WhatsApp नहीं है सुरक्षित, Elon Musk ने उठाया प्राइवेसी पर सवाल

WhatsApp की प्राइवेसी को लेकर बड़े सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि हाल ही में कंपनी पर मुकदमा दायर हुआ है।

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Written by साजन चौहान, अपडेटेड: 28 जनवरी 2026 09:35 IST
ख़ास बातें
  • अरबपति एलोन मस्क ने वॉट्सऐप पर निशाना साधा है।
  • एलोन मस्क ने कहा कि वॉट्सऐप सुरक्षित नहीं है।
  • मेटा के यूजर्स डाटा मैनेजमेंट पर सवाल उठ रहे हैं।

WhatsApp का उपयोग दुनिया भर में सबसे ज्यादा किया जाता है।

Photo Credit: Pexels/Anton

WhatsApp की प्राइवेसी को लेकर बड़े सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि हाल ही में कंपनी पर मुकदमा दायर हुआ है। एक इंटरनेशनल ग्रुप ने मेटा प्लेटफॉर्म्स पर मुकदमा दायर किया, जिसमें कंपनी पर वॉट्सऐप चैट सर्विस की प्राइवेसी और सुरक्षा के बारे में झूठे दावे करने का आरोप लगाया गया है। अब दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलोन मस्क ने वॉट्सऐप पर निशाना साधा है, उन्होंने कहा कि वॉट्सऐप सुरक्षित नहीं है। आइए जानते हैं कि वॉट्सऐप का पूरा मामला क्या है।

मेटा के वॉट्सऐप की प्राइवेसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिसमें अन्य कंपनियों के लोग भी मेटा के यूजर्स डाटा मैनेजमेंट पर सवाल खड़े कर रहे हैं। आरोपों में पता चला है कि वॉट्सऐप मैसेज को लेकर जितना दावा किया जाता है, उतने प्राइवेट नहीं है। एलोन मस्क और जोहो के फाइंडर श्रीधर वेम्बू ने X पर कई पोस्ट में मेटा को निशाना बनाया है।

एलोन मस्क ने मंगलवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि WhatsApp सुरक्षित नहीं है। Signal पर भी सवाल है। XChat का उपयोग करो।

श्रीधर वेम्बू ने X पर पोस्ट में लिखा कि सामान्य तौर पर जब आप यूजर्स की आदतों पर बेस्ड ऐड पर निर्भर होते हैं तो प्राइवेसी कभी भी प्राथमिकता नहीं हो सकती है। कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट (हितों का टकराव) असली और गंभीर है। इसके साथ ही अधिक वैल्यूएशन को सही ठहराते हुए लगातार बढ़ते मुनाफे के लिए पब्लिक मार्केट का दबाव भी है, ऐसे में यह मानना ​​भोलापन होगा कि ये कंपनियां यूजर्स की प्राइवेसी को सबसे पहले रखेंगी।

वॉटसऐप पर क्या है मुकदमा?


ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सैन फ्रांसिस्को में यूएस जिला कोर्ट में शुक्रवार को दायर किए गए केस में ग्रुप ने Meta के प्राइवेसी संबंधित दावों को झूठा बताया है और कहा है कि वॉट्सऐप लगभग सभी यूजर्स की निजी बातचीत को स्टोर करता है, उनका विश्लेषण करता है और उन्हें एक्सेस कर सकता है। इन आरोपों के जवाब में Meta के एक प्रवक्ता ने बताया कि केस बेकार है। कंपनी ग्रुप के वकीलों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। 

मेटा ने 2014 में वॉट्सऐप को खरीदा था और उसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को शामिल किया था। यह एक ऐसा एन्क्रिप्शन है जिसका मतलब है कि मैसेज सिर्फ सेंडर और रिसिवर को ही नजर आते हैं। वॉट्सऐप की एन्क्रिप्टेड चैट डिफॉल्ट तौर पर चालू होती हैं। ऐप में एक मैसेज नजर आता है जिसमें लिखा होता है कि दो या दो से ज्यादा लोगों के बीच होने वाले मैसेज को सिर्फ इस चैट में मौजूद लोग ही पढ़, सुन या शेयर कर सकते हैं।

 

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ये भी पढ़े: WhatsApp, WhatsApp Privacy, Elon Musk, Sridhar Vembu

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