ISRO की चेतावनी! भारत में अक्टूबर-दिसंबर के बीच आ सकते हैं 3 बड़े तूफान

चक्रवातों में बहुत तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में भयानक व ऊंची लहरे उठ सकती हैं।

ISRO की चेतावनी! भारत में अक्टूबर-दिसंबर के बीच आ सकते हैं 3 बड़े तूफान

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इसरो ने चेतावनी जारी की है कि साल के अंतिम महीनों में भारत के तटीय राज्यों को 3 चक्रवाती तूफानों से खतरा है!

ख़ास बातें
  • उत्तरी हिंद महासागर में तीन शक्तिशाली चक्रवाती तूफान बनने की संभावना
  • संभावित तूफानों की तीव्रता अन्य वर्षों की तुलना में बहुत अधिक
  • चक्रवातों की ताकत का सूचकांक पिछले 44 सालों के औसत से 83 फीसदी ज्यादा
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने भारत के तटीय इलाकों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। इसरो ने कहा है कि अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच उत्तरी हिंद महासागर में तीन शक्तिशाली चक्रवाती तूफान बनने की संभावना दिख रही है। चिंता की बात यह है कि इन संभावित तूफानों की तीव्रता अन्य वर्षों की तुलना में बहुत अधिक है। 

इसरो ने चेतावनी जारी की है कि साल के अंतिम महीनों में भारत के तटीय राज्यों को 3 चक्रवाती तूफानों से खतरा है! संस्थान ने अपने सैटेलाइट्स और वैदर ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से यह संभावना जताई है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में तीन शक्तिशाली चक्रवाती तूफान बन सकते हैं। MOSDAC वेबसाइट पर इसकी पूरी जानकारी दी गई है। चक्रवातों में बहुत तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में भयानक व ऊंची लहरे उठ सकती हैं। इस मौसमी पैटर्न का असर खासतौर पर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में सबसे अधिक देखने को मिल सकता है। इसके अलावा अरब सागर से लगते भारतीय राज्य जैसे गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा व केरल भी इस खतरनाक मौसम की चपेट में आ सकते हैं। 

इसरो ने कहा है कि चक्रवातों की ताकत का सूचकांक पिछले 44 सालों के औसत से 83 फीसदी ज्यादा रह सकता है। इनका पीडीआई (पावर डिसिपेशन इंडेक्स) 1.30 बताया गया है जो कि 1982 से 2025 के बीच सिर्फ 71 लाख रहा है। पीडीआई एक ऐसा वैज्ञानिक पैमाना है जो किसी चक्रवात की विनाशकारी क्षमता, उसकी अवधि और संख्या को मिलाकर उसकी कुल ऊर्जा का आकलन करता है। हालांकि चक्रवातों का असल प्रभाव उनके पैदा होने की दिशा, उनकी स्पीड और टकराव वाली जगह के ऊपर निर्भर करेगा। 

कई बार होता है कि चक्रवाती तूफान तट से टकराकर कमजोर पड़ जाता है, लेकिन कई बार यह तटीय क्षेत्र को तबाह करता हुआ भीतरी आबादी वाले क्षेत्रों तक भी बड़ा नुकसान कर सकता है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए इसरो की यह चेतावनी बहुत मायने रखती है। इसी के साथ प्रशासन के लिए भी इसकी मदद से हर चुनौतीपूर्ण स्थिति के लिए पहले से तैयार रहने में मदद मिलेगी। इस तरह के अनुमान से  प्रशासन द्वारा समय पर सुरक्षा निर्देश जारी किए जा सकते हैं। साथ ही बहुत अधिक खतरे की स्थिति में तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भी भेजा जा सकता है। 

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हेमन्त कुमार

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर सब-एडिटर हैं और विभिन्न प्रकार के ...और भी

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