दुनिया की आधी आबादी पर UV रेडिएशन का खतरा! वैज्ञानिक ने खोजा बड़ा ओजोन होल

इस ट्रॉपिकल (उष्णकटिबंधीय) ओजोन होल का होना दुनियाभर में चिंता की वजह बन सकता है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 6 जुलाई 2022 14:01 IST
ख़ास बातें
  • इसे ओजोन नुकसान क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया गया है
  • दुुनिया में बढ़ सकता है यूवी रेडिएशन
  • कई और तरह के नुकसान भी सामने आ सकते हैं

साइंटिस्‍ट का कहना है कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्र हमारे ग्रह के सर्फेस एरिया क्षेत्र आधा हिस्सा है और दुनिया की लगभग आधी आबादी का घर है।

वैज्ञानिकों ने निचले समताप मंडल (lower stratosphere) में एक बड़े और ऑल सीजन ट्रॉपिकल ओजोन होल (ozone hole) का पता लगाया है। इसे आकार में काफी बड़ा बताया जा रहा है। यह अंटार्कटिक होल की गहराई के जितना है, लेकिन एरिया में उससे भी 7 गुना अधिक है। कनाडा के ओंटारियो में वाटरलू यूनिवर्सिटी के एक साइंटिस्‍ट किंग-बिन लू ने इस ऑल सीजन ओजोन होल का खुलासा किया है। इसे ओजोन नुकसान क्षेत्र के रूप में परिभाषित किया गया है। इस ट्रॉपिकल (उष्णकटिबंधीय) ओजोन होल का होना दुनियाभर में चिंता की वजह बन सकता है। इसकी वजह बताते हुए किंग-बिन लू ने कहा कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्र हमारे ग्रह के सर्फेस एरिया क्षेत्र आधा हिस्सा है और दुनिया की लगभग आधी आबादी का घर है।

1970 के दशक में कई रिसर्च में यह बात सामने आई थी कि सूर्य से निकलने वाली ज्‍यादातर पराबैंगनी रे‍डिएशन को अवशोषित करने वाली ओजोन लेयर, इं‍डस्ट्रियल केमिकल जैसे, क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) के कारण खत्‍म हो सकती है। 1985 में अंटार्कटिक ओजोन होल की खोज ने CFC की वजह से ओजोन में कमी आने की पुष्टि की। हालांकि इस तरह के केमिकल्‍स पर लगे बैन के बाद ओजोन का खत्‍म होना कम हुआ है, लेकिन सबूत बताते हैं कि अभी भी ओजोन की कमी बनी हुई है।

रिपोर्टों के अनुसार, ओजोन होल के खतरे बताते हुए किंग-बिन लू ने कहा कि ओजोन लेयर की कमी से जमीनी स्तर पर UV रेडिएशन बढ़ सकता है, जो मनुष्यों में स्किन कैंसर और मोतियाबिंद के खतरे को बढ़ा सकता है साथ ही इंसान के इम्‍यून सिस्‍टम को कमजोर कर सकता है और कृषि उत्पादकता में कमी कर सकता है। यह संवेदनशील जलीय जीवों और पारिस्थितिक तंत्र को प्रभावित कर सकता है। 

ओजोन होल को लेकर साइंटिस्‍ट लू के ऑब्‍जर्वेशन ने वैज्ञानिक कम्‍युनिटी को हैरान किया है, क्योंकि पारंपरिक फोटोकैमिकल मॉडल द्वारा इसकी भविष्यवाणी नहीं की गई थी। रिपोर्टों से पता चलता है कि भूमध्यरेखीय क्षेत्रों (equatorial regions) में ओजोन की कमी का स्तर पहले से ही बड़ी आबादी को खतरे में डाल रहा है और इन क्षेत्रों तक पहुंचने वाला UV रेडिएशन उम्‍मीद से कहीं ज्‍यादा है। साइंटिस्‍ट लू का कहना है कि दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन को बेहतर ढंग से समझने के लिए यह खोज महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Vivo का सस्ता फोन लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा, 8100mAh बैटरी के साथ, IP69 रेटिंग
  2. Honor Turbo 5G लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा के साथ, 8560mAh बैटरी, IP69 रेटिंग
  3. Upcoming Smartphones: 10,000mAh बैटरी के साथ Vivo, Oppo, Xiaomi के ये अपकमिंग स्मार्टफोन मचाएंगे तहलका!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 18 Fold लॉन्च से पहले हो गया लीक, मिल सकती है 6000mAh बैटरी, 200MP कैमरा!
  2. Samsung लाई दुनिया का पहला 16 इंच बड़ा 300Hz OLED डिस्प्ले पैनल, बदल सकता है लैपटॉप गेमिंग की दुनिया!
  3. Vivo का सस्ता फोन लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा, 8100mAh बैटरी के साथ, IP69 रेटिंग
  4. 5G सिग्नल रोक रहा है आपके किचन में यूज होने वाला Aluminium Foil? जानें इसके पीछे की कहानी
  5. Honor Turbo 5G लॉन्च हुआ 50MP दो कैमरा के साथ, 8560mAh बैटरी, IP69 रेटिंग
  6. ChatGPT आपका दिमाग 'खराब' कर देगा! रिसर्च में हुआ गंभीर खुलासा
  7. Upcoming Smartphones: 10,000mAh बैटरी के साथ Vivo, Oppo, Xiaomi के ये अपकमिंग स्मार्टफोन मचाएंगे तहलका!
  8. 11 हजार सस्ता खरीदें Vivo का खूबसूरत फोन, 6500mAh बैटरी, 50MP तीन कैमरा
  9. Tesla ने  रिकॉल किए 29 लाख EVs, सेफ्टी का है कारण 
  10. BMW लाई भारत में सस्ती लग्जरी कार X1 LWB, कीमत ₹49.90 लाख से शुरू, जानें फीचर्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.