Traffic Rules: पीली बत्ती जंप करने से क्या होता है चालान? जानें येलो लाइट के सभी नियम
हमने आपके लिए यहां उन सभी पॉइंट्स को कवर किया है, जो ट्रैफिक सिग्नल की पीली लाइट को लेकर आपकी सभी दुविधाओं का हल करने वाले हैं।
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Written by नितेश पपनोई,
अपडेटेड: 30 नवंबर 2022 16:29 IST
ख़ास बातें
सिग्नल में मौजूद पीली बत्ति का मतलब रुकने के लिए तैयार होना होता है
हालांकि, यहां कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है
जरूरी नहीं कि आपको पीली लाइट में हर हाल में रुकना होगा
यदि आप सिग्नल से 100 फीट या उससे कम दूरी पर हैं, तो आपको जंक्शन से पहले नहीं रुकना है
ट्रैफिक नियमों की जानकारी लगभग सभी नागरिकों को होती है। इनमें से कुछ नियम ट्रैफिक सिग्नल को लेकर होते हैं, जो हमें बचपन से पढ़ाए और समझाए जाते हैं। यदि आपको कोई ट्रैफिक सिग्नल के बारे में पूछता है, तो आप बिना सेकंड गंवाए सीधा जवाब दे सकते हैं कि ट्रैफिक सिग्नल में लाल, पीली और हरी लाइट होती है, जिनका मतलब क्रमश: ठहरो, देखो और चलो होता है। लेकिन यहां सबसे बड़ी समस्या यह है कि ज्यादातर लोगों को येलो लाइट के बारे में आज भी उलझन रहती है। यदि आप ट्रैफिक सिग्नल के बेहद करीब हैं, तो आपको क्या करना चाहिए? रफ्तार कम करना, रुकना या सिग्नल को तुरंत क्रॉस करना आदि कई तरीके हैं, जो लोग अपनी सुविधा अनुसार अपनाते हैं, लेकिन साथ ही डरते भी हैं कि कहीं किसी गलती से उनका चालान न हो जाए। ऐसे में हमने आपके लिए यहां उन सभी पॉइंट्स को कवर किया है, जो ट्रैफिक सिग्नल की पीली लाइट को लेकर आपकी सभी दुविधाओं का हल करने वाले हैं।
लाइट के पीला होने पर क्या करना चाहिए?
सबसे पहला और अहम सवाल यह है कि यदि लाइट पीली हो जाती है, तो आपको सबसे पहले किस पहलू पर ध्यान देना है। लाइट के येलो होते ही आपको अपने वाहन को रोकना होता है। अब आप कहेंगे कि यह तो आपको भी पता था, लेकिन यहां कुछ बातों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। यूं तो पीली बत्ती का उद्देश्य सड़क पर सामने से आ रहे वाहन मालिकों को चेतावनी देना होता है कि बत्ती लाल होने वाली है और उन्हें अपने वाहन को रोकने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। हालांकि, ध्यान रखने वाली बात ये है कि वाहन को रोकने के लिए उन्हें सिग्नल से थोड़ी दूरी पर होना चाहिए, जिससे वे अपने वाहन को धीरे-धीरे गती धीमी करते हुए रोक सके। यदि सिग्नल से दूरी कम है, तो यहां पॉइंट्स ऑफ नो रिटर्न की बात आ जाती है। अब ये क्या है? चलिए जानते हैं।
पॉइंट ऑफ नो रिटर्न
एक सामान्य नियम यह कहता है कि यदि आप "पॉइंट ऑफ नो रिटर्न" पर पहुंच गए हैं, मतलब आप सिग्नल से 100 फीट या उससे कम दूरी पर हैं, तो आपको जंक्शन से पहले नहीं रुकना है। इसके बजाय आपको सुरक्षित तरीके से अपनी वैध स्पीड लिमिट को बनाए रखते हुए और सभी दिशा में ट्रैफिक को देखते हुए सिग्नल को क्रॉस करना है।
कुल मिलाकर आपको हमेशा जिस रोड पर आप चल रहे हैं, उसकी स्पीड लिमिट को ध्यान में रखते हुए ड्राइविंग करनी चाहिए और यदि पीली बत्ती होती है, तो आपको अपनी कार को धीरे-धीरे रोकने का प्रयास करना चाहिए। यदि आप पॉइंट ऑफ नो रिटर्न पर पहुंचते हैं, तो आपको सुरक्षा का ध्यान रखते हुए सिग्नल को क्रॉस करना चाहिए। यदि आप पॉइंट ऑफ नो रिटर्न से सिग्नल को क्रॉस कर लेते हैं, तो आपका चालान नहीं होना चाहिए।