खुशखबरी! धरती को बचाने वाली ओजोन परत में दिखा सुधार, 2066 तक होगा यह बड़ा बदलाव

इस साल ओजन परत में दिखने वाला छेद छोटा पाया गया है।

विज्ञापन
Written by गैजेट्स 360 स्टाफ, Edited by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 15 दिसंबर 2024 17:05 IST
ख़ास बातें
  • ओजोन लेयर की रिकवरी हो रही है।
  • वैज्ञानिकों ने सितंबर से लेकर मध्य अक्टूबर तक इसकी मॉनिटरिंग की है।
  • 2066 तक ओजोन लेयर में अंटार्कटिक के ऊपर बना छेद पूरी तरह भर सकता है।

इस साल ओजन परत में दिखने वाला छेद छोटा पाया गया है।

धरती का लगातार गर्म होना अब इस ग्रह पर रहने वाले प्रत्येक मनुष्य के लिए चिंता का कारण कहा जा सकता है। धरती का हर साल बढ़ता तापमान कुछ देशों में गर्मी का भीषण प्रकोप पैदा कर रहा है। इसके दूरगामी परिणाम बहुत भयावह बताए जा रहे हैं। लेकिन इसी बीच एक अच्छी खबर भी वैज्ञानिकों की ओर से आ रही है। आपने ओजोन परत के बारे में जरूर सुना होगा जो धरती के वायुमंडल में मौजूद है और सूर्य की हानिकारक किरणों से जीवों का बचाव करती है क्योंकि यह उन किरणों को धरती के वायुमंडल में प्रवेश करने से रोक देती है। 

ओजोन लेयर हर साल पतली होती जा रही है। अंटार्कटिका पर हर साल इसमें बड़ा छेद नजर आता है। औद्योगिक इकाईयों से निकलने वाला केमिकल और धुंआ इस परत को बहुत नुकसान पहुंचाता है। लेकिन अब 2024 के अंत में एक अच्छी खबर आई है। इस साल ओजन परत में दिखने वाला छेद छोटा पाया गया है। यानी पिछले साल जितना नुकसान इसमें नहीं दर्ज किया गया है। 
Advertisement

इससे पता चलता है कि ओजोन लेयर की रिकवरी हो रही है। NOAA और NASA के वैज्ञानिकों ने सितंबर से लेकर मध्य अक्टूबर तक इसकी मॉनिटरिंग की है। उन्होंने पाया कि इस बार ओजोन परत में होने वाला छेद इतिहास का 7वां सबसे छोटा छेद है। यानी ओजोन में हर साल सीजनल तौर पर बहुत बड़ा छेद देखा जाता रहा है लेकिन इस बार यह छेद बहुत छोटा ही पाया गया है। 

Earth.com की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बचाव के लिए 1992 में एक समझौता किया गया था जिसे मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल कहते हैं। ओजोन में होने वाले नुकसान को कम करने में इसका काफी योगदान बताया गया है। समझौते का मकसद क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) की मात्रा को घटाना है। इस साल ओजोन में छोटा छेद पाया जाना इस बात का सीधा सबूत है कि प्रयासों का असर इस परत पर हुआ है। 
Advertisement

NASA में ओजोन रिसर्च के हेड डॉ पॉल न्यूमन के अनुसार, 2024 का अंटार्कटिक ओजोन होल सन् 2000 के होल से काफी छोटा है। यह 2 दशकों से सुधार की तरफ बढ़ रहा है जिसका प्रमाण अब देखने को मिल रहा है। हालांकि यह प्रक्रिया बहुत धीमी बताई गई है। लेकिन हवा में मौजूद क्लोरोफ्लोरो कार्बन धीरे-धीरे कम होने की बात कही गई है। इन्हें समाप्त होने में कई दशक लग सकते हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि रिकवरी ऐसे ही चलती रहती है तो 2066 तक ओजोन लेयर में अंटार्कटिक के ऊपर बना छेद पूरी तरह से भर जाएगा।
Advertisement
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. आप भी खरीदना चाहते हैं 600 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक कार, इस दशहरा बेस्ट रहेंगी ये 5 EV
  2. Apple ने महंगा कर दिया iPhone 16, लेकिन Amazon सेल में आज भी मिल रहा ₹15 हजार से ज्यादा सस्ता
  3. OnePlus 15 को Amazon Great Indian Festival Sale में खरीदें सस्ता, ऐसे कम हुई कीमत
  4. Poco X8s में मिलेगी 12GB रैम, Snapdragon 7 Gen 4 चिप!
  5. Samsung Galaxy F70 5G भारत में लॉन्च, 50MP तीन कैमरा, 5000mAh बैटरी वाला बजट फोन!
#ताज़ा ख़बरें
  1. आप भी खरीदना चाहते हैं 600 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक कार, इस दशहरा बेस्ट रहेंगी ये 5 EV
  2. Apple ने महंगा कर दिया iPhone 16, लेकिन Amazon सेल में आज भी मिल रहा ₹15 हजार से ज्यादा सस्ता
  3. Oppo Pad Mini भारत में आ रहा 22 अक्टूबर को! 8000mAh बैटरी
  4. Samsung Galaxy F70 5G vs Redmi 17C 5G vs OnePlus N6: ₹20 हजार के बजट में मुकाबला
  5. Honor ने लॉन्च किए 10,000mAh और 20,000mAh के नए रेड कलर पावरबैंक, जानें कीमत और फीचर्स
  6. OnePlus 15 को Amazon Great Indian Festival Sale में खरीदें सस्ता, ऐसे कम हुई कीमत
  7. Xiaomi की नई वाशिंग एक बार 26 टी-शर्ट धो सकती है! IP54 रेटिंग के साथ लॉन्च
  8. ₹2250 सस्ता मिल रहा Motorola का 7000mAh बैटरी वाला फोन! Flipkart सेल में ऑफर
  9. Poco X8s में मिलेगी 12GB रैम, Snapdragon 7 Gen 4 चिप!
  10. Samsung Galaxy F70 5G भारत में लॉन्च, 50MP तीन कैमरा, 5000mAh बैटरी वाला बजट फोन!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.