रूस में VPN पर सख्ती बढ़ेगी, सरकार इंटरनेट कंट्रोल के लिए नए कदम उठा रही है।
रूस में VPN पर सख्ती और इंटरनेट कंट्रोल बढ़ाने की तैयारी
Photo Credit: Unsplash/ Petter Lagson
रूस में इंटरनेट कंट्रोल को और सख्त करने की तैयारी तेज हो गई है। सरकार अब वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPNs) पर और कड़ी कार्रवाई की योजना बना रही है, जिनका इस्तेमाल लाखों लोग इंटरनेट सेंसरशिप से बचने और ब्लॉक की गई वेबसाइट्स को एक्सेस करने के लिए करते हैं। देश के डिजिटल मंत्री Maksut Shadayev ने साफ किया है कि सरकार का लक्ष्य VPN यूसेज को कम करना है। हाल के महीनों में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर पाबंदी, मोबाइल इंटरनेट शटडाउन और वेबसाइट ब्लॉकिंग जैसे कदमों के बाद इसे रूस के डिजिटल स्पेस पर सबसे बड़ा crackdown माना जा रहा है।
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस में इसे “great crackdown” के तौर पर देखा जा रहा है, जहां सरकार ने पहले भी मोबाइल इंटरनेट को ब्लॉक किया है और मैसेजिंग सर्विसेज को बाधित किया है। अब सरकार का फोकस VPN के इस्तेमाल को कम करने पर है, ताकि इंटरनेट पर कंट्रोल और मजबूत किया जा सके।
डिजिटल मंत्री Shadayev ने बताया कि सरकार का लक्ष्य VPN यूसेज को कम करना है, लेकिन इसे इस तरह लागू किया जाएगा कि आम यूजर्स पर कम से कम असर पड़े। उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि कुछ विदेशी प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच को सीमित करने का फैसला लिया गया है, हालांकि इनके नाम सामने नहीं आए हैं।
2022 में Russia-Ukraine War शुरू होने के बाद से रूस में इंटरनेट और मीडिया पर सख्ती काफी बढ़ गई है। सरकार ने सख्त कानून लागू किए, सेंसरशिप को बढ़ाया और सिक्योरिटी एजेंसियों की भूमिका मजबूत की।
रिपोर्ट दावा करती है कि हाल के महीनों में WhatsApp को ब्लॉक किया गया है, Telegram की स्पीड कम की गई है और कई शहरों में मोबाइल इंटरनेट को बार-बार बाधित किया गया है। जनवरी के मिड तक रूस ने 400 से ज्यादा VPN सेवाओं को ब्लॉक कर दिया था, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 70 प्रतिशत ज्यादा है।
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