फर्जी स्कीम, बाल यौन शोषण, आतंकवाद बढ़ाने तक में खूब इस्तेमाल होता है Dogecoin!

डॉजकॉइन को फाइनेंशिअल फ्रॉड, स्कैम, झांसे वाली स्कीमों और दूसरे गंभीर अपराधों जैसे आतंकवाद और बाल यौन शोषण में भी इस्तेमाल किया जाता है

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हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 23 जून 2022 10:22 IST
ख़ास बातें
  • फाइनेंशिअल फ्रॉड, स्कैम, झांसे वाली स्कीमों में होता है DOGE इस्तेमाल
  • डार्कबेव में भी डॉजकॉइन को कई जगह स्वीकार किया जाता है
  • एलन मस्क के ट्वीट से इस मीम टोकन की कीमत अक्सर प्रभावित होती रहती है

डॉजकॉइन का इस्तेमाल काले कारनामों में जमकर किया जाता है

Dogecoin को कुछ साल पहले जब एक मज़ाक के रूप में शुरू किया गया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन यह क्रिप्टोकरेंसी इतनी पॉपुलर होगी और टॉप क्रिप्टो टोकनों की लिस्ट में शामिल होगी। एलन मस्क जैसे अरबपति भी डॉजकॉइन के फैन हैं। लेकिन डॉजकॉइन की ये पॉपुलरिटी केवल बाहर ही नहीं, अंदर की दुनिया में भी उतनी ही ज्यादा है। एक नई रिपोर्ट कहती है कि काले कारनामों में डॉजकॉइन का जमकर  इस्तेमाल किया जाता है। 

Elliptic Connect की एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है, जिसमें खुलासा किया गया है कि अपराधी अपने काले कारनामों में डॉजकॉइन का बड़ी मात्रा में इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, डॉजकॉइन को फाइनेंशिअल फ्रॉड, स्कैम, झांसे वाली स्कीमों और दूसरे गंभीर अपराधों जैसे आतंकवाद और बाल यौन शोषण में भी इस्तेमाल किया जाता है। खुलासे में लाखों डॉलर की डॉजकॉइन क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल आतंकवाद और बाल यौन शोषण में किया गया बताया गया है। 

इतना ही नहीं, रिपोर्ट में कहा गया है कि अपराधियों ने डॉजकॉइन के रूप में अब तक लोगों का लाखों डॉलर का चूना लगाया है। इसमें साइबर चोरी, स्कैम और झांसा देने वाली स्कीम शामिल हैं जिनके माध्यम से लोगों का पैसा चुराया जाता है और डॉजकॉइन के रूप में ट्रांसफर किया जाता है। Dogecoin की कीमत की बात करें तो वर्तमान में यह 4.9 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। पिछले कुछ दिनों से इसकी कीमत में इजाफा देखा गया है।

डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल अब साइबर अपराधों में बढ़ रहा है। डार्कबेव में भी डॉजकॉइन को कई जगह स्वीकार किया जाता है जैसे कि ड्रग सेल, चुराए गए क्रेडिट कार्ड के वैरीफायर के रूप में, और गैरकानूनी चीजें खरीदने जैसे कि हथियारों की बिक्री और चुराई गई चीजों आदि के लिए भी डॉजकॉइन का इस्तेमाल होता है। रिपोर्ट कहती है कि आजकल मालवेयर और कंप्यूटर वायरस ज्यादा पाए जा रहे हैं जो डॉजकॉइन चोरी करने के लिए प्रोग्राम किए जाते हैं। यानि कि ऐसे कम्प्यूटर वायरस और मालवेयर की संख्या बढ़ती जा रही है जो यूजर्स के वॉलेट से डॉजकॉइन चोरी करते हैं। अब तक लाखों डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी को इस तरह के टूलों के माध्यम से चुराया जा चुका है। 

अरबपति एलन मस्क के ट्वीट से इस मीम टोकन की कीमत अक्सर प्रभावित होती रहती है। अभी हाल ही में मस्क ने डॉजकॉइन को लेकर ट्वीट किया था कि वो आगे भी DOGE को सपोर्ट करते रहेंगे। जिसके बाद इसकी कीमत में लगभग 11 प्रतिशत का उछाल आया है। 
 
 

ये भी पढ़ेंभारतीय एक्सचेंजों में क्रिप्टोकरेंसी की कीमतें

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ये भी पढ़े: , Dogecoin, Cyber Crime, Ponzi schemes, Child Abuse, Drug abuse

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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