दक्षिण भारत से BenQ को प्रोजेक्टर्स के लिए सबसे अधिक डिमांड मिल रही है। इस रीजन से कंपनी को बिजनेस का लगभग 39 प्रतिशत मिलता है। आंध्र प्रदेश और हैदराबाद में मूवीज से जुड़ी डिमांड ज्यादा है
पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 690 करोड़ रुपये का था
देश में फेस्टिव सीजन की शुरुआत के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स और डिवाइसेज की डिमांड में बढ़ोतरी हो रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री पर कंपोनेंट्स की कॉस्ट बढ़ने और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के कारण प्रेशर के बावजूद, BenQ को देश में पिछले वर्ष की तुलना में मजबूत ग्रोथ दिख रही है। इस वर्ष कंपनी का टारगेट लगभग 1,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करने का है। BenQ को बिजनेस-टु-बिजनेस (B2B) और बिजनेस-टु-कंज्यूमर (B2C) सेगमेंट्स से ग्रोथ मिल रही है। भारत और साउथ एशिया के लिए BenQ के मैनेजिंग डायरेक्टर, Rajeev Singh ने Gadgets 360 ने कंपनी की ग्रोथ की योजना, B2B और B2C सेगमेंट्स में डिमांड में बदलाव और होम प्रोजेक्टर्स की बढ़ती लोकप्रियता पर बातचीत की है। प्रस्तुत हैं इसके मुख्य अंशः
भारत में ग्रोथ और मार्केट के लिहाज से BenQ के लिए पिछला वर्ष कैसा रहा है और इस वर्ष के लिए आपने बिजनेस या रेवेन्यू के लिए क्या टारगेट रखे हैं?
पिछले फाइनेंशियल ईयर में हमारा रेवेन्यू लगभग 690 करोड़ रुपये का था। यह इससे पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी थी। हमारा फाइनेंशियल ईयर जनवरी से दिसंबर तक होता है। हमने मौजूदा वर्ष के लिए 1,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू का टारगेट रखा है। यह लगभग 45 प्रतिशत की ग्रोथ होगी। इस वर्ष के शुरुआती नौ महीनों में हम सही रास्ते पर हैं और दिसंबर में हमारा रेवेन्यू 1,000 करोड़ रुपये का होना चाहिए।
BenQ की सप्लाई चेन और कॉस्ट पर मिडल ईस्ट में तनाव और कंपोनेंट्स की शॉर्टेज का क्या असर पड़ रहा है?
हमारे बिजनेस पर मिडल ईस्ट में तनाव का असर नहीं पड़ा है। हमने बफर के तौर पर एक महीने का अतिरिक्त स्टॉक रखा है। इससे पहले हम 30-40 दिनों के स्टॉक के साथ बिजनेस करते थे। इसे 60-70 दिनों के स्टॉक तक बढ़ाया गया है। हालांकि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से हार्डवेयर की डिमांड बढ़ने की वजह से मेमोरी कंपोनेंट्स, प्रोसेसर्स और PCBs की शॉर्टेज हो रही है और इससे प्राइसेज बढ़े हैं। PCB की शॉर्टेज का हमारे बिजनेस पर भी असर पड़ा है। यह एक चुनौती है और हम इससे निपटने की तैयारी कर रह हैं।
BenQ का बिजनेस B2B और B2C के बीच कैसे बंटा है और इस वर्ष किस सेगमेंट से ग्रोथ बढ़ी है?
हमारे बिजनेस में इन दोनों सेगमेंट का लगभग समान योगदान है। पिछले वर्ष हमारे बिजनेस में B2C का योगदान लगभग 60 प्रतिशत का था। सरकार के बहुत से स्मार्ट क्लासरूम प्रोजेक्ट्स में पिछले वर्ष देरी हुई थी। इसका हमारे B2B बिजनेस पर असर पड़ा था। इस सेगमेंट में सरकार के एजुकेशनल प्रोजेक्ट्स की बड़ी हिस्सेदारी है। इस वर्ष एजुकेशन से जुड़े बिजनेस में रिकवरी हो रही है। हालांकि, हमारे अनुमान से यह कम है। B2C में लगभग 30 प्रतिशत और B2B में लगभग 50 प्रतिशत की ग्रोथ है। ये दोनों सेगमेंट अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
भारत का कौन सा रीजन BenQ के लिए प्रोजेक्टर्स के लिहाज से सबसे बड़ा मार्केट है?
दक्षिण भारत से हमें प्रोजेक्टर्स के लिए सबसे अधिक डिमांड मिल रही है। इस रीजन से हमारे बिजनेस का लगभग 39 प्रतिशत मिलता है। दक्षिण भारत में लोग टेक्नोलॉजी की अधिक समझ रखते हैं और मि़ड-रेंज और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर खर्च करने के लिए तैयार हैं। वे बड़ी स्क्रीन पर कंटेंट देखना पसंद करते हैं। आंध्र प्रदेश और हैदराबाद में मूवीज से जुड़ी डिमांड ज्यादा है। देश के उत्तरी हिस्से में इन प्रोडक्ट्स को लेकर इतनी दिलचस्पी नहीं है। कर्नाटक, विशेषतौर पर बेंगलुरु में टेक्नोलॉजी का पक्ष सबसे मजबूत है। केरल में भी हमारा मजबूत बिजनेस है और वहां मॉनिटर्स में हमारा पहला रैंक है।
एक अच्छा होम प्रोजेक्टर खरीदने के लिए कितना बजट होना चाहिए?
आपको एक अच्छा प्रोजेक्टर 50,000 रुपये से 70,000 रुपये की रेंज में मिल जाएगा। बहुत से सस्ते प्रोजेक्टर्स लगभग 10,000 रुपये से 20,000 रुपये के बीच उपलब्ध हैं लेकिन इनके स्पेसिफिकेशंस और प्रदर्शन का लेवल कम हो सकता है। आपको बेहतर प्रदर्शन वाले DLP लेजर प्रोजेक्टर्स 50,000 रुपये से 70,000 रुपये की रेंज में मिल सकते हैं। BenQ के कुछ प्रोजेक्टर्स भी इस प्राइस सेगमेंट में उपलब्ध हैं।
क्या आपको लगता है कि आगामी वर्षों में TVs की प्रोजेक्टर्स जगह ले सकते हैं?
मेरा मानना है कि ऐसा हो सकता है और यह कई मार्केट सेगमेंट्स में होगा। एंट्री लेवल पर यह पहले ही हो रहा है। आप 10,000 रुपये से 20,000 रुपये की रेंज में प्रोजेक्टर्स खरीद सकते हैं। लोगों को प्रोजेक्टर पर कंटेंट देखने की आदत लग जाएगी और उनका TV पर वापस जाना मुश्किल होगा। वे 20,000 रुपये से 25,000 रुपये के प्रोजक्टर के साथ शुरुआत कर सकते हैं और बाद में DLP प्रोजेक्टर पर अपग्रेड कर सकते हैं, जिसकी कॉस्ट 60,000 रुपये से 70,000 रुपये के बीच होती है। क्रिकेट जैसे ज्यादा अवधि वाले कंटेंट को TV पर देखने से कुछ लोगों की आंखों में समस्या हो सकती है। प्रोजेक्टर से व्युइंग का अलग एक्सपीरिएंस मिलता है और इस पर यूजर्स 120 या 150 इंच की बड़ी इमेज को स्क्रीन के पास बैठकर देख सकते हैं।
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अंकित शर्मा Gadgets 360 में डिप्टी ...और भी