WhatsApp पर स्कैम से खुद का कैसे करें बचाव, ये टूल आएंगे काम

वॉट्सऐप कई टूल के जरिए यूजर्स को सेफ्टी प्रदान करता है।

WhatsApp पर स्कैम से खुद का कैसे करें बचाव, ये टूल आएंगे काम

Photo Credit: Pexels/Markus Winkler

ऑनलाइन स्कैम में तेजी के साथ इजाफा हो रहा है।

ख़ास बातें
  • इंटरनेट के इस युग में लाइफ आसान हुई है।
  • ऑनलाइन स्कैम में तेजी के साथ इजाफा हो रहा है।
  • स्कैमर्स की नजर हमेशा निजी जानकारी और डाटा पर रहती है।
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इंटरनेट के इस दौरान में लाइफ आसान हुई है, लेकिन इसी के साथ ऑनलाइन स्कैम में इजाफा भी हो रहा है। फ्रॉड करने वालों की नजर हमेशा आपकी निजी जानकारी और डाटा पर रहती है। अक्सर फ्रॉड खुद को ऑफिशियल, बिजनेस और भरोसेमंद कॉन्टैक्ट से होने का दावा करते हुए संपर्क करते  हैं। वॉट्सऐप पर फेक ओटीपी और पेमेंट रिक्वेस्ट के लिए बोलकर स्कैम डिजाइन किए जाते हैं, जिससे भोले भाले यूजर फंस जाते हैं और अपनी जानकारी स्कैमर्स को सौंप देते हैं। अब इन फ्रॉड से बचाव के लिए वॉट्सऐप सेफ्टी उपाए प्रदान करता है। आज हम आपको 5 ऐसे टूल के बारे में बता रहे हैं, जिससे आप स्कैम से अपना बचाव कर सकते हैं।

कॉलर को साइलेंस करना
साइलेंस अननोन कॉलर फीचर उन नंबर से आने वाले स्पैम और स्कैम कॉल को अपने-आप रोक सकता है जो कि यूजर्स के कॉन्टैक्ट्स में सेव नहीं होते हैं। साइलेंस हुई कॉल कॉल्स टैब और नोटिफिकेशन में तो नजर आती है, लेकिन यूजर को सीधे तौर पर कोई रुकावट या परेशानी नहीं होती है।

कॉन्टेक्स्ट कार्ड
कॉन्टेक्स्ट कार्ड चैट और ग्रुप में अतिरिक्त जानकारी प्रदान करते हैं। जैसे कि क्या नंबर सेव है, क्या कोई ग्रुप कॉमन है, क्या अकाउंट नया बना है, या क्या वह विदेश में रजिस्टर्ड है। इन जानकारी से यूजर को जवाब देने, ब्लॉक करने या रिपोर्ट करना है आदि जैसे कदम उठाने में मदद करती है।

स्क्रीन शेयरिंग वॉर्निंग
स्कैमर अक्सर सेंसिटिव डाटा चोरी करने के लिए वीडियो कॉल के दौरान विक्टिम पर स्क्रीन शेयर करने का प्रेशर करते हैं। WhatsApp स्क्रीन शेयरिंग वॉर्निंग प्रदान करता है जब यूजर अनजान कॉन्टैक्ट्स के साथ स्क्रीन शेयर करने की कोशिश करते हैं, जिससे उन्हें जोखिमों के बारे में पता चल जाता है।

डिवाइस लिंकिंग अलर्ट
फ्रॉड करने वाले लोगों को उनके वॉट्सऐप अकाउंट को किसी दूसरे डिवाइस से लिंक करने के लिए पागल बना सकते हैं। नई डिवाइस लिंकिंग वॉर्निंग संदिग्ध रिक्वेस्ट की पहचान करती है, उनका सोर्स दिखाती है और यूजर को चेतावनी देती है।

टू-स्टेप वेरिफिकेशन
टू-स्टेप वेरिफिकेशन अकाउंट को रीसेट या वेरिफाई करते हुए 6 डिजिट का PIN डालने की जरूरत पड़ती है। जिससे अनऑथराइज्ड एक्सेस और अकाउंट पर गलत कब्जा होने से सिक्योरिटी मिलती है।

प्रोएक्टिव अलर्ट और यूजर-कंट्रोल्ड फीचर के साथ WhatsApp एक भरोसेमंद कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के तौर पर खुद को बेहतर कर रहा है। ये टूल सिक्योरिटी मजबूत करते हैं और स्कैमर से बचाव के लिए ज्यादा सुरक्षित प्रदान करते हैं।

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साजन चौहान

साजन चौहान Gadgets 360 में सीनियर सब एडिटर हैं। उन्हें विभिन्न प्रमुख ...और भी

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