11,113 km/h की रफ्तार पकड़ सकता है चीन का खतरनाक Hypersonic इंजन, कई देशों की बढ़ी टेंशन!

चीन ने जिस हाइपरसोनिक इंजन का परिक्षण किया है, उसमें पारंपरिक हाइड्रोजन फ्यूल के बजाय एविएशन केरोसीन का इस्तेमाल किया गया है।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 2 दिसंबर 2022 13:09 IST
ख़ास बातें
  • इस हाइपरसोनिक इंजन में एविएशन केरोसीन का इस्तेमाल किया गया है
  • चीन ने अपने नए इंजन का टेस्ट JF-12 हाइपरसोनिक शॉक टनल में किया
  • अमेरिका फिलहाल स्क्रैमजैट हाइपरसोनिक इंजनों पर काम कर रहा है

चीन ने अपने नए इंजन का टेस्ट JF-12 हाइपरसोनिक शॉक टनल में किया।

Photo Credit: Representative Image

चीन (China) ने हाल ही में एक हाइपरसोनिक इंजन (Hypersonic Engine) का टेस्ट किया है। यह इंजन फाइटर जेट्स में लगाया जाएगा, जिसकी बदौलत जेट्स आश्चर्यजनक स्पीड से उड़ सकेंगे। इस टेस्ट ने कई सुपरपावर्स, खासतौर पर अमेरिका को टेंशन दे दी है। इस इंजन से जबरदस्त स्पीड तो मिलेगी ही, साथ ही यह शोर भी कम करेगा। निश्चित तौर पर यह हाइपरसोनिक इंजन चीन के फाइटर जेट्स को अच्छा अपग्रेड देगा।

South China Morning Post की रिपोर्ट कहती है कि चीन ने जिस हाइपरसोनिक इंजन का परिक्षण किया है, उसमें पारंपरिक हाइड्रोजन फ्यूल के बजाय एविएशन केरोसीन का इस्तेमाल किया गया है। इंजन बनाने वालों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अब तक ऐसी कोई तकनीक नहीं बनी थी, जिसमें कोई फाइटर जेट इतनी स्पीड में उड़ सके। हाइपरसोनिक इंजन किसी फाइटर जेट को 11,113 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ाने की क्षमता रखता है। हालांकि, इतनी स्पीड पर विमान को इंसान द्वारा संभालना बहुत मुश्किल होगा, या यूं कहें कि नामुमकिन होगा।

चीन ने अपने नए इंजन का टेस्ट JF-12 हाइपरसोनिक शॉक टनल में किया। यह दुनिया की सबसे बड़ी शॉक टनल है, जिसका व्यास 11.4 फीट है। इस टनल के अंदर मैक 5 से मैक 9 स्पीड वाले इंजन को टेस्ट किया जाता है। इस सफल टेस्ट को चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज के इंस्टीट्यूट ऑफ मैकेनिक्स के लियु युनफेंग और उनकी टीम ने अंजाम दिया है। 

ऐसे में हो सकता है कि फाइटर जेट्स में इस इंजन को कई सीमाओं के साथ फिट किया जाएगा। फिर भी, चीन के लिए एक हाइपरसोनिक इंजन को बनाना एक बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। चीन ने इस इंजन का नाम डेटोनेशन रखा है। डेटोनेशन इंजन फाइटर जेट को आगे बढ़ाने के लिए शॉकवेव्स की सीरीज बनाता है। डेटोनेशन इंजन पारंपरिक हाइपरसोनिक इंजनों की तुलना में ज्यादा ताकत पैदा करते हैं। 

अमेरिका फिलहाल स्क्रैमजैट इंजनों पर काम कर रहा है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि चीनी इंजन अमेरिकी इंजन से ज्यादा ताकतवर है।
Advertisement

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

ये भी पढ़े: , China, China Hypersonic Engine, Hypersonic Engine
Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Infinix NOTE Edge हुआ लॉन्च: स्लिम बॉडी में फिट है 6500mAh की बड़ी बैटरी और JBL-ट्यून्ड स्पीकर्स, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. क्रिप्टोकरेंसीज के जरिए जम्मू और कश्मीर में आतंकवादियों को हो रही फंडिंग! सिक्योरिटी एजेंसियों की चेतावनी
  2. Amazon की सेल में Apple, OnePlus, Samsung और कई ब्रांड्स के टैबलेट्स पर बड़ा डिस्काउंट
  3. 5,500mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Honor Magic 8 Pro Air, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  4. Realme Neo 8 में मिलेगी 8,000mAh की बैटरी, कल होगा लॉन्च
  5. Amazon की सेल में Acer, Lenovo और कई ब्रांड्स के मिड-रेंज लैपटॉप्स पर 20,000 रुपये से ज्यादा का डिस्काउंट 
  6. OTT देखना हुआ और सस्ता! JioHotstar के नए प्लान्स लॉन्च, Rs 79 से शुरू सब्सक्रिप्शन
  7. iQOO 15 Ultra में मिल सकता है 50 मेगापिक्सल टेलीफोटो कैमरा, गेमिंग के लिए होंगे अलग फीचर्स 
  8. Infinix NOTE Edge हुआ लॉन्च: स्लिम बॉडी में फिट है 6500mAh की बड़ी बैटरी और JBL-ट्यून्ड स्पीकर्स, जानें कीमत
  9. 3 चट्टानों की होगी पृथ्वी से टक्कर? एस्टरॉयड को लेकर नासा अलर्ट
  10. Redmi Turbo 5 Max में मिलेगी 9,000mAh की बैटरी, इस महीने होगा लॉन्च
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.