Flying Car का जापान में सफल ट्रायल, 36km/h की स्पीड पर समुद्र के ऊपर इतनी देर तक भरी उड़ान!

फ्लाइंग कार ट्रांसपोर्टेशन का सबसे बड़ा फायदा समय की बचत में भी होने वाला है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 19 फरवरी 2023 19:36 IST
ख़ास बातें
  • जापान के ओइटा प्रीफेक्चर में फ्लाइंग कार का टेस्ट फ्लाइट किया गया
  • पहले इसे 30 मीटर हवा में ऊंचाई में उठाया गया
  • यह समुद्र के ऊपर 36 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर चक्कर लगाती रही

दक्षिण पश्चिमी जापान के ओइटा प्रीफेक्चर में फ्लाइंग कार का टेस्ट फ्लाइट किया गया है।

Photo Credit: Japannews

फ्लाइंग कार (Flying car) को फ्यूचर का ट्रांसपोर्ट साधन माना जा रहा है। जिस तरह से दुनिया की आबादी बढ़ रही है और व्हीकलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, उस लिहाज से आने वाले समय में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या हो सकती है। इसी समस्या से निजात के लिए फ्लाइंग कार (Flying car) को विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, और जापान अब इसके एक कदम और नजदीक आ गया है। 

दक्षिण पश्चिमी जापान के ओइटा प्रीफेक्चर में फ्लाइंग कार का टेस्ट फ्लाइट कंडक्ट किया गया है। इसे ओकायामा आधारित रिसर्च ग्रुप Masc ने कंडक्ट किया। यह एक टू सीटर फ्लाइंग कार है जिसे चीन में बनाया गया है। NHK world जापान की रिपोर्ट के अनुसार, यह ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित है। ट्रायल के दौरान इसमें पहले से प्रोग्राम किए रूट पर इसे चलाया गया। जबकि कंट्रोल सिस्टम पर कोई पायलेट भी मौजूद नहीं था। पहले इसे 30 मीटर हवा में ऊंचाई में उठाया गया और फिर यह समुद्र के ऊपर 36 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर 3.5 मिनट तक चक्कर लगाती रही। 

रिसर्च ग्रुप के चेयरमैन किरिनो हिरोशी के मुताबिक, उनका मकसद फ्लाइंग कार को कमर्शियल रूप में विकसित करना है। फ्लाइंग कार भविष्य की टेक्नोलॉजी है जो आने वाले समय में मानव के लिए काफी उपयोगी साबित होने वाली है। फ्लाइंग कार का टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरा होना इस बात पर मुहर लगाता है कि भविष्य में उड़ने वाली कारें आम जनजीवन का हिस्सा होंगी। साथ ही इनकी उपयोगिता इस बात से दोगुनी हो जाती है कि ट्रांसपोर्ट के अन्य व्हीकलों की तुलना में इनका इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च न के बराबर है। जबकि रोड ट्रांसपोर्ट या रेलवे ट्रांसपोर्ट में लागत कई गुना अधिक आती है। 

फ्लाइंग कार ट्रांसपोर्टेशन का सबसे बड़ा फायदा समय की बचत में भी होने वाला है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्लाइंग कार बनाने वाली कंपनियों को अभी काफी समय इसके लिए चाहिए होगा, ताकि फ्लाइंग व्हीकल्स को बड़े पैमाने पर बनाया जा सके। इसके लिए डिजाइन और इंजीनियरिंग की चुनौती तो है ही, साथ ही पर्यावरण के अनुसार इनसे होने वाले नुकसानों को भी ध्यान में रखना होगा। साथ ही सेफ्टी क्लियरेंस जैसी चीजें भी ध्यान में रखकर कमर्शियल ऑपरेशन जैसी चीजें साकार हो सकती हैं। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण भी एक अहम मुद्दा इनके साथ जुड़ सकता है। फिर लैंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी डेवलप करना होगा। इन सभी क्षेत्रों पर काम करके फ्लाइंग कारें भविष्य में मानव की साथी बन सकती हैं, जिसके लिए दुनियाभर में कंपनियां प्रयास कर रही हैं।  
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: , Flying car, Flying car japan, Flying car test flight japan

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. ₹5000 सस्ता मिल रहा OnePlus 13s, Amazon Prime Day Sale में ऐसे हो रही बचत
#ताज़ा ख़बरें
  1. ₹5000 सस्ता मिल रहा OnePlus 13s, Amazon Prime Day Sale में ऐसे हो रही बचत
  2. ₹60 हजार के बजट वाले लैपटॉप हुए Amazon Prime Day Sale में सस्ते, ये है खरीदने का मौका
  3. Moto G77 Power भारत में हुआ लिस्ट, 7000mAh बैटरी, 50MP 2 कैमरा से लैस, जानें सबकुछ
  4. ₹15000 से भी कम कीमत में मिल रहे 43 इंच स्मार्ट टीवी, Amazon Prime Day Sale में देखें बेस्ट TV
  5. Vivo Y500 हुआ लॉन्च, 8100mAh बैटरी के साथ है 50MP डुअल कैमरा, जानें कीमत
  6. सिंगल चार्ज में 30 दिन की बैटरी वाला फिटनेस बैंड Rogbid Loop Air लॉन्च, जानें कीमत
  7. ₹50000 में आने वाले फोन Amazon Prime Day Sale में हुए गजब सस्ते, देखें बेस्ट डील
  8. Flipkart Goat Sale में ₹20000 सस्ता मिल रहा iPhone 17 Pro Max, ऐसे खरीदें
  9. Amazon Prime Day सेल में Samsung के ये फोन खरीदें Rs 25 हजार तक सस्ते!
  10. Oppo Reno 16c 5G vs Samsung Galaxy A57 5G vs OnePlus 15R: ₹60,000 में कौन सा है बेस्ट?
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.