Apple के लिए ट्रंप प्रशासन की नई टैरिफ पॉलिसी एक बड़ा झटका बनकर सामने आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने चीन से इंपोर्ट होने वाले प्रोडक्ट्स पर 34% का नया इंपोर्ट टैक्स लगाया है, जो पहले से मौजूद 20% ड्यूटी के अलावा होगा। इस हिसाब से चीन में तैयार Apple प्रोडक्ट्स पर अब कुल 54% तक की इंपोर्ट कॉस्ट लग सकती है। क्योंकि कंपनी का 90% से ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग बेस चीन में है, इसलिए यह असर सीधे iPhone जैसे डिवाइसेज पर देखने को मिल सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Apple अगर इन बढ़ी हुई लागतों को खुद वहन करता है और ग्राहकों पर भार नहीं डालता, तो उसकी ग्रॉस मार्जिन पर करीब 9% की चोट लग सकती है। वहीं अगर कंपनी बढ़ा हुआ खर्च कस्टमर्स पर ट्रांसफर करती है, तो आने वाले iPhone मॉडल्स की शुरुआती कीमत करीब 99,000 रुपये तक पहुंच सकती है। ऐसा हम नहीं, बल्कि रोसेनब्लाट सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट्स का हवाला देते हुए रॉयटर्स की
रिपोर्ट कहती है। एनालिस्ट्स का कहना है कि अमेरिका में iPhone की कीमतें सीधे इन टैरिफ से प्रभावित हो सकती हैं और इसका असर भारत जैसे मार्केट में भी दिख सकता है।
रिपोर्ट बताती है कि Apple हर साल 220 मिलियन से ज्यादा iPhone बेचती है और कंपनी के सबसे बड़े मार्केट में संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और यूरोप शामिल हैं। सबसे सस्ता
iPhone 16 मॉडल अमेरिका में $799 (करीब 68,200 रुपये) की कीमत पर लॉन्च किया गया था, लेकिन अनुमानों की गणना की जाए, तो इसकी शुरुआती कीमत $1,142 (लगभग 97,500 रुपये) तक हो सकती है। वहीं, अधिक प्रीमियम
iPhone 16 Pro Max, जो वर्तमान में $1599 (करीब 1,36,500 रुपये) में बिकता है, अगर 43% की वृद्धि कंज्यूमर्स तक पहुंचाई जाती है, तो इसकी कीमत लगभग $2300 (करीब 1,96,400 रुपये) हो सकती है।
हालांकि, कुछ फैक्टर्स ऐसे हैं जो इस अनुमान को बदल सकते हैं। सबसे बड़ा पॉइंट है कि Apple के CEO टिम कुक और ट्रंप के बीच अच्छे रिलेशन माने जाते हैं। ऐसे में यह संभव है कि कंपनी किसी तरह की टैरिफ छूट हासिल कर ले। दूसरा, Apple पिछले कुछ सालों से चीन से बाहर मैन्युफैक्चरिंग शिफ्ट करने की कोशिश कर रही है, खासकर भारत और वियतनाम की तरफ। और तीसरा, प्रशासन की तरफ से इस टैरिफ पर और स्पष्टीकरण या बदलाव आने की भी उम्मीद की जा रही है।
भारत में फिलहाल Apple का करीब 10% प्रोडक्शन होता है और वहां से आने वाले प्रोडक्ट्स पर अब 26% टैरिफ लगाया जाएगा। इसका असर तुलनात्मक रूप से कम (करीब 0.5% मार्जिन इफेक्ट) रहेगा, लेकिन अगर कंपनी धीरे-धीरे अपना फोकस चीन से हटाकर भारत पर बढ़ाती है, तो आगे चलकर इसका फायदा मिल सकता है। फिलहाल, टैरिफ लागू होने की तारीख 9 अप्रैल तय की गई है और तब तक Apple को या तो छूट मिलनी होगी या कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी।
बुधवार को टैरिफ की घोषणा के बाद Apple के शेयर में 5.6% की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के स्टॉक्स $223.89 से गिरकर $211.32 तक पहुंच गए थें। इस साल अब तक Apple के शेयर करीब 11% तक लुढ़क चुके हैं। टैरिफ का असर सिर्फ Apple ही नहीं, बल्कि पूरे ग्लोबल ट्रेड स्ट्रक्चर पर देखने को मिल सकता है, क्योंकि अमेरिका ने चीन, भारत, यूरोपियन यूनियन, जापान, वियतनाम जैसे कई देशों पर भारी ड्यूटी लगा दी है।