क्रिप्टोकरेंसीज से हो सकता है इकोनॉमी को खतराः RBI

RBI का कहना है कि कुछ देशों में इस सेगमेंट को स्वीकृति मिलने के बावजूद उसकी पोजिशन में इसे लेकर बदलाव नहीं हुआ है

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Written by आकाश आनंद, अपडेटेड: 11 जनवरी 2024 18:01 IST
ख़ास बातें
  • RBI का मानना है कि क्रिप्टोकरेंसीज के साथ कोई वैल्यू नहीं जुड़ी
  • यह मैक्रोइकोनॉमिक और फाइनेंशियल स्थिरता के लिए खतरा हो सकता है
  • कुछ देशों में इस सेगमेंट के लिए रूल्स बनाए जा रहे हैं

अमेरिका में सिक्योरिटीज रेगुलेटर SEC के बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड को स्वीकृति दी है

पिछले कुछ वर्षों में क्रिप्टोकरेंसीज का मार्केट तेजी से बढ़ा है। हालांकि, इस सेगमेंट को लेकर कुछ देशों में रेगुलेटर्स ने चेतावनी भी दी है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने क्रिप्टोकरेंसीज को लेकर इमर्जिंग मार्केट्स को खतरे की चेतावनी दोहराई है। RBI का कहना है कि कुछ देशों में इस सेगमेंट को स्वीकृति मिलने के बावजूद उसकी पोजिशन में इसे लेकर बदलाव नहीं हुआ है। 

अमेरिका में सिक्योरिटीज रेगुलेटर SEC के बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) को स्वीकृति देने से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में RBI के गवर्नर Shaktikanta Das ने कहा, "क्रिप्टोकरेंसीज पर चाहे कोई कुछ भी करे लेकिन RBI और मेरी पोजिशन नहीं बदली है। इमर्जिंग मार्केट्स की इकोनॉमी के लिए यह एक बड़ा खतरा है और इस पर आगे जाकर नियंत्रण करना बहुत मुश्किल होगा।" दास का कहना था कि क्रिप्टोकरेंसीज के साथ कोई वैल्यू नहीं जोड़ी और इससे मैक्रोइकोनॉमिक और फाइनेंशियल स्थिरता को खतरा हो सकता है। RBI ने क्रिप्टोकरेंसीज के बारे में कुछ वर्ष पहले एक सर्कुलर जारी कर उसके रेगुलेशंस के तहत आने वाली एंटिटीज पर ऐसे इंस्ट्रूमेंट्स में डील करने को लेकर रोक लगाई थी। हालांकि, इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने RBI के इस सर्कुलर को खारिज कर दिया था। 

सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी या ई-रुपी को दास ने महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि RBI इसके किसानों को सब्सिडी जैसे कैश ट्रांसफर्स के लिए इस्तेमाल की संभावना तलाश रहा है। इसके साथ ही होलसेल जैसे नए सेगमेंट्स में इसके लिए ट्रायल शुरू करने की योजना है। पिछले वर्ष होम मिनिस्टर अमित शाह ने क्रिप्टो और मेटावर्स से जुड़े रिस्क को डायनामाइट के विस्फोट जैसा खतरनाक बताया था। उन्होंने कहा था कि इससे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर एक साझा स्ट्रैटेजी बनाने की जरूरत है। 

G20 की एक मीटिंग को संबोधित करते हुए शाह ने कहा था कि क्रिप्टो से जुड़े रिस्क डायनामाइट के विस्फोट या हवाला के मामलों जितने गंभीर हैं। उनका कहना था कि सिक्योरिटी को लेकर खतरों के प्रकार में बदलाव आया है और यह एक गंभीर चिंता का विषय है। शाह ने कहा, "हमारे सुरक्षा के पुराने खतरों में बदलाव हो रहा है। यह डायनाइट के विस्फोट से मेटावर्स और हवाले से क्रिप्टोकरेंसी में बदल रहे हैं। यह सभी देशों के लिए चिंता का एक विषय है। इससे निपटने के लिए एक साझा स्ट्रैटेजी बनानी होगी।"  

 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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