FASTag से आपके पैसे कोई नहीं चुरा सकता, NPCI और Paytm ने फर्जी बताया सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो

रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टेक्नोलॉजी पर बेस्ड FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है जिसे बीते साल फरवरी से टोल प्लाजा पर पेमेंट के लिए सभी कमर्शियल और पर्सनल वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।

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साजन चौहान, अपडेटेड: 28 जून 2022 13:43 IST
ख़ास बातें
  • एक वीडियो Paytm FASTag के बारे में गलत जानकारी दे रहा है।
  • FASTag पेमेंट सिर्फ ऑफिशियल व्यापारियों द्वारा शुरू किया जा सकता है।
  • Paytm ने इस दौरान सिर्फ चाइल्ड वीडियो पर चर्चा की।

FASTag रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी पर काम करता है।

सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर वायरल एक वीडियो के जवाब में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और पेटीएम ने कहा है कि FASTag को स्कैन करने और उससे पैसे निकालने के लिए स्मार्टवॉच का इस्तेमाल करने का कोई तरीका नहीं है। यह वीडियो कई जगहों पर विवाद की वजह बना है।

वीडियो में जो दावा किया जा रहा है, उसमें एक बच्चे को विंडशील्ड की सफाई करते हुए स्मार्टवॉच का इस्तेमाल करके FASTag को स्कैन करता है और फिर पूछताछ करने पर भाग जाता  जो कि निराधार और झूठी वीडियो है। भारत में डिजिटल पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम वाली ऑग्रेनाइजेशन NPCI ने कहा कि यह निराधार और झूठी वीडियो है। वहीं पेटीएम ने ने कहा कि यह गलत सूचना है।

कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़े स्तर पर शेयर की गई वीडियो क्लिप को कई यूट्यूब चैनल्स, फेसबुक और ट्विटर पर लाखों व्यूज, शेयर और कमेंट्स मिल चुके हैं।

हिंदी में एक वॉयसओवर में यह कहा गया है कि "यह नया स्कैम अब शुरू हो गया है। ट्रैफिक लाइट पर भीख मांगने वाले बच्चों को स्मार्टवॉच दी जा रही हैं, जिनमें स्कैनर लगे हैं। कार की सफाई करते हुए वे अपनी स्मार्टवॉच को FASTag की ओर करते हैं। इससे आपका FASTag ई-स्कैन होता है। उसके बाद आपके पेटीएम अकाउंट से पैसा काट लिया जाता है। मेरे साथ पहले भी ऐसा ही हुआ है।" 3.42 मिनट की क्लिप में यह बताया गया है।
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एक 'फास्टैग स्कैम' के बारे में इसी प्रकार का दावा जादूगर और भ्रम फैलाने वाले करण सिंह ने अपने दोस्तकास्ट यूट्यूब चैनल पर कंटेंट क्रिएटर विनमरे कसाना को दिए एक इंटरव्यू में भी किया था। इसे करीब 1.5 लाख बार देखा गया और 11,000 शेयर प्राप्त हुए।
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रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टेक्नोलॉजी पर बेस्ड FASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है जिसे बीते साल फरवरी से टोल प्लाजा पर पेमेंट के लिए सभी कमर्शियल और पर्सनल वाहनों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। Paytm  ने इस दौरान सिर्फ चाइल्ड वीडियो पर चर्चा की, वहीं NPCI  ने फर्जी दावे करने वाले वीडियो के बड़े मुद्दे पर चर्चा की।
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Paytm ने एक ट्विटर पोस्ट में कहा कि "एक वीडियो Paytm FASTag के बारे में गलत जानकारी दे रहा है जो कि गलत तरीके से स्मार्टवॉच स्कैनिंग फास्टैग दिखाता है। NETC गाइडलाइंस के मुताबिक, FASTag पेमेंट सिर्फ ऑफिशियल व्यापारियों द्वारा शुरू किया जा सकता है। टेस्टिंग के कई दौर के बाद इसे चालू किया गया है। पेटीएम फास्टैग बिलकुल सेफ और सिक्योर है।" 
 
 

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ये भी पढ़े: FASTag Scam Videos, NPCI, Paytm

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