Google पर आरोप, यूजर्स के लोकेशन डेटा पर नजर रखकर कमा रही मुनाफा

इस मामले में तीन अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने Google के खिलाफ केस दायर किया गया है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 25 जनवरी 2022 19:57 IST
ख़ास बातें
  • आरोप है कि Google अपने यूजर्स की डिटेल प्रोफाइल बनाती है
  • जुटाए गए डेटा के साथ ज्‍यादा टारगेटेड विज्ञापन बेचती है
  • कहा गया है कि Google ने कंस्‍यूमर्स को झूठा भरोसा दिलाया है

Google ने कहा है कि अधिकारियों के दावे गलत और उसकी सेटिंग से जुड़े पुराने दावों पर आधारित थे।

अमेरिका के शीर्ष न्याय अधिकारियों के एक ग्रुप ने Google पर यूजर्स के लोकेशन डेटा पर नजर रखने और प्रॉफ‍िट कमाने का आरोप लगाया है। तर्क दिया गया है कि Google डिटेल प्रोफाइल बनाती है और अपने अरबों यूजर्स से जुटाए गए डेटा के साथ ज्‍यादा टारगेटेड विज्ञापन बेचती है। यूजर की लोकेशन इसमें एक अहम हिस्‍सा होती है। एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन में अटॉर्नी जनरल कार्ल रैसीन ने कहा कि Google ने कंस्‍यूमर्स को यह झूठा भरोसा दिलाया है कि उनके अकाउंट और डिवाइस की सेटिंग बदलने से कस्‍टमर अपनी प्राइवेसी को प्रोटेक्‍ट कर सकेंगे। इस मामले में तीन अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने Google के खिलाफ केस दायर किया गया है।

Google ने कहा है कि अधिकारियों के दावे गलत थे और उसकी सेटिंग से जुड़े पुराने दावों पर आधारित थे। एक बयान में Google ने कहा कि हमने हमेशा अपने प्रोडक्‍ट्स में प्राइवेसी फीचर्स जोड़े हैं। लोकेशन डेटा के लिए मजबूत कंट्रोल दिया है। हम सख्ती से अपना बचाव करेंगे। 

अटॉर्नी जनरल रैसीन ने तर्क दिया कि 2014 से 2019 तक Google ने दावा किया कि यूजर्स अपनी "लोकेशन  हिस्‍ट्री" सेटिंग को बंद कर सकते हैं और ‘यूजर जिन जगहों पर जाते हैं, उन्‍हें स्‍टोर नहीं किया जाता है।' रैसीन ने  कहा कि यह गलत है। उन्‍होंने आरोप लगाया है कि लोकेशन हिस्‍ट्री बंद होने पर भी Google अपने यूजर्स की लोकेशन कलेक्‍ट और स्‍टोर करती है। 

अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि टेक दिग्‍गज कंपनी गूगल ने ‘डार्क पैटर्न' या डिजाइन ट्रिक्स का इस्तेमाल किया है। इसका मकसद यूजर्स की पसंद को प्रभावित करना है, ताकि कंपनी को फायदा पहुंच सके। 

रैसीन के ऑफ‍िस ने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ ऐप्स में लोकेशन देने के लिए यूजर्स को बार-बार प्रेरित किया गया। दावा किया गया कि इससे प्रोडक्‍ट ठीक से काम करेगा, जबकि हकीकत में उस ऐप के लिए लोकेशन देने की जरूरत नहीं थी। 
Advertisement

इंडियाना की अटॉर्नी जनरल टॉड रोकिता ने एक बयान में कहा कि लिमिटेड मात्रा में लोकेशन डेटा से भी किसी शख्‍स की पहचान और रूटीन का पता चल सकता है। उन्होंने कहा कि इस जानकारी का इस्‍तेमाल यूजर के राजनीतिक या धार्मिक विश्वासों के बारे में जानने, इनकम, हेल्‍थ और अन्‍य सेंसटिव पर्सनल डिटेल्‍स का अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 20 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Google Pixel 10, ये प्लेटफॉर्म दे रहा तगड़ा डिस्काउंट
#ताज़ा ख़बरें
  1. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  2. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  3. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
  4. Moto G37 और Moto G37 Power जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Flipkart के जरिए होगी बिक्री
  5. Amazon पर AI बनाएगा शॉपिंग आसान, सुझाव से तुलना तक बोलकर होगा सबकुछ!
  6. Tesla ने बेंगलुरु में खोला पहला शोरूम, ऑफ्टर सेल्स सपोर्ट होगी मजबूत 
  7. HMD Vibe 2 5G में मिल सकता है Unisoc T8200 चिपसेट, लीक हुई प्राइसिंग
  8. PUBG के बाद अब ARC Raiders गेम का जलवा, बिक्री पहुंची 1.6 करोड़ पार!
  9. Vivo X500 में मिल सकती है बड़ी स्क्रीन, MediaTek Dimensity 9600 चिपसेट
  10. Redmi K100 Pro Max में होगा धांसू कैमरा, दमदार चिपसेट! सितंबर में संभव लॉन्च
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.