Wolf Moon 2026: पौष पूर्णिमा पर आसमान में दिखेगा 'वूल्फ मून' का खास नजारा, कब और कैसे देखें, जानें यहां

आज यानी 3 जनवरी को पृथ्वी सूर्य के सबसे नजदीक होगी जिसे पेरिहीलियन (Perihelion) बिंदु कहा जाता है।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 3 जनवरी 2026 10:36 IST
ख़ास बातें
  • शनिवार, 3 जनवरी 2026 को साल की पहली पूर्णिमा
  • वूल्फ मून आज शाम को आसमान में देखा जा सकता है
  • सूर्यास्त के बाद आप यह अद्भुत नजारा देख पाएंगे

3 जनवरी 2026 को साल की पहली पूर्णिमा होगी जिसमें चांद अपने विशिष्ट रूप में दिखाई देगा।

Photo Credit: Adobe Stock

Wolf Moon: आसमान में आज चांद एक खास अंदाज में दिखाई देगा। आज यानी शनिवार, 3 जनवरी 2026 को साल की पहली पूर्णिमा होगी जिसमें चांद अपने विशिष्ट रूप में दिखाई देगा। इसे वूल्फ मून (Wolf Moon) कहा जाता है। वूल्फ मून आज शाम को आसमान में देखा जा सकता है। सूर्यास्त के बाद आप यह अद्भुत नजारा देख पाएंगे। क्या होता है वूल्फ मून, कैसे पड़ा वूल्फ मून का नाम, और इस खास का चांद का दीदार कब और कितने बजे किया जा सकेगा, हम आपको यहां विस्तार से बताने जा रहे हैं। 

पौष की यह पूर्णिमा है खास
आज पौष मास की पूर्णिमा है, और चांद अपने पूरे आकार में होगा। लेकिन यह कोई साधारण पूर्णिमा नहीं है, चांद इस दिन अन्य पूर्णिमा के मुकाबले थोड़ा ज्यादा बड़ा नजर आता है। Space.com के अनुसार, कारण है कि आज यानी 3 जनवरी को पृथ्वी सूर्य के सबसे नजदीक होती है जिसे पेरिहीलियन (Perihelion) बिंदु कहा जाता है। चूंकि आज पूर्णिमा भी है, इसलिए चंद्रमा पृथ्वी के दूसरी तरफ आकर सूर्य के ठीक सामने होगा जिससे यह कुछ ज्यादा बड़ा दिखाई देगा। इतना ही नहीं, आज बृहस्पति को भी इसके नजदीक देखा जा सकेगा, जो काफी चमकीला दिखने वाला है। 

'वूल्फ मून' नाम कैसे पड़ा
आज के दिन दिखने वाले पूर्ण चंद्रमा को वूल्फ मून भी कहा जाता है। Wolf अंग्रेजी में भेड़िया के लिए इस्तेमाल होता है। कहा जाता है कि पुराने समय में सर्दियों के इन दिनों में लोगों को रात में भेड़ियों की बहुत अधिक आवाजें सुनाई देती थीं। ये भेड़िये रात में अपना खाना खोजने के लिए निकलते थे। इसलिए इनकी आवाजें अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत अधिक सुनाई देती थीं। इसलिए इस पूर्णिमा के चांद को वूल्फ मून भी कह दिया जाता है। 

इसके बाद 9 महीने करना होगा इंतजार
वूल्फ मून, या पौष पूर्णिमा का चांद बेहद खास है। यह इसके बाद सालभर तक इतने बड़े आकार और इतने चमकीले रूप में नजर नहीं आएगा। Space.com के अनुसार, आज की खास पूर्णिमा के दिन चांद अन्य पूर्णिमाओं से 30% ज्यादा चमकीला दिखेगा। साथ ही यह 14% ज्यादा बड़ा भी दिखाई देगा। इसके बाद इस तरह का नजारा देखने के लिए आपको 9 महीने का इंतजार करना होगा जब 24 नवंबर 2026 को फिर से इतना ही बड़ा चांद आसमान में खिलेगा। 

वूल्फ मून कब, कैसे देखें 
वूल्फ मून का नजारा आज, 3 जनवरी की रात को दिखाई देने वाला है। सूर्यास्त के बाद यह नजारा आसमान में दिखने वाला है। जैसे ही सूरज ढलता है, पूर्व की ओर मुंह करके देखने पर नारंगी रंग का बड़ा सा चांद खिलता देखा जा सकेगा। यह नंगी आंखों से भी देखा जा सकेगा। कहा जा रहा है कि इस तरह का नजारा इससे पहले 1912 में देखा गया था। इसलिए यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना होने वाली है। 

 

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