बिटकॉइन पर बिकवाली का प्रेशर, 41,000 डॉलर से नीचे हुआ प्राइस

हाल ही में RBI ने कहा था कि कुछ देशों में इस सेगमेंट को स्वीकृति मिलने के बावजूद उसकी पोजिशन में इसे लेकर बदलाव नहीं हुआ है

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Written by राधिका पाराशर, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 22 जनवरी 2024 17:19 IST
ख़ास बातें
  • पिछले वर्ष के अंत में जोरदार तेजी के बाद बिटकॉइन में गिरावट है
  • इसके पीछे प्रॉफिट बुकिंग बड़ा कारण है
  • क्रिप्टो की मार्केट वैल्यू 1.78 प्रतिशत घटकर लगभग 1.61 लाख करोड डॉलर थी

अमेरिका में बिटकॉइन ETF को स्वीकृति मिलने के बावजूद इसके प्राइस में कमजोरी है

मार्केट वैल्यू के लिहाज से सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin में सोमवार को लगभग 1.72 प्रतिशत की गिरावट थी। इसका प्राइस लगभग 40,955 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। पिछले वर्ष के अंत में जोरदार तेजी के बाद बिटकॉइन में गिरावट है। इसके पीछे प्रॉफिट बुकिंग बड़ा कारण है। अमेरिका में 11 बिटकॉइन ETF को स्वीकृति मिलने के बावजूद इसके प्राइस में कमजोरी है। 

दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ether का प्राइस 2.28 प्रतिशत घटकर लगभग 2,417 डॉलर पर था। इसके अलावा Tether, Cardano, Solana, Ripple, Tron और Polkadot के प्राइस भी घटे हैं। तेजी वाली क्रिप्टोकरेंसीज में Litecoin, Iota और Qtum शामिल थी। पिछले एक दिन में क्रिप्टो का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.78 प्रतिशत कम होकर लगभग 1.61 लाख करोड़ डॉलर पर था। 

क्रिप्टो फर्म Mudrex के CEO, Edul Patel ने Gadgets360 को बताया, "बिटकॉइन ने वीकेंड पर 41,000 डॉलर से अधिक के लेवल को बरकरार रखा था। मार्केट में तेजड़ियों और मंदड़ियों के बीच दबदबे के लिए मुकाबला है। Ethereum का प्राइस 2,400 डॉलर से कुछ अधिक है। इसे 2,500 डॉलर से अधिक पर ले जाने में तेजड़ियों की नाकामी से यह इस सप्ताह 2,400 डॉलर से नीचे जा सकता है।" कुछ देशों में रेगुलेटर्स ने क्रिप्टोकरेंसीज के खिलाफ अपना कड़ा रवैया बरकरार रखा है। 

हाल ही में RBI ने कहा था कि कुछ देशों में इस सेगमेंट को स्वीकृति मिलने के बावजूद उसकी पोजिशन में इसे लेकर बदलाव नहीं हुआ है। अमेरिका में सिक्योरिटीज रेगुलेटर SEC के बिटकॉइन एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) को स्वीकृति देने से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में RBI के गवर्नर Shaktikanta Das ने कहा था, "क्रिप्टोकरेंसीज पर चाहे कोई कुछ भी करे लेकिन RBI और मेरी पोजिशन नहीं बदली है। इमर्जिंग मार्केट्स की इकोनॉमी के लिए यह एक बड़ा खतरा है और इस पर आगे जाकर नियंत्रण करना बहुत मुश्किल होगा।" दास का कहना था कि क्रिप्टोकरेंसीज के साथ कोई वैल्यू नहीं जोड़ी और इससे मैक्रोइकोनॉमिक और फाइनेंशियल स्थिरता को खतरा हो सकता है। RBI ने क्रिप्टोकरेंसीज के बारे में कुछ वर्ष पहले एक सर्कुलर जारी कर उसके रेगुलेशंस के तहत आने वाली एंटिटीज पर ऐसे इंस्ट्रूमेंट्स में डील करने को लेकर रोक लगाई थी। हालांकि, इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस सर्कुलर को खारिज कर दिया गया था। 

 
 

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