WhatsApp बच्चों के लिए सेकेंडरी अकाउंट और पैरेंटल कंट्रोल फीचर पर काम कर रहा है, जिसकी डिटेल्स सामने आई हैं।
WhatsApp बच्चों के अकाउंट के लिए नया Parental Control फीचर तैयार कर रहा है
Photo Credit: Pixabay
WhatsApp पैरेंटल कंट्रोल और बच्चों के लिए सेकेंडरी अकाउंट्स को लेकर अपने फीचर्स पर काम आगे बढ़ा रहा है, जिसके आने के बाद माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता के कम या पूरी तरह से खत्म होने की संभावना है। पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया, खासतौर पर WhatsApp पर नाबालिकों के साथ साइबर बुलिंग या क्राइम की घटनाएं बढ़ी है और दुनियाभर की सरकारें इसे गंभीरता से ले रही हैं। हाल ही में खबर आई थी कि Meta के स्वामित्व वाला इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म नाबालिग यूजर्स के लिए ऐसे अकाउंट्स की टेस्टिंग कर रहा है, जिनमें कुछ फीचर्स लिमिटेड होंगे और पैरेंट्स को सीमित एक्टिविटी विजिबिलिटी मिलेगी। अब Android के नए WhatsApp बीटा बिल्ड्स से इस सिस्टम के काम करने के तरीके को लेकर और ज्यादा जानकारी सामने आई है।
WhatsApp बीटा फीचर्स पर नजर रखने वाले ग्रुप WABetaInfo के मुताबिक, WhatsApp बीटा वर्जन 2.26.3.6 में पैरेंट्स के लिए “Primary Controls” नाम के फीचर के संकेत मिले हैं। इस फीचर के जरिए पैरेंट्स अपने बच्चों के लिए सेकेंडरी WhatsApp अकाउंट बना सकेंगे और उसे मैनेज कर पाएंगे। ऐसे अकाउंट्स में बच्चों को सिर्फ सेव किए गए कॉन्टैक्ट्स से ही बातचीत की अनुमति मिलेगी, ताकि अनजान लोगों से इंटरैक्शन रोका जा सके।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सेटअप के दौरान पैरेंट्स को बच्चे के अकाउंट को अपने WhatsApp अकाउंट से लिंक करना होगा। इसके लिए QR कोड स्कैन करना होगा और एक छह अंकों का प्राइमरी PIN सेट करना पड़ेगा। यही PIN बाद में किसी भी सेंसिटिव बदलाव को अप्रूव करने और अनऑथराइज्ड सेटिंग्स चेंज से बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार, सेकेंडरी अकाउंट पैरेंट के अकाउंट से तब तक लिंक रहेगा, जब तक उसे मैन्युअली रिमूव न किया जाए या बच्चा WhatsApp की तय न्यूनतम उम्र तक न पहुंच जाए। उस स्टेज पर अकाउंट को रेगुलर WhatsApp प्रोफाइल में बदला जा सकेगा, बशर्ते यूजर अपडेटेड टर्म्स को एक्सेप्ट करे। फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और बीटा यूजर्स के लिए भी अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
वहीं, सेकेंडरी अकाउंट्स पर फीचर लिमिटेशन पहले से ज्यादा सख्त हो सकती है। बच्चों के अकाउंट में Updates टैब मिलने की संभावना नहीं है, यानी चैनल्स और ब्रॉडकास्ट जैसे कंटेंट तक पहुंच बंद रखी जाएगी। इसके अलावा, Chat Lock फीचर भी उपलब्ध नहीं होगा, ताकि बातचीत को डिवाइस लेवल पर छुपाया न जा सके।
हालांकि, बच्चों की प्राइवेसी का भी खयाल रखा जा सकता है, क्योंकि रिपोर्ट कहती है कि पैरेंट्स को मैसेज या कॉल का कंटेंट देखने की अनुमति नहीं मिलेगी। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पहले की तरह लागू रहेगा। पैरेंट्स केवल कुछ एक्टिविटीज देख पाएंगे, जैसे कि नया कॉन्टैक्ट कब ऐड किया गया। कंपनी का फोकस बच्चों की सेफ्टी बढ़ाने पर है, बिना प्राइवेसी से समझौता किए।
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