क्‍या डूब जाएंगे समुद्र के किनारे बसे शहर? पूर्वी अंटार्कटिका की बर्फीली चादरों पर आ रही गर्म आफत, जानें पूरा मामला

विशेषज्ञों के अनुसार, यह समुद्री जीवन को नुकसान पहुंचाएगा और तटीय इलाकों में मानव बस्तियों के लिए खतरा बनेगा।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 7 अगस्त 2022 19:00 IST
ख़ास बातें
  • रिसर्चर्स ने हिंद महासागर में तट से बहुत दूर अपनी स्‍टडी पर फोकस किया
  • इस जगह को ऑरोरा सबग्लेशियल बेसिन के रूप में जाना जाता है
  • यहां के डेटा का विश्‍लेषण करने के बाद वैज्ञानिक हैरान रह गए

अब तक रिसर्चर्स को यही लगता था कि पूर्वी अंटार्कटिक में स्थित बर्फ की चादर स्थिर है और गर्म पानी से प्रभावित नहीं है।

पृथ्‍वी गर्म हो रही है और हमारी जिंदगी पर इसका असर पड़ रहा है। एक हालिया अध्‍ययन ने इससे जुड़ी चिंताओं को और बढ़ा दिया है। इसमें कहा गया है कि समुद्र का गर्म पानी पूर्वी अंटार्कटिका में बर्फ की चादरों की ओर बढ़ रहा है। इससे दुनिया भर के समुद्र के स्तर में बढ़ोतरी और तेज होने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समुद्री जीवन को नुकसान पहुंचाएगा और तटीय इलाकों में मानव बस्तियों के लिए खतरा बनेगा। रिसर्चर्स पश्चिमी अंटार्कटिक में बर्फ की चादरों के पिघलने और इसकी वजह से समुद्र के बढ़ते स्तर के बारे में जानते थे, लेकिन पूर्वी अंटार्कटिक में ऐसा हो रहा है, इसकी उन्‍हें बहुत कम जानकारी थी। 

रिसर्चर्स ने हिंद महासागर में तट से बहुत दूर अपनी स्‍टडी पर फोकस किया। इस जगह को ऑरोरा सबग्लेशियल बेसिन के रूप में जाना जाता है। जमे हुए समुद्र का इसका क्षेत्र पूर्वी अंटार्कटिक के बर्फ की चादर का हिस्सा है। यह दुनिया की सबसे बड़ी बर्फ की चादर है। ऑरोरा सबग्लेशियल बेसिन समुद्र तल से नीचे है, जिसके गर्म पानी की वजह से पिघलने की अधिक संभावना है।

नेचर क्लाइमेट चेंज में प्रकाशित स्‍टडी में बताया गया है कि टीम ने ऑरोरा सबग्लेशियल बेसिन से 90 साल के समुद्र संबंधी डेटा का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि 20वीं शताब्दी के पहले समुद्र 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की दर से गर्म हो रहा था। 1990 के दशक से यह दर तीन गुना हो गई है और हर दशक में इसमें बढ़ोतरी हो रही है। 

तापमान में इस बढ़ोतरी को रिसर्चर्स ने दक्षिणी महासागर के ऊपर बहने वाली तेज पश्चिमी हवाओं की एक बेल्ट से जोड़ा। ये हवाएं 1960 के दशक से अंटार्कटिका के दक्षिण की ओर बढ़ रही हैं। ऐसा संभवत: ग्रीन हाउस गैसों में बढ़ोतरी की वजह से है, जिसके कारण गर्मियों में अंटार्कटिका की ओर पछुआ हवाएं चल रही हैं और अपने साथ गर्म पानी ला रही हैं।

अब तक रिसर्चर्स को यही लगता था कि पूर्वी अंटार्कटिक में स्थित बर्फ की चादर स्थिर है और गर्म पानी से प्रभावित नहीं है। लेकिन स्‍टडी से पता चला है कि यहां भी गर्म पानी का असर हो रहा है। इस क्षेत्र में पानी के तापमान में वृद्धि समुद्री इकोसिस्‍टम के लिए खतरा बन गई है।
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Realme P4 Lite 5G की भारत में शुरू हुई बिक्री, 7,000mAh की बैटरी, जानें प्राइस, ऑफर्स
  2. सिंगल चार्ज में 42 घंटे चलने वाले वायरलेस हेडफोन Unix ने किए लॉन्च, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. iPhone में 200MP कैमरा? नए लीक में सामने आया Apple का बड़ा प्लान
  2. 13 हजार सस्ता खरीदें 48MP कैमरा वाला Pixel फोन, बड़ा डिस्काउंट ऑफर
  3. क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के फाउंडर्स के खिलाफ फ्रॉड का मामला हुआ खारिज, नहीं मिला कोई सबूत
  4. सिंगल चार्ज में 42 घंटे चलने वाले वायरलेस हेडफोन Unix ने किए लॉन्च, जानें कीमत
  5. IPL की शुरुआत से पहले विदेशी गैर कानूनी गेमिंग ऐप्स का फैला नेटवर्क
  6. 22W चार्जिंग के साथ Ubon ने थ्री-इन-वन चार्जिंग स्टेशन किया लॉन्च, जानें कीमत
  7. Samsung Galaxy A57 5G के साथ नया नवेला Exynos 1680 चिप लॉन्च, दमदार AI और कैमरा परफॉर्मेंस!
  8. अब फोटो से वीडियो बनाएगा Snapchat, AI Clips फीचर लॉन्च, ऐसे करें यूज
  9. Instagram ने जोड़े दो कमाल के फीचर! रील देखने वालों की मौज
  10. Samsung ने भारत में लॉन्च किए Galaxy A57 5G और Galaxy A37 5G, जानें कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.