ब्रिटिश सांसदों ने कहा: ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए Facebook, Google भी हो जवाबदेह

सांसदों ने कहा है कि सभी तरह के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जो विज्ञापनों के जरिए धोखधड़ी होती है उनके लिए प्लैटफॉर्म को कानूनी तौर पर जवाबदेह होना चाहिए।

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गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 14 दिसंबर 2021 21:57 IST
ख़ास बातें
  • इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के लिए codes of practice लाने की कही बात।
  • हानिकारक विज्ञापनों को कानून के दायरे में लाने की तैयारी।
  • कंपनियां उन सर्विस के लिए जिम्मेदार हों जिन्हें उन्होंने डिजाइन किया है।

यह ड्राफ्ट लॉ 2022 में अप्रूव होने वाला है।

ब्रिटिश सांसदों के एक ग्रुप ने कहा है कि लाखों उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने वालों को रोकने के लिए Google, Facebook और अन्य ऑनलाइन सर्विसेज को जवाबदेह होना चाहिए। सांसदों ने कहा कि इन सभी तरह के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जो विज्ञापनों के जरिए धोखधड़ी होती है उसके लिए उन्हें कानूनी तौर पर जवाबदेह होना चाहिए। ब्रिटेन ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी, नस्लवाद और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसे अपराधों की सजा के लिए एक ऑनलाइन सुरक्षा कानून पेश किया है। संसद के दोनों सदनों से बने सांसदों की एक ज्वॉइंट कमिटी ने कहा कि इसमें पेड विज्ञापनों को भी शामिल करना चाहिए जिनसे धोखाधड़ी होती है। 

ज्वॉइंट कमिटी की रिपोर्ट में कहा गया है, "अगर पेड विज्ञापनों को इस कानून से बाहर रखा जाता है तो सर्विस प्रोवाइडर हानिकारक विज्ञापनों को हटाने का प्रयास नहीं करेंगे और इस तरह के कंटेंट को फिर और आगे तक ले जाया जाएगा।"

द फाइनेंशिअल कन्डक्ट अथॉरिटी सोशल मीडिया और सर्च इंजनों पर विज्ञापनों को भी शामिल करना चाहती है। इन्हें फिलहाल ड्राफ्ट से बाहर रखा गया है। मगर इस वर्ष के पहले छह महीनों में इस तरह के विज्ञापनों के चलते उपभोक्ताओं से GBP 754 मिलियन (लगभग 7560.55 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी हो चुकी है। इसलिए अथॉरिटी अब इनको कानून के दायरे में लाना चाहती है। 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लॉ कमिशन की सिफारिश के अनुसार साइबर फ्लैशिंग, या अश्लील फोटो या वीडियो रिकॉर्डिंग को भेजा जाना भी गैर कानूनी होना चाहिए। इस तरह की एक्टिविटी यौन उत्पीड़न का ही एक रूप होती हैं।  
यह ड्राफ्ट लॉ 2022 में अप्रूव होने वाला है और सरकार के पास यह कहने के लिए दो महीने का समय है कि क्या वह सिफारिश का समर्थन करेगी या नहीं। 
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"बड़ी तकनीकी के लिए सेल्फ रेगुलेशन का युग अब समाप्त हो गया है। कंपनियां स्पष्ट रूप से उन सर्विस के लिए जिम्मेदार हैं जिन्हें उन्होंने डिज़ाइन किया है और इससे लाभ कमाती हैं। उन्होंने जो निर्णय लिए हैं उनके लिए उन्हें जिम्मेदार भी होना चाहिए।" ज्वॉइंट कमिटी के अध्यक्ष डेमियन कोलिन्स ने कहा। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रिटेन के कम्यूनिकेशन रेगुलेटर Ofcom को इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के लिए अनिवार्य कोड ऑफ प्रैक्टिस (codes of practice) तैयार करना चाहिए।
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हालांकि अभिव्यक्ति की आजादी के लिए मजबूत सुरक्षा होनी चाहिए, जिसमें मान्यता प्राप्त न्यूज़ पब्लिशर के लिए स्वत: छूट भी शामिल है। ब्रिटेन के फाइनेंशिअल सर्विस मिनिस्टर जॉन ग्लेन ने पिछले महीने कहा था कि वह बिल या इसी तरह की किसी कार्रवाई में ऑनलाइन विज्ञापनों को शामिल करने के पक्ष में हैं।

 

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