पृथ्‍वी के पास से गुजर गया 3.78 लाख करोड़ रुपये का Asteroid, हम इसे पा सकते हैं अगर…

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एस्टरॉयड अब 39 साल बाद फिर से पृथ्वी के पास से गुजरेगा। उस समय "स्‍पेस माइनर्स" लॉन्च करना संभव हो सकता है।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 15 दिसंबर 2021 21:51 IST
ख़ास बातें
  • अंतरिक्ष खनन पर कई साल पहले काफी चर्चा हुई थी
  • इसकी मदद से कीमती और दुर्लभ धातुओं को पाया जा सकता है
  • हालांकि इस पर बहुत ज्‍यादा प्रगति नहीं हो पाई है

नेरियस Nereus $4.71 बिलियन (लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये) के लोहा, कोबाल्ट और निकल से बना है।

अंतरिक्ष खनन Space mining एक ऐसा विचार है, जिस पर 10 साल पहले बहुत जोश के साथ चर्चा हुई। कई लोगों ने तर्क दिया कि कीमती और दुर्लभ धातुओं के लिए प्राइवेट अंतरिक्ष यात्रियों को नियुक्त करके पृथ्‍वी के पास से गुजरने वाले एस्टरॉयड Asteroid का पता लगाकर उनका खनन किया जा सकता है। इससे कमर्शल स्‍पेस इकॉनमी में क्रांतिकारी बदलाव आ सकता है। हालांकि इस पर बहुत ज्‍यादा प्रगति नहीं हुई। यह आइडिया एक बार फ‍िर चर्चा में आया है, क्‍योंकि NEA नाम का एस्टरॉयड जिसे 4660 Nereus कहा जाता है, वह पृथ्वी के पास से होकर गुजर गया। वैज्ञानिकों का मानना है कि 330 मीटर व्यास वाले और अंडे के आकार के एस्टरॉयड में करीब 5 अरब डॉलर (करीब 3.78 लाख करोड़ रुपये) की कीमती धातुएं हैं।

नेरियस Nereus कभी भी खतरनाक होकर पृथ्वी के करीब नहीं आया। जब यह पृथ्‍वी के सबसे पास था, तब भी यह 
3.9 मिलियन किलोमीटर दूर था। यह दूरी पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी का लगभग 10 गुना है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एस्टरॉयड अब 39 साल बाद फिर से पृथ्वी के पास से गुजरेगा। उस समय "स्‍पेस माइनर्स" लॉन्च करना संभव हो सकता है।

6 लाख से अधिक एस्टरॉयड का वैज्ञानिक और आर्थिक डेटाबेस रखने वाले Asterank की एक रिपोर्ट के अनुसार,  नेरियस Nereus $4.71 बिलियन (लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये) के लोहा, कोबाल्ट और निकल से बना है। हालांकि इसकी वर्तमान उड़ान के बाद इसकी विशेषताओं के बारे में और पता चल सकेगा।  

डिजिटल टेलिस्कोप बनाने वाली यूनिस्टेलर Unistellar के चीफ साइंस ऑफि‍सर फ्रेंक मार्चिस ने Forbes को बताया कि फरवरी 2060 में नेरेस पृथ्वी से केवल 1.2 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर उड़ान भरेगा। तक "स्‍पेस माइनर्स" उस पर उतरने की कोशिश कर सकते हैं। मार्चिस ने कहा कि स्‍पेस एक्‍सप्‍लोरेशन के भविष्‍य में नेरियस Nereus महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।  
Advertisement

इस एस्टरॉयड को  "संभावित रूप से खतरनाक" के रूप में क्‍लासिफाइड किया गया है। 2060 में जब यह पृथ्वी के पास से गुजरेगा, तब भी यह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी के मुकाबले पांच गुना दूर होगा। ऐसी चीजें जो पृथ्वी के करीब आती हैं और काफी बड़ी होती हैं, उनसे काफी नुकसान हो सकता है। उन्हें "संभावित रूप से खतरनाक" के रूप में क्‍लासिफाइड किया जाता है। नेरियस Nereus जैसी चीजें भविष्य में खतरा पैदा कर सकती हैं, क्‍योंकि वह किसी पॉइंट पर पृथ्वी की कक्षा को पार कर करती हैं।

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Asteroid, 4660 Nereus, Nereus, NEA, space mining, precious metals

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. HMD Vibe 2 5G की इंडिया लॉन्च डेट कन्फर्म, इस दिन आ रहा है 6000mAh बैटरी और AI कैमरा वाला फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Ather Energy के इलेक्ट्रिक स्कूटर Rizta की बड़ी कामयाबी, सेल्स हुई 3 लाख यूनिट्स से ज्यादा 
  2. IT एंप्लॉयीज एसोसिएशन ने की वर्क-फ्रॉम-होम को अनिवार्य बनाने की मांग, प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर
  3. दुनिया अभी 5G में उलझी है, चीन ने 6G की दिशा में बढ़ाया बड़ा कदम
  4. बच्चों के क्रेयॉन जैसी दिखने वाली Pen Drive! SanDisk Crayola USB-C भारत में लॉन्च
  5. Lyne Startup 70, Startup 68 TWS ईयरबड्स लॉन्च, साथ में Startup 80 कार चार्जर ने भी दी दस्तक, जानें
  6. Oppo Find X10 Pro Max में हो सकती है 200 मेगापिक्सल की ट्रिपल रियर कैमरा यूनिट
  7. HP OmniBook Ultra 2026 लैपटॉप हुआ लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स
  8. HMD Vibe 2 5G की इंडिया लॉन्च डेट कन्फर्म, इस दिन आ रहा है 6000mAh बैटरी और AI कैमरा वाला फोन
  9. HP OmniPad 12 भारत में लॉन्च: 18 घंटे की बैटरी, डिटैचेबल कीबोर्ड के साथ आया नया टैबलेट
  10. Samsung ने शुरू किया सर्टिफाइड री-न्यूड प्रोग्राम, सस्ते में मिल रहे प्रीमियम Galaxy स्मार्टफोन्स
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.