84 प्रतिशत स्मार्टफोन यूजर जानते हैं मोबाइल के लिए प्रोटेक्शन प्लान लिया जा सकता है। लेकिन इन्हें अपनाने वालों की संख्या 15 में से 1 बताई गई है।
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फोन को कई तरह से नुकसान पहुंच सकता है जिसमें स्क्रीन टूटना सबसे आम नुकसान बताया गया है।
स्मार्टफोन वर्तमान में हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा और सहयोगी बन चुका है। लेकिन इसकी सुरक्षा को लेकर बहुत कम लोग ध्यान देते हैं। ऐसा हम नहीं, एक नई रिसर्च रिपोर्ट कह रह रही है। OneAssist का नया सर्वे आया है जिसमें कहा गया है कि भारत में 80 प्रतिशत से ज्यादा यूजर्स ने अपना मोबाइल कभी न कभी गिराया होता है लेकिन इसको सेफ्टी देने वाले यूजर्स की संख्या बहुत कम है। रिपोर्ट बताती है कि भारतीयों की स्मार्टफोन पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके बावजूद बहुत कम लोग अपने फोन के लिए सुरक्षा योजना लेते हैं।
भारत की प्रमुख बीमा-प्रौद्योगिकी कंपनी OneAssist का मोबाइल को लेकर नया सर्वे आया है। कंपनी ने सर्वे के नतीजों में कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं। रिपोर्ट में स्मार्टफोन (via) कहती है कि भारत में 82% लोगों ने कभी न कभी अपना फोन गिराया होता है। लेकिन इसकी सुरक्षा को लेकर बहुत ही कम यूजर कोई प्रोटेक्शन प्लान इस्तेमाल करते हैं। OneAssist का यह सर्वे द ग्रेट इंडियन स्मार्टफोन प्रोटेक्शन क्राइसिस के नाम से पेश किया गया है। कंपनी ने इसे ग्लोबल मार्केट रिसर्च संस्था हंसा रिसर्च के साथ मिल कर किया है। रिपोर्ट में भारत के अंदर स्मार्टफोन के इस्तेमाल, फोन को होने वाले अचानक नुकसान और फोन की सेफ्टी, प्रोटेक्शन के लिए अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्लान्स के बारे में जानकारी दी गई है।
रिपोर्ट कहती है कि भारत में 84 प्रतिशत स्मार्टफोन यूजर जानते हैं मोबाइल के लिए प्रोटेक्शन प्लान लिया जा सकता है। लेकिन इन्हें अपनाने वालों की संख्या 15 में से 1 बताई गई है। रिसर्च में 1260 लोगों की प्रतिक्रियाओं को शामिल किया गया। इनमें से 72 प्रतिशत ग्राहकों का मोबाइल फोन गलती से क्षतिग्रस्त हुआ है। इनमें से 82 प्रतिशत लोगों का फोन कम से कम एक बार गिरा है, लेकिन एक्टिव प्रोटेक्शन प्लान लेने वालों की संख्या सिर्फ 6 से 8 प्रतिशत है।
फोन को कई तरह से नुकसान पहुंच सकता है जिसमें स्क्रीन टूटना सबसे आम नुकसान है। रिपोर्ट में सामने आया कि 70 प्रतिशत यूजर्स के फोन गिरने पर उनकी स्क्रीन को नुकसान हुआ। कहा गया है कि नुकसान की सभी घटनाओं में से 36 प्रतिशत घटनाएं तब होती हैं जब फोन जेब या बैग से फिसल जाता है। इसी तरह रोज आना-जाना सबसे बड़ा रिस्क बन जाता है। पानी से होने वाले नुकसान में 15 प्रतिशत यूजर्स प्रभावित पाए गए। 13 प्रतिशत के फोन को नुकसान चलने या दौड़ने के दौरान हुआ। वहीं ट्रैवल में 12 प्रतिशत के करीब लोग प्रभावित हुए।
फोन का नुकसान यूजर को भावनात्मक चोट भी पहुंचाता है। सर्वे में पाया गया कि 35 प्रतिशत लोगों का फोन गिरते ही वे घबरा गए, 24 प्रतिशत लोगों का इस घटना को लेकर किसी से झगड़ा हुआ और 15 प्रतिशत लोगों ने इसके कारण अपने प्लान रद्द कर दिए। महिलाओं में घबराहट का स्तर पुरुषों 33 प्रतिशत पाया गया जबकि महिलाओं में कहीं ज्यादा, 43 प्रतिशत देखा गया।
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