Google Chrome ऐप में पासवर्ड सिक्योरिटी फीचर हुआ अपडेट, छेड़छाड़ होने पर मिलेगा अलर्ट

Google Chrome एंड्रॉयड और आईओएस के लिए पासवर्ड सिक्योरिटी और अन्य सेफ्टी फीचर्स संबंधी सुधार लेकर आया है। यदि सेव किए गए पासवर्ड के साथ यदि छेड़खानी होती है, तो ब्राउज़र आपको तुरंत अलर्ट करते हुए पासवर्ड बदलने का फोर्म देगा।

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Tanishka Sodhi, अपडेटेड: 7 अक्टूबर 2020 13:45 IST
ख़ास बातें
  • Android और iOS के लिए गूगल ने ज़ारी किए हैं नए सेफ्टी फीचर्स
  • Chrome ने एंड्रॉयड के लिए लॉन्च किया था Enhanced Safe Browsing फीचर
  • iOS के लिए पेश किया गया है Biometric Authentication फीचर

Google Chrome का यह नया अपडेट Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है

Google Chrome एंड्रॉयड और आईओएस के लिए पासवर्ड सिक्योरिटी और अन्य सेफ्टी फीचर्स संबंधी सुधार लेकर आई है। अगर आपके सेव किए गए पासवर्ड के साथ छेड़खानी होती है, तो ब्राउज़र आपको तुरंत अलर्ट करते हुए पासवर्ड बदलने का फोर्म भेजेगा। Chrome आपके यूज़रनेम और पासवर्ड की एक कॉपी को सुरक्षित फॉर्मेट में Google को भेजेगा, जिसके बाद गूगल उस सुरक्षित फॉर्मेट में से आपके यूज़रनेम और पासवर्ड को बिना निकाले, छेड़छाड़ की गई जानकारी की जांच करेगा।

टेक्नोलॉजी दिग्गज ने ने वेब स्टैंडर्ड के लिए सपोर्ट जोड़ा है, जो वेबसाइट्स को पासवर्ड बदलने का यूआरएल देने का काम करता है। इससे यूज़र्स के पासवर्ड बलने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। इस स्टैंडर्ड के उपयोग से क्रोम यूज़र्स को उनके पासवर्ड से छेड़छाड़ होने का अलर्ट देगा और उसके तुरंत बाद उन्हें सीधा उस वेबपेज पर ले जाएगा, जहां वे अपना पासवर्ड बदल सकते हैं।

गूगल ने Chrome 86 में कुछ और फीचर्स भी पेश किए हैं, जिन्हें यूज़र सिक्योरिटी में सुधार करने के लिए जारी किया गया है। एंड्रॉयड के लिए पहले से बेहतर सुरक्षित ब्राउज़िग फीचर को भी जारी किया गया है, जिसके जरिए क्रोम आपको सेफ ब्राउजिंग सर्विस के साथ रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग के जरिए फिशिंग, मैलवेयर और अन्य खतरनाक साइटों से सुरक्षा प्रदान करेगा। गूगल ने इस साल की शुरुआत में डेस्कटॉप के लिए एन्हैंस्ड सेफ ब्राउजिंग को जारी किया था और एक ब्लॉग पोस्ट में जानकारी दी थी कि प्रीडिक्टिव फिशिंग प्रोटेक्शन ने फिशिंग साइटों में अपने पासवर्ड टाइप करने वाले यूज़र्स की संख्या में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट देखी।

क्रोम ने आईओएस के लिए पासवर्ड की ऑटोफिलिंग से पहले बायोमेक्ट्रिक ऑथेन्टिकेशन स्टेप को भी जोड़ा है। आप अपनी फेस आईडी, टच आईडी या फिर फोन पासकोड के जरिए ऑथेन्टिकेशन सेट कर सकते हैं। यदि आप सेटिंग्स में क्रोम ऑटोफिल को ऑन करते हैं, तो क्रोम पासवर्ड मैनेजर आपको आईओएस ऐप्स या ब्राउज़र में सेव पासवर्ड को ऑटोफिल करने की अनुमति दे देगा।

क्रोम 86 एंड्रॉयड के लिए ‘mixed form warnings' भी लेकर आता है, जो यूज़र्स को HTTPS पेज पर एम्बेड हुए असुरक्षित फोर्म को सबमिट करने से पहले चेतावनी देगा। इस तरह के पेज यूज़र्स को असुरक्षित लिंक के जरिए डाउनलोड कंटेंट देते हैं या उन फोर्म का इस्तेमाल करते हैं, जो डेटा को असुरक्षित ढ़ंग से सबमिट करते हैं।

 

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ये भी पढ़े: , Google, Google Chrome, Chrome 86
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