साइबर सिक्योरिटी कंपनी VulnCheck की रिसर्च में Zbtlink के कई राउटर मॉडल्स में ENDLESSDOORS नाम का बैकडोर मिलने का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैकडोर रिमोट सर्वर से कनेक्ट होकर Root Access तक दे सकता है।
बैकडोर रिमोट सर्वर से कमांड लेकर Root Access दे सकता है।
Photo Credit: Unsplash/ Misha Feshchak
अगर आप Zbtlink या उससे जुड़े किसी OEM ब्रांड का Wi-Fi राउटर इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम हो सकती है। साइबर सिक्योरिटी कंपनी VulnCheck की नई रिसर्च के मुताबिक, Zbtlink के कई राउटर मॉडल्स में फैक्ट्री से ही एक ऐसा फोन-होम बैकडोर मौजूद है, जो इंटरनेट से कनेक्ट होते ही रिमोट सर्वर से संपर्क करने की कोशिश करता है। रिसर्चर्स ने इस बैकडोर को ENDLESSDOORS नाम दिया है।
रिसर्च के मुताबिक, यह किसी हैकर द्वारा डाला गया मैलवेयर नहीं है, बल्कि डिवाइस के फर्मवेयर में पहले से मौजूद एक प्रोग्राम है, जो हर बार राउटर बूट होने पर अपने आप चालू हो जाता है। यह सिस्टम में kworker नाम से चलता है, जिससे यह सामान्य Linux प्रोसेस जैसा दिखाई देता है और आसानी से पहचान में नहीं आता।
VulnCheck के अनुसार, बैकडोर एक रिमोट कंट्रोल टूल (rctl) पर आधारित है। राउटर इंटरनेट से जुड़ने के बाद तय कमांड एंड कंट्रोल (C2) सर्वर से कनेक्ट होता है और वहां से आने वाले कमांड्स को Root Privileges के साथ सीधे एक्सीक्यूट कर सकता है। रिसर्चर्स का दावा है कि इस कम्युनिकेशन में न तो किसी तरह का ऑथेंटिकेशन होता है और न ही एन्क्रिप्शन। ऐसे में अगर कोई हमलावर इस कनेक्शन को अपने नियंत्रण में ले ले, तो उसे राउटर पर इंटरैक्टिव Root Shell मिल सकती है।
Zbtlink की वेबसाइट पर उपलब्ध लगभग दो दर्जन फर्मवेयर इमेज में यह बैकडोर मौजूद है। रिसर्चर्स ने Z8102AX-2DSIM (AX3000) समेत करीब 20 मॉडल्स को प्रभावित बताया है। चूंकि Zbtlink कई कंपनियों के लिए OEM/ODM डिवाइस भी बनाती है, इसलिए अलग-अलग ब्रांड नामों से बिकने वाले कुछ राउटर भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
VulnCheck का कहना है कि फिलहाल इसके लिए कोई आधिकारिक फर्मवेयर फिक्स उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यूजर्स को अपने राउटर का मॉडल नंबर जांचने, संदिग्ध आउटबाउंड कनेक्शन मॉनिटर करने और जरूरत पड़ने पर इफेक्टेड डिवाइस को नेटवर्क से अलग करने या बदलने की सलाह दी गई है। रिसर्चर्स का मानना है कि इसे सामान्य सॉफ्टवेयर बग की तरह नहीं, बल्कि डिवाइस ट्रस्ट से जुड़ी समस्या के रूप में देखा जाना चाहिए।
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