5 सालों में भारत बना लेगा अपना पोलर रिसर्च शिप! 2600 करोड़ रुपये में तैयार होगा जहाज

पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्र में वर्तमान में भारत के तीन रिसर्च बेस स्टेशन हैं।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 12 अगस्त 2023 19:38 IST
ख़ास बातें
  • भारत अपना शिप अगले 5 सालों में तैयार कर लेगा
  • पोलर रिसर्च वेसल (PRV) को तैयार करने की संभावित लागत 2600 करोड़ रुपये
  • पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्र में भारत के 3 रिसर्च बेस स्टेशन हैं

पोलर रिसर्च वेसल (PRV) को तैयार करने में संभावित लागत 2600 करोड़ रुपये की बताई गई है।

Photo Credit: Unsplash

पृथ्वी के ध्रुवों पर शोध के लिए भारत अपना शिप अगले 5 सालों में तैयार कर लेगा। केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरण रिजीजू की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। इसे पोलर रिसर्च वेसल (PRV) के नाम से तैयार किया जाएगा। यह भारत का पहला पोलर रिसर्च वेसल होगा जो अंटार्कटिका में मौजूद बेस स्टेशनों के लिए काम करेगा। राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री किरण रिजीजू ने इसकी जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि इसी साल इस शिप के लिए एक प्रपोजल कैबिनेट अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। 

राज्यसभा में प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि 2014 में 1,015 करोड़ रुपये में शिप को एक्वायर करने के लिए कैबिनेट की ओर से अप्रूवल दिया गया था। इसके लिए टेंडर भी निकाला गया था। लेकिन जिस कंपनी को यह शिप बनाना था, उसने कुछ ऐसी शर्तें रखी थीं जो टेंडर में शामिल नहीं थीं, इसलिए सरकार ने इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया था। NDTV के अनुसार, रिजीजू ने कहा कि उसके बाद फिर से कोशिश की गई, और अब वे इसका प्रपोजल एक्सपेंडीचर फाइनेंस कमिटी के पास भेजने के लिए तैयार हैं। 

पोलर रिसर्च वेसल (PRV) को तैयार करने में संभावित लागत 2600 करोड़ रुपये की बताई गई है। मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है, इस वित्तीय वर्ष में वे प्रपोजल रख देंगे और कैबिनेट के पास भेज देंगे। अगले पांच सालों में वह इस शिप को तैयार कर चुके होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ऐसे देशों के साथ इस संबंध में बातचीत कर रही है, जिनको इस मामले में एक्सपर्टीज हासिल है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि सरकार इस शिप को भारत में ही बनाना चाहती है। 

पृथ्वी के ध्रुवीय क्षेत्र में वर्तमान में भारत के तीन रिसर्च बेस स्टेशन हैं। इनमें से एक भारती है, एक मैत्री, और एक दक्षिण गंगोत्री के नाम से है। किरण रिजीजू ने बताया कि भारत को बर्फ को तोड़ सकने वाले जहाजों की जरूरत है ताकि रिसर्च सेंटरों तक पहुंच को आसान बनाया जा सके। इसके क्लाइमेट चेंज और अन्य शोध विषयों के बारे में बेहतर समझ पनप सकेगी। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. iQOO 15T आ रहा 200MP मेन कैमरा, 8000mAh बैटरी, धांसू फोटोग्राफी, गेमिंग फीचर्स के साथ, लॉन्च से पहले जानें सबक
#ताज़ा ख़बरें
  1. 400 लीटर क्षमता वाला फ्रिज Xiaomi ने किया लॉन्च, 1 घंटे में ऑटोमेटिक ही बनाता है बर्फ! जानें कीमत
  2. अंतरिक्ष में होने वाली है टक्कर! चांद से टकराएगा 8700 किमी प्रतिघंटा रफ्तार वाला रॉकेट का हिस्सा
  3. 70 फीट चौड़ा एस्टरॉयड आज पहुंच रहा धरती के पास! तबाही का खतरा?
  4. iQOO 15T आ रहा 200MP मेन कैमरा, 8000mAh बैटरी, धांसू फोटोग्राफी, गेमिंग फीचर्स के साथ, लॉन्च से पहले जानें सबकुछ
  5. यह लैपटॉप नहीं, पावरबैंक है! Krafted Edge, लैपटॉप चार्जिंग के लिए 20,000mAh का 65W पावरबैंक, जानें सबकुछ
  6. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  7. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  8. Samsung Galaxy M47 हुआ गीकबेंच पर लिस्ट, 8GB रैम, Snapdragon चिप का खुलासा
  9. 25 हजार सस्ता मिल रहा OnePlus का 4 कैमरों वाला फोन! धांसू डिस्काउंट ऑफर
  10. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.