Google डूडल ने दिलाई 'चिपको आंदोलन' की याद, बनाई यह तस्वीर

Google का ख़ास डूडल आज 'चिपको आंदोलन' की याद दिला रहा है। दरअसल सोमवार को 'चिपको आंदोलन' की 45वीं वर्षगांठ है, जिसे Google डूडल ने त्याग के उस आंदोलन को तस्वीर के माध्यम से दर्शाया है।

विज्ञापन
Mayank Dixit, अपडेटेड: 26 मार्च 2018 11:02 IST
ख़ास बातें
  • Google का ख़ास डूडल आज 'चिपको आंदोलन' पर
  • 'चिपको आंदोलन' की 45वीं वर्षगांठ पर गूगल ने बनाई अनूठी तस्वीर
  • आंदलोन एक शांत और प्रभावी आंदोलन की याद गूगल डूडल ने करवाई ताज़ा

गूगल डूडल

Google का ख़ास डूडल आज 'चिपको आंदोलन' की याद दिला रहा है। दरअसल सोमवार को 'चिपको आंदोलन' की 45वीं वर्षगांठ है, जिसे Google डूडल ने त्याग के उस आंदोलन को तस्वीर के माध्यम से दर्शाया है। चिपको आंदलोन एक शांत और प्रभावी आंदोलन था, जिसका उद्देश्य वन सुरक्षा था। आंदोलन की शुरुआत साल 1970 में में हुई थी, जिसमें लोगों ने ठान लिया था कि वे पेड़ों को नहीं कटने देंगे। आंदलोन में हिस्सा लेने वाले लोगों ने पेड़ को अपने हाथों से जकड़ लिया था। Google के डूडल में दर्शाया गया चिपको आंदोलन एक गांधीवादी आंदोलन था, जिसकी शुरुआत एक के बाद एक काटे जा रहे जंगलों को संरक्षित करने के लिए हुई थी।

आंदलोन की नींव राजस्थान से पड़ी। बिश्नोई समुदाय के लोगों ने पेड़ों को बांहों में लेना शुरू किया। दरअसल पेड़ों को कटवाने का आदेश जोधपुर के महाराजा ने दिया था। बाद में सभी बिश्नोई गांवों में पेड़ों को संरक्षित करने की इस मुहिम ने ज़ोर पकड़ लिया। आधुनिक भारत में चिपको आंदोलन की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मंडल गांव से हुई। यह साल 1973 का समय था। बाद में इस आंदोलन की हुंकार हिमालय से लगे क्षेत्रों में बढ़ी। सरकार ने खेल के सामान बनाने वाली कंपनियों को जंगल की ज़मीन देना शुरू किया, जिसका पुरज़ोर विरोध हुआ। इस कदम ने गांव के लोगों को गुस्से से भर दिया और सभी पेड़ों की कटाई को रोकने निकल पड़े। शुरुआत में चिपको आंदोलन का नेतृत्व महिलाओं ने किया लेकिन बाद में चांद चंदी प्रसाद भट्ट और उनके एनजीओ दशोली ग्राम स्वराज्य संघ ने मोर्चा संभाला।

Google डूडल के आज के विषय पर विस्तार से बात की जाए तो उत्तर प्रदेश में चिपको आंदोलन की सफलता के बाद यह देश के अन्य हिस्सो में भी फैला। चिपको आंदोलन के प्रमुख चेहरों की बात करें तो धूम सिंह नेगी, बचनी देवी, गौरा देवी और सुदेशा देवी जैसा नाम हैं। गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित सुंदरलाल बहुगुणा ने भी इस आंदोलन को दिशा और दशा देने का काम किया। उनकी पहल से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वृक्ष-कटाई पर रोक लगाई।

Google ने इस मौके पर बताया, ''चिपको आंदोलन एक ईको-फेमिनिस्ट मूवमेंट था। महिलाओं ने इस आंदोलन को नई  दिशा दी। उस दौरान भारी मात्रा में पेड़ों के कटने से क्षेत्रों में पीने के पानी जैसी बड़ी समस्याएं खड़ी हो सकती थीं।''Google ने डूडल में स्वभु कोहली और विप्लव सिंह द्वारा तैयार किए गए चित्र को प्रदर्शित किया है। Google डूडल ने उस दौर की यादों को ज़िंदा कर दिया है, जब महिलाओं समेत सभी आंदोलनकारियों ने पेड़ों को कटने से बचाने के लिए बांहों में भर लिया था और सरकार को अपने फैसले के लिए झुकना पड़ा था। अगर आप भी इस आंदोलन से जुड़े किसी सदस्य को जानते हैं तो जिस तरह Google ने उन्हें याद किया, उसी तरह आप भी उनसे मिलकर उन्हें एक 'जादू की झप्पी' ज़रूर दें।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Realme C83 5G भारत में लॉन्च: बजट में 7000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स
#ताज़ा ख़बरें
  1. Honor X80i में मिल सकती है 6,800mAh की बैटरी, TENAA पर हुई लिस्टिंग
  2. Poco C85x 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, डुअल रियर कैमरा यूनिट
  3. कौन सा ऐप खा रहा है फोन की बैटरी? जल्द खुद बताएगा Google
  4. Poco X8 Pro Max में हो सकता है MediaTek Dimensity 9500s चिपसेट, Geekbench पर हुई लिस्टिंग
  5. Google Pixel 10a की भारत में शुरू हुई बिक्री, 5,100mAh की बैटरी, जानें प्राइस, ऑफर्स
  6. itel ने भारत में लॉन्च किया Zeno 100 स्मार्टफोन, Rs 7 हजार में 5000mAh बैटरी और 90Hz डिस्प्ले
  7. Realme C83 5G भारत में लॉन्च: बजट में 7000mAh बैटरी और 144Hz डिस्प्ले, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स
  8. Samsung ने बढ़ाए कई स्मार्टफोन के दाम, 3,000 रुपये तक महंगे हुए ये मॉडल्स!
  9. Motorola Edge 70 Fusion भारत में लॉन्च: इसमें हैं 7,000mAh बैटरी और गेमर्स के लिए 120 fps गेमिंग जैसे फीचर्स, जानें कीमत
  10. Rs 2 हजार सस्ता मिल रहा है Nothing Phone 3a, इसके बैक पैनल की टिमटिमाती लाइटें हैं खास
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.