Tesla की कारें भारतीय बाजार में जल्द बड़ी संख्या में दिखेंगी!

कुछ संकेत थे कि टेस्ला 2022 में टेस्ला मार्केट में एंट्री कर सकता थी। इसने बेंगलुरु में एक भारतीय यूनिट को कंपनी की भारतीय ब्रांच के तौर पर शामिल किया।

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साजन चौहान, अपडेटेड: 16 मई 2022 10:10 IST
ख़ास बातें
  • Tesla भारत में इलेक्ट्रिक कारों को बनाए, न कि चीन से इंपोर्ट करके बेचे।
  • टेस्लाा ने स्थानीय कर्मचारियों को फिर से नियुक्त करना शुरू कर दिया है।
  • Tesla के कुछ कर्मचारी अब विदेशी नौकरियों में फिर से नियुक्त हो रहे हैं।

Photo Credit: Tesla

दुनिया की जानी-मानी इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता कंपनी टेस्ला (Tesla) ने इंडियन मार्केट में एंट्री करने के अपने प्लान को रद्द कर दिया है। यह भारत सरकार द्वारा इंपोर्ट चार्ज को न घटाने के चलते हुआ है, जिसके चलते टेस्ला के भारत में एंट्री की प्लानिंग ठंडे बस्ते में चली गई है। अब बताया जा रहा है कि कंपनी ने स्थानीय कर्मचारियों को फिर से नियुक्त करना शुरू कर दिया है, जिससे टेस्ला के भारत में आने की खबरों को उम्मीद मिली है।

एक प्रकार से यह उन नौकरियों के लिए एक झटका हो सकता है जो देश में टेस्ला के आने से पैदा होने की संभावना हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा मार्केट है, जिसमें टेस्ला की मौजूदगी नहीं है। भारतीय बाजार में टेस्ला की एंट्री के लिए अधिक इंपोर्ट चार्ज एक बड़ी बाधा रहा है। हालांकि कुछ संकेत थे कि यह 2022 में टेस्ला मार्केट में एंट्री कर सकता थी। इसने बेंगलुरु में एक भारतीय यूनिट को कंपनी की भारतीय ब्रांच के तौर पर शामिल किया।

भारत सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का भारत में ही निर्माण करने वाली कंपनियों की कई प्रकार से मदद करता है, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए अधिक इंपोर्ट चार्ज भी शामिल है। इस पॉलिसी के चलते चीन और अमेरिका में विदेशी ईवी कंपनियों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है जो कि भारतीय बाजार में आने में असमर्थ हो रहे हैं। टेस्ला ने भारत में एक ईवी प्रोडक्शन फेसिलिटी बनाने का प्लान बनाया था, लेकिन यह देखना था कि उसके व्हीकल्स मार्केट में पहले कैसा प्रदर्शन करते हैं। वर्तमान में भारत में 7 Tesla ईवी को टेस्ट और पास किया गया है। भारत सरकार के परिवहन मंत्री ने बताया है कि सरकार चाहती है कि Tesla भारत में आकर इलेक्ट्रिक कारों को बनाए, न कि चीन से इंपोर्ट करके भारत में बेचे। भारत में अब तक सर्विस सेंटर और सुपरचार्जर स्टेशन नहीं बने हैं।

आपको बता दें कि भारत में Tesla के कुछ कर्मचारी अब विदेशी नौकरियों में फिर से नियुक्त हो रहे हैं। वहीं टेस्ला की चीन में ईवी प्रोडक्शन यूनिट बनाने में सबसे बड़ी मुश्किल अनुकूल इंपोर्ट सिस्टम पर जोर देना है। सरकार पसंद के हिसाब से काम नहीं करेगी और इसलिए कंपनी कहीं ओर अपना ध्यान आकर्षित कर रही है।
 

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