रोड पर चलते-चलते खुद चार्ज होगी आपकी इलेक्ट्रिक कार, इस आधुनिक रोड पर काम शुरू

सड़क पर चलने के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने वाला यह लेटेस्ट टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रोड इलेक्ट्रिफिकेशन (ASPIRE) पहल के जरिए एडवांस सस्टेनेबिलिटी के तहत आता है।

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गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 28 जुलाई 2021 15:00 IST
ख़ास बातें
  • इंडियाना का ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट एक नई तकनीक पर कर रहा है काम
  • एक खास कंक्रीट से बनी रोड पर इलेक्ट्रिक गाड़ियां अपने आप होंगी चार्ज
  • प्रोजेक्ट में कई विश्वविद्यालय, सरकारी प्रयोगशालाएं, व्यवसाय आदि शामिल

जल्द हमें रोड पर चलती इलेक्ट्रिक गाड़ियां अपने आप चार्ज होती नज़र आ सकती है

एक दशक पहले दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिकों ने पहली बार कुछ इस तरह की सड़कों का एक कॉन्सेप्ट तैयार किया था, जो ऊपर चलने वाली इलेक्ट्रिक कार (Electric Cars) या इलेक्ट्रिक बसों को अपने आप चार्ज करती थीं। अब, अमेरिका में इंडियाना डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन (INDOT) ने पर्ड्यू यूनिवर्सिटी (Purdue University) के सहयोग से दुनिया का पहला वायरलेस-चार्जिंग कंक्रीट फुटपाथ हाईवे सेगमेंट विकसित करने पर विचार किया है। इस परियोजना में आधुनिक मैग्नेटाइज़ेबल कंक्रीट का उपयोग होगा, जिसे जर्मन स्टार्टअप Magment द्वारा विकसित किया गया है। यह कंक्रीट इलेक्ट्रिक वाहनों को वायरलेस तरीके से चार्जिंग करने में सक्षम होगा। इस तरह जब इलेक्ट्रिक गाड़ियां (Electric Vehicles) इससे बनी सकड़ों के ऊपर दौड़ेंगे, तो वे अपने आप चार्ज भी होते रहेंगे।

इंडियाना के गवर्नर एरिक जे. होल्कोम्ब (Eric J. Holcomb) ने एक बयान में कहा कि राज्य को अमेरिका के चौराहे के रूप में जाना जाता है। उन्होंने आगे कहा कि राज्य उभरती वाहन तकनीकों को सपोर्ट कर नए विचारों को पेश कर परिवहन लीडर के रूप में अपनी छवि को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना एक मजबूत संकेत है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने का समर्थन करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को तैयार करने के मामले में राज्य आगे बढ़ रहा है।

सड़क पर चलने के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने वाला यह लेटेस्ट टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रोड इलेक्ट्रिफिकेशन (ASPIRE) पहल के जरिए एडवांस सस्टेनेबिलिटी के तहत आता है। इस परियोजना को नेशनल साइंस फाउंडेशन द्वारा फंड किया गया है और सभी वर्गों के वाहनों के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए अगली पीढ़ी की चार्जिंग तकनीकों को विकसित करने के लिए इसमें विश्वविद्यालयों, सरकारी प्रयोगशालाओं, व्यवसायों और अन्य हितधारकों का सहयोग शामिल है।

परियोजना के तीन चरण हैं और इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है। फेज़ 1 और 2 में पेवमेंट टेस्टिंग, विश्लेषण और ऑप्टिमाइजेशन रिसर्च शामिल है, जिसे पर्ड्यू के वेस्ट लाफायेट परिसर में जॉइंट ट्रांसपोर्टेशन प्रोग्राम (JTRP) द्वारा आयोजित किया जाएगा। अंतिम चरण में परिवहन विभाग एक चौथाई मील लंबे टेस्ट बेड का निर्माण करेगा। स्थान अभी तय होना बाकी है। तब इंजीनियर ट्रकों को चार्ज करने के लिए कंक्रीट की क्षमता का परीक्षण करेंगे।
 

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