जनसंख्या को भी AI से खतरा? एक्सपर्ट बोले 2300 तक धरती पर सिर्फ 10 करोड़ लोग बचेंगे!

काक ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए इसे "Devastating" बताया, यानी 'भयानक', और कहा कि "लोगों को इसका अंदाजा भी नहीं है कि AI कितना गहरा असर डालने जा रहा है।"

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 21 जून 2025 21:37 IST
ख़ास बातें
  • AI की वजह से 2300 तक दुनिया की आबादी सिर्फ 10 करोड़ रह सकती है
  • नौकरियां जाएंगी, लोग बच्चे पैदा करना बंद कर देंगे - एक्सपर्ट की चेतावनी
  • न्यूयॉर्क-लंदन जैसे शहर वीरान हो सकते हैं, दुनिया बन जाएगी खाली

माना जा रहा है कि AI का असर सिर्फ काम तक नहीं, इंसान के अस्तित्व तक पहुंचने वाला है

Photo Credit: Unsplash

AI से नौकरी जाने का डर अब पुराना हो चुका है। अब बात हो रही है इंसानों के ही धीरे-धीरे गायब हो जाने की। ओक्लाहोमा स्टेट यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस प्रोफेसर सुभाष काक का कहना है कि अगर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ग्रोथ इसी रफ्तार से चलता रहा, तो साल 2300 तक दुनिया की आबादी घटकर सिर्फ 10 करोड़ रह सकती है, यानी आज के यूनाइटेड किंगडम के बराबर। उन्होंने यह भी बताया कि अगर यह ट्रेंड कंटीन्यू रहा, तो आने वाले समय में दुनिया के बड़े-बड़े शहर वीरान हो सकते हैं।

काक ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए इसे "Devastating" बताया, यानी 'भयानक', और कहा कि "लोगों को इसका अंदाजा भी नहीं है कि AI कितना गहरा असर डालने जा रहा है।" रिपोर्ट के मुताबिक, काक का मानना है कि AI के आने से जैसे-जैसे कामकाज ऑटोमेट हो जाएंगे, इंसानों की जरूरत घटेगी, नौकरियां कम होंगी और लोग फैमिली प्लानिंग से पीछे हटेंगे। 

उन्होंने अपने बयान में कहा (अनुवादित) "AI खुद कभी सचेत नहीं होगा, लेकिन इंसानों जैसा सबकुछ करेगा और जब वो हमारी जगह काम करने लगेगा, तो इंसानों के होने की जरूरत ही कितनी रह जाएगी?" उनका यह भी कहना है कि दुनिया के कई हिस्सों में जनसंख्या पहले से गिर रही है, खासतौर पर जापान, चीन, यूरोप और साउथ कोरिया में।

काक ने यह भी कहा कि अगर यह ट्रेंड कंटीन्यू रहा, तो आने वाले समय में दुनिया के बड़े-बड़े शहर वीरान हो सकते हैं। उन्होंने कहा (अनुवादित), "अगर आबादी 10 करोड़ रह जाती है, तो लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहर खाली पड़े होंगे, सिर्फ मेटल और मशीनों से भरे हुए।" उन्होंने एलन मस्क का भी हवाला दिया जो पहले ही कह चुके हैं कि बर्थ रेट गिरना मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है और इसी वजह से मस्क स्पेस कॉलोनीज की बात करते हैं ताकि इंसानी सभ्यता को बचाया जा सके।

काक की बातों का मतलब सीधा है कि AI का असर सिर्फ काम तक नहीं, समाज, परिवार और इंसान के अस्तित्व तक पहुंचने वाला है। वो कहते हैं कि बदलाव शुरू हो चुका है, बस हम उसे नोटिस नहीं कर रहे। "लोग बच्चों को जन्म देना बंद कर चुके हैं और AI के आगे बढ़ते ही ये रफ्तार और तेज होगी।"
Advertisement

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Sapce Technology, AI, Artificial Intelligence
Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. OnePlus Nord 6: 7 अप्रैल को लॉन्च होगा 9000mAh बैटरी वाला फोन! प्राइस लीक
#ताज़ा ख़बरें
  1. IPL 2026 Live Streaming: RCB vs SRH मैच से आज आईपीएल 2026 का आगाज, ऐसे देखें फ्री!
  2. OnePlus Nord 6: 7 अप्रैल को लॉन्च होगा 9000mAh बैटरी वाला फोन! प्राइस लीक
  3. 96GB रैम, 16 इंच 144Hz डिस्प्ले वाले लैपटॉप Asus ExpertBook B3 G1 हुए लॉन्च, जानें सबकुछ
  4. OnePlus यूजर्स के लिए खुशखबरी! अब भारत में Oppo स्टोर पर करवा सकेंगे मोबाइल रिपेयर
  5. Vivo X300 Ultra लॉन्च नजदीक, 200MP के 2 कैमरा, 100W चार्जिंग के साथ 30 मार्च को देगा दस्तक
  6. Galaxy Watch 8 पहन कर सोया, जल गई कलाई! Samsung ने दिया हैरानी वाला जवाब ...
  7. 44 हजार सस्ता खरीदें Vivo का 50MP तीन कैमरा वाला फोन, 120W चार्जिंग!
  8. Samsung Galaxy Book 6 सीरीज भारत में हुई लॉन्च, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  9. Vivo T5 Pro जल्द होगा भारत में लॉन्च, 9,000mAh से ज्यादा की हो सकती है बैटरी
  10. गेमर्स को Sony का बड़ा झटका! PS5 खरीदना हुआ महंगा, बढ़ी कीमत
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.