इन चाइनीज ब्रांड्स का Wi-Fi Router यूज करते हो तो सावधान! रिसर्च में हुआ खतरनाक खुलासा

साइबर सिक्योरिटी कंपनी VulnCheck की रिसर्च में Zbtlink के कई राउटर मॉडल्स में ENDLESSDOORS नाम का बैकडोर मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैकडोर रिमोट सर्वर से कनेक्ट होकर Root Access तक दे सकता है।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 7 अगस्त 2026 12:38 IST
ख़ास बातें
  • VulnCheck का Zbtlink के कई राउटर्स में ENDLESSDOORS बैकडोर मिलने का दावा
  • बैकडोर रिमोट सर्वर से कमांड लेकर Root Access दे सकता है
  • फिलहाल प्रभावित डिवाइस के लिए कोई आधिकारिक फर्मवेयर फिक्स उपलब्ध नहीं है

बैकडोर रिमोट सर्वर से कमांड लेकर Root Access दे सकता है।

Photo Credit: Unsplash/ Misha Feshchak

अगर आप Zbtlink या उससे जुड़े किसी OEM ब्रांड का Wi-Fi राउटर इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम हो सकती है। साइबर सिक्योरिटी कंपनी VulnCheck की नई रिसर्च के मुताबिक, Zbtlink के कई राउटर मॉडल्स में फैक्ट्री से ही एक ऐसा फोन-होम बैकडोर मौजूद है, जो इंटरनेट से कनेक्ट होते ही रिमोट सर्वर से संपर्क करने की कोशिश करता है। रिसर्चर्स ने इस बैकडोर को ENDLESSDOORS नाम दिया है।

रिसर्च के मुताबिक, यह किसी हैकर द्वारा डाला गया मैलवेयर नहीं है, बल्कि डिवाइस के फर्मवेयर में पहले से मौजूद एक प्रोग्राम है, जो हर बार राउटर बूट होने पर अपने आप चालू हो जाता है। यह सिस्टम में kworker नाम से चलता है, जिससे यह सामान्य Linux प्रोसेस जैसा दिखाई देता है और आसानी से पहचान में नहीं आता।

कैसे करता है काम?

VulnCheck के अनुसार, बैकडोर एक रिमोट कंट्रोल टूल (rctl) पर आधारित है। राउटर इंटरनेट से जुड़ने के बाद तय कमांड एंड कंट्रोल (C2) सर्वर से कनेक्ट होता है और वहां से आने वाले कमांड्स को Root Privileges के साथ सीधे एक्सीक्यूट कर सकता है। रिसर्चर्स का दावा है कि इस कम्युनिकेशन में न तो किसी तरह का ऑथेंटिकेशन होता है और न ही एन्क्रिप्शन। ऐसे में अगर कोई हमलावर इस कनेक्शन को अपने नियंत्रण में ले ले, तो उसे राउटर पर इंटरैक्टिव Root Shell मिल सकती है।

किन डिवाइस पर मिला बैकडोर?

Zbtlink की वेबसाइट पर उपलब्ध लगभग दो दर्जन फर्मवेयर इमेज में यह बैकडोर मौजूद है। रिसर्चर्स ने Z8102AX-2DSIM (AX3000) समेत करीब 20 मॉडल्स को प्रभावित बताया है। चूंकि Zbtlink कई कंपनियों के लिए OEM/ODM डिवाइस भी बनाती है, इसलिए अलग-अलग ब्रांड नामों से बिकने वाले कुछ राउटर भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।

यूजर्स क्या करें?

VulnCheck का कहना है कि फिलहाल इसके लिए कोई आधिकारिक फर्मवेयर फिक्स उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यूजर्स को अपने राउटर का मॉडल नंबर जांचने, संदिग्ध आउटबाउंड कनेक्शन मॉनिटर करने और जरूरत पड़ने पर इफेक्टेड डिवाइस को नेटवर्क से अलग करने या बदलने की सलाह दी गई है। रिसर्चर्स का मानना है कि इसे सामान्य सॉफ्टवेयर बग की तरह नहीं, बल्कि डिवाइस ट्रस्ट से जुड़ी समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Redmi Note 17 5G vs Vivo T5x 5G vs OnePlus Nord CE6 Lite: ₹30K में कौन सा फोन है बेस्ट?
#ताज़ा ख़बरें
  1. Vu Glo Mini-LED TV भारत में लॉन्च: 65-इंच तक साइज और गेमिंग फीचर्स, कीमत ₹42 हजार से शुरू
  2. Moto Pad 70 Groove Sale: 9 स्पीकर सिस्टम वाले टैबलेट की सेल शुरू, ऐसे मिलेगा ₹4 हजार का डिस्काउंट
  3. इन चाइनीज ब्रांड्स का Wi-Fi Router यूज करते हो तो सावधान! रिसर्च में हुआ खतरनाक खुलासा
  4. Jio, Airtel यूजर्स को 5G के लिए देने होंगे ज्यादा पैसे? क्या है 5G नेटवर्क स्लाइसिंग, कैसे होगी लागू, TRAI ने पेश किए सुझाव
  5. HP OmniPad 12 टैबलेट 13MP कैमरा, Snapdragon 6 Gen 3 के साथ लॉन्च, कितनी है कीमत
  6. Amazon Great Freedom Sale में ₹30000 में आने वाले टैबलेट पर बंपर डील
  7. AI की चपेट में Visa! 2,600 कर्मचारियों की गई नौकरी, भारत पर भी पड़ा असर
  8. Redmi Note 17 5G vs Vivo T5x 5G vs OnePlus Nord CE6 Lite: ₹30K में कौन सा फोन है बेस्ट?
  9. WhatsApp को खतरा! AI एजेंट के जरिए हैकर्स कर सकते हैं बड़ा नुकसान
  10. Amazon Great Freedom Day Sale में ₹40 हजार सस्ता मिल रहा Samsung Galaxy S25 Ultra 5G
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.