WiFi राउटर बनेगा CCTV! आ रही दीवार के पार देखने वाली तकनीक, जानें कैसे करेगी काम

वैज्ञानिक जल्द ही ऐसी तकनीकी पेश करने वाले हैं जिससे बिना कैमरा दीवार के पार भी देखा जा सकेगा।

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Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 7 जनवरी 2026 17:36 IST
ख़ास बातें
  • यह तकनीक बूढ़े-बुजुर्ग लोगों की देखभाल के लिए क्रांतिकारी साबित होगी।
  • होम सिक्योरिटी में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है।
  • मौजूदा वाई-फाई राउटर्स को डीप लर्निंग के तैयार किया जा सकता है।

मौजूदा वाई-फाई राउटर्स को डीप लर्निंग के तैयार किया जा सकता है। (सांकेतिक फोटो))

Photo Credit: Amazon

WiFi अब दीवारों के पार भी देख सकेगा! ऐसा एक रिसर्च में दावा किया जा रहा है। टेक्नोलॉजी अभी शुरुआती चरण में है लेकिन Carnegie Mellon University जल्द ही इसे हकीकत बनाने की बात कह रही है। यहां के कुछ शोधकर्ताओं ने 2022 में एक क्रांतिकारी रिसर्च पेश की थी जिसमें कहा गया था कि WiFi नेटवर्क की मदद से बिना कैमरा, या खास उपकरण के दीवारों के पार देखना संभव होगा। वायरलेस सिग्नल की मदद से दीवार के उस पार इंसानी मौजूदगी और गतिविधि का पता लगाया जा सकता है। अब यह तकनीकी जल्द ही विकसित हो सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।  

WiFi सिग्नल की मदद से वैज्ञानिक जल्द ही ऐसी तकनीकी पेश करने वाले हैं जिससे बिना कैमरा दीवार के पार भी देखा जा सकेगा। कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी की रिसर्च में दावा किया गया है कि होम सिक्योरिटी में एक क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। इस तकनीक के आ जाने से WiFi ही कैमरा और सर्विलांस सिस्टम बन जाएगा। रेस्क्यू मिशन, बड़े-बुजुर्गों की देखभाल, घर की सुरक्षा आदि में इसका बड़ा रोल होगा। 

मौजूदा वाई-फाई राउटर्स को डीप लर्निंग के तैयार किया जा सकता है। ये सिग्नल मानव शरीर की पहचान कर उसकी मौजूदगी और स्थिति का पता लगा सकते हैं। इसके साथ ही अन्य वस्तुओं की पोजीशन भी भांप सकते हैं। इनमें न तो LiDAR आधारित मोशन सेंसर की जरूरत होगी, और न ही महंगे सॉफ्टवेयर लगेंगे। ये साधारण मोशन-सेंसिंग सिस्टम पर काम करेंगे। WiFi सिग्नल जब किसी मानव शरीर से टकराते हैं और उसके आसपास से होकर गुजरते हैं तो सिस्टम इसका विश्लेषण करता है। इन सिग्नलों को डाइनेमिक 3D सिल्हूट में बदल कर लोगों की मौजूदगी का पता लगाया जा सकता है। यहां तक कि वे क्या कर रहे हैं, उनकी गतिविधि क्या कहती है, ये सब जाना जा सकता है। 

शोधकर्ताओं का दावा है कि यह तकनीक बूढ़े-बुजुर्ग लोगों की देखभाल के लिए क्रांतिकारी साबित होगी। इसके साथ ही घर में हो रही किसी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सकेगा। सबसे खास बात कि यह बहुत सस्ती होगी। क्योंकि, वाइ-फाई राउटर सब जगह मौजूद हैं। इन्हें किसी खास हार्डवेयर की जरूरत नहीं होगी। यह तकनीक आसानी से इनके जरिए अमल में लाई जा सकती है। हालांकि प्राइवेसी को इससे खतरा हो सकता है। साथ ही सर्विलांस के लिए इसका दुरुपयोग भी किया जा सकता है। कोई दूर बैठा व्यक्ति आपके घर में लगे वाई-फाई की मदद से आपके घर की हर गतिविधि पर नजर रख सकता है। इसलिए इनको खास प्राइवेसी फीचर्स से लैस करने की जरूरत होगी। 
 

 

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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

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