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रेगिस्‍तान में नदी की तरह बह रहा लावा! अंतरिक्ष से ली गई तस्‍वीर, जानें पूरा मामला

बेसाल्टिक लावा प्रवाह को कैरिजोजो मालपाइस (Carrizozo Malpaís) के नाम से जाना जाता है। लगभग 130 वर्ग मील (337 वर्ग किलोमीटर) में फैला यह लावा प्रवाह 50 मील (80 किलोमीटर) लंबा है।

रेगिस्‍तान में नदी की तरह बह रहा लावा! अंतरिक्ष से ली गई तस्‍वीर, जानें पूरा मामला

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, यह न्यू मैक्सिको में चिहुआहुआ रेगिस्तान के एक शहर कैरिजोजो के पास स्थित है।

ख़ास बातें
  • न्यू मैक्सिको में रेगिस्तान में फैला है लावा प्रवाह
  • रेगिस्तान में उकेरे गए गहरे निशान जैसा दिखता है
  • तस्‍वीर बेसाल्टिक लावा प्रवाह की है
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किसी चीज की विशालता का पता उसे दूर से देखने पर चलता है जैसे- नदी, पहाड़, ज्‍वालामुखी आदि। इंटरनेशनल स्‍पेस स्टेशन (ISS) पर सवार एक अंतरिक्ष यात्री ने न्यू मैक्सिको में रेगिस्तान में फैले एक प्राचीन लावा प्रवाह (lava flow) की आश्चर्यजनक तस्वीर खींची है। ऊपर से देखने पर यह रेगिस्तान में उकेरे गए एक गहरे निशान की तरह दिखती है। यह तस्‍वीर बेसाल्टिक लावा प्रवाह की है। 

बेसाल्टिक लावा प्रवाह को कैरिजोजो मालपाइस (Carrizozo Malpaís) के नाम से जाना जाता है। लगभग 130 वर्ग मील (337 वर्ग किलोमीटर) में फैला यह लावा प्रवाह 50 मील (80 किलोमीटर) लंबा है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के अनुसार, यह न्यू मैक्सिको में चिहुआहुआ रेगिस्तान के एक शहर कैरिजोजो के पास स्थित है और पिछले 10 हजार साल में पृथ्वी पर बनने वाले सबसे बड़े लावा प्रवाह में से एक है। 

कैरिजोजो मालपाइस लावा प्रवाह की शुरुआत जिस विस्‍फोट से हुई, वह लगभग 5,000 साल पहले शुरू हुआ। लाइव साइंस की रिपोर्ट के अनुसार यह विस्‍फोट करीब 20 से 30 साल तक होता रहा। तब ज्‍वालामुखी से धीरे-धीरे मैग्‍मा बाहर निकल गया। यूएसजीएस के अनुसार, सतह के नीचे इंसुलेटेड लावा ट्यूब हैं, जो पिघली हुई चट्टान को एक बड़े इलाके में फैलाती है। 

यह तस्‍वीर ISS पर सवार एक अज्ञात अंतरिक्ष यात्री ने 30 जून को क्लिक की थी, जो चार तस्वीरों का एक मोजेक है। रिपोर्ट के अनुसार, यह इस लावा प्रवाह की सबसे विस्तृत छवियों में से एक है, जिसे ऊपर से कैप्‍चर किया गया है। नासा की अर्थ ऑब्जर्वेटरी ने 26 सितंबर को यह तस्‍वीर रिलीज की। 

तस्‍वीर में दिखाई देने वाला ज्‍यादातर लावा एक छोटे 88 फुट ऊंचे वेंट से निकला है। इलाके के लोग इसे ‘छोटी काली चोटी' कहते हैं। अर्थ ऑब्‍जर्वेटरी के अनुसार, ऊपर से देखने पर यह लावा क्षेत्र बेजान लग सकता है, लेकिन यह कई रेगिस्तानी पौधों जैसे- कांटेदार नाशपाती कैक्टस (ओपंटिया), बारहमासी फूल और जुनिपर पेड़ों को विक‍सित होने में मदद करता है। जमे हुए मैग्‍मा में ये पौधे विकसित हो सकते हैं।  

इस लावा प्रवाह के बारे में एक और खास बात यह है कि पृथ्‍वी पर कहीं और इस तरह से लावा नहीं बहता। 5 हजार साल पहले पृथ्‍वी पर हुए विस्‍फोट का असर आज भी बरकरार है, जो वैज्ञानिकों को हैरान करता है।  
 

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प्रेम त्रिपाठी

प्रेम त्रिपाठी Gadgets 360 में चीफ सब एडिटर हैं। 10 साल प्रिंट मीडिया ...और भी

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