसके अलावा गैजेट को अच्छे से सैनेटाइज़ करने के लिए आप 70 प्रतिशत isopropyl अल्कोहल सॉल्युशन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे ऐप्पल जैसा ब्रांड भी सुझाता है। हालांकि, ध्यान रखें 70 प्रतिशत से ज्यादा concentrations का इस्तेमाल न करें और न ही किसी कीटाणुनाशक पेय पदार्थ का इस्तेमाल करें। ये सभी आपके स्मार्टफोन के डिस्प्ले की oleophobic कोटिंग को खत्म कर देंगे। आप अपने फोन में स्क्रीन प्रोटेक्टर को लगा लें। आप इसे आसानी से साफ रख सकते हैं, बिना डिस्प्ले को नुकसान पहुंचाए।

Apple ने अपने सपोर्ट पेज़ पर लिखा, "70 प्रतिशत isopropyl अल्कोहल या क्लोरॉक्स डिसइंफेक्टिंग वाइप्स का इस्तेमाल करके अपने ऐप्पल प्रोडक्ट के डिस्प्ले, कीबोर्ड आदि बाहरी सतह को आराम से साफ कर सकते हैं। डिवाइस साफ करने के लिए ब्लीच का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। डिवाइस के ओपनिंग हिस्से में नमी न दें, इससे आपका डिवाइस खराब हो सकता है। कपड़े या फिर लैदर का इस्तेमाल डिवाइस की सतह पर न करें।"

फोन को कैसे साफ रखना है, इसके लिए आप हमारा वीडियो भी देख सकते हैं।
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