125 सालों का रिकॉर्ड टूटा! पृथ्वी के इस हिस्से में तेजी से पिघल रही बर्फ, आ रही तबाही?

पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है। इससे समुद्री किनारों का दायरा बढ़ने लगा है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 28 दिसंबर 2025 14:05 IST
ख़ास बातें
  • पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है।
  • पृथ्वी की जलवायु में भयावह रुझानों के संकेत मिल रहे।
  • 125 सालों में आर्कटिक की हवा ने रिकॉर्ड तापमान को छू लिया है।

आर्कटिक की बर्फ तेजी से पिघल रही है और इसे लेकर आई रिपोर्ट ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है।

Photo Credit: iStock

दुनिया के सबसे ठंडे महाद्वीप के लिए एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। आर्कटिक पृथ्वी का बर्फीला महाद्वीप है जिसकी बर्फ अब तेजी से पिघल रही है। रिपोर्ट चिंता पैदा करती है कि पिछले एक दशक में इसकी बर्फ पिघलने की स्पीड तेजी से बढ़ी है। रिपोर्ट को 2025 Arctic Report Card के नाम से प्रकाशित किया गया है। इसमें कहा गया है कि अभूतपूर्व वायु तापमान, बर्फ की परत में तेजी से आ रही कमी, और समुद्री बर्फ के सिकुड़ने से जन-जीवन के लिए आने वाले समय में बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं। 

आर्कटिक की बर्फ तेजी से पिघल रही है और इसे लेकर आई रिपोर्ट ने वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है। इससे समुद्री किनारों का दायरा बढ़ने लगा है। साथ ही महासागर, भूदृश्य, शहरी क्षेत्र और वन्य क्षेत्रों की सीमाएं भी नए नक्शे बना रही हैं। आर्कटिक का क्षेत्र अब वैश्विक औसत से दोगुने से भी अधिक तेजी से गर्म हो रहा है। इसके कारण पृथ्वी की जलवायु में और भी भयावह रुझानों के संकेत वैज्ञानिकों को नजर आ रहे हैं। 

125 सालों में आर्कटिक की हवा ने रिकॉर्ड तापमान को छू लिया है। भयंकर तूफानों और बर्फ के तेजी से पिघलने से क्षेत्र का स्वरूप बदलता जा रहा है। Space.com की रिपोर्ट के अनुसार, आर्कटिक रिपोर्ट कार्ड को NOAA और अंतर्राष्ट्रीय शोधकर्ताओं ने तैयार किया है। जिसके अनुसार, 2024-2025 के जल वर्ष में आर्कटिक क्षेत्र में पिछले 125 वर्षों में सबसे अधिक वायु तापमान दर्ज किया गया। यहां की शरद ऋतु, शीत ऋतु और ग्रीष्म ऋतुएँ अब तक की सबसे गर्म ऋतुएं रहीं। 

गर्म होती हवा ने यहां की बर्फ को तेजी से पिघलाया है। कहा गया है कि गर्म होती हवा ने आर्कटिक में पानी के बहाव को तेज कर दिया है। यहां पर रिकॉर्ड बारिश हो रही है, भयंकर तूफान आ रहे हैं, और नदियों में बदलाव के साथ-साथ बर्फ के पैटर्न भी बदले हैं। हैरत की बात यह है कि 1960 के बाद से अब तक बर्फ की चादर में हुआ यह बदलाव 50 प्रतिशत से ज्यादा पहुंच चुका है। 

सर्दियों में होने वाली अधिकतम बर्फ की मात्रा में भारी कमी आई है। वहीं गर्मियों में रहने वाली बर्फ 1980 के दशक के बाद से अबतक आधी रह गई है। पुरानी बर्फ ओझल हो चुकी है, ग्लेशियर पिघल रहे हैं, सागर अपने किनारे फैला रहे हैं जिससे जोखिम बहुत बढ़ चुका है। पर्माफ्रॉस्ट के पिघलने से लौह-समृद्ध मिट्टी 200 से अधिक नदियों में मिल जाती है जिससे वे नारंगी और अम्लीय हो जाती हैं। यह वैश्विक आर्कटिक में एक और खतरनाक नए चरण की ओर इशारा करती है।
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus N6 Launched in India: 8,000mAh बैटरी वाला सबसे सस्ता वनप्लस फोन
#ताज़ा ख़बरें
  1. Apple ने CCI पर लगाया जांच में भारी लापरवाही का आरोप, कंपनी पर लग सकता है अरबों डॉलर का जुर्माना
  2. 8,550mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Redmi K90 Ultra, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Tata Motors ने भारत में लॉन्च की Sierra EV, जानें प्राइस, रेंज
  4. Oppo Reno 16 सीरीज जल्द होगी भारत में लॉन्च, बेस मॉडल में मिलेगा Snapdragon चिपसेट
  5. mAadhaar ऐप का आज आखिरी दिन! नए ऐप में मिलेंगी सभी सर्विस, ऐसे करें डाउनलोड
  6. Vivo X Fold 6 जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च
  7. दुनिया में पहली बार! न्यूक्लियर रिएक्टर की गर्मी से बनाई ग्रीन हाइड्रोजन, भारत ने रचा इतिहास
  8. Nothing Phone 4b में मिल सकती है 6,000mAh की बैटरी, भारत में अगले सप्ताह होगा लॉन्च
  9. Acer ने भारत में लॉन्च किया TravelLite TL24-54M लैपटॉप, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  10. Amazon Prime Day Sale 2026: OnePlus 13 सिर्फ ₹49,999 में, OnePlus 15 और Nord सीरीज पर भी तगड़े ऑफर्स!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.