Amazon, Flipkart से वापस ली जाए कारोबार की इजाजत, CBI जांच हो : स्‍वदेशी जागरण मंच

आरोप लगाया गया है कि सभी ई-कॉमर्स कंपनियों ने ‘गलत तरीके से लाइसेंस और मंजूरियां’ हासिल की हैं।

विज्ञापन
Press Trust of India, अपडेटेड: 28 दिसंबर 2021 18:45 IST
ख़ास बातें
  • ग्वालियर में आयोजित 15वें राष्ट्रीय सम्मेलन में यह प्रस्ताव पारित हुआ
  • कहा गया है कि कंपनियां FDI के तय मानकों का खुलकर उल्लंघन कर रही हैं
  • अफसरों को रिश्‍वत दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है

SJM ने कहा है कि एमेजॉन सरकारी अफसरों को रिश्‍वत भी दे रही है, इसलिए जांच की जानी चाहिए।

Photo Credit: Reuters

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच (SJM) ने सरकार से ई-कॉमर्स कंपनियों- एमेजॉन और फ्लिपकार्ट से देश में कारोबार की अनुमति फौरन वापस लेने का अनुरोध किया है। स्‍वदेशी जागरण मंच ने कहा है कि ये कंपनियां खुलकर नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। SJM के राष्ट्रीय सम्मेलन में पारित किए गए एक प्रस्ताव में एमेजॉन, फ्लिपकार्ट आदि कंपनियों के कामकाज की जांच CBI से कराने की मांग भी की गई है। SJM का कहना है कि ये कंपनियां प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के तय मानकों का खुलकर उल्लंघन कर रही हैं और इस तरह से देश में कारोबार कर रही हैं।

ग्वालियर में आयोजित हुए 15वें राष्ट्रीय सम्मेलन में SJM की ओर से प्रस्ताव पारित किया गया। इसके मुताबिक, मल्‍टी-ब्रांड‍ रिटेल ट्रेड में FDI पर कई तरह की पाबंदियां लगी हैं और विदेशी कंपनियां यहां पर इन्‍वेंट्री आधारित मॉडल पर कारोबार नहीं कर सकतीं। उन पर प्राइसेज में बहुत ज्यादा कमी करने की भी रोक है। आरोप है कि  एमेजॉन और फ्लिपकार्ट इन प्रावधानों का खुलकर उल्लंघन कर रही हैं।

स्वदेशी जागरण मंच ने दावा किया कि एमेजॉन अपनी ई-कॉमर्स रिटेल एक्टिविटीज के साथ-साथ रिटेल आउटलेट्स का अधिग्रहण करने की "होड़" में है। SJM ने कहा है कि शॉपर्स स्टॉप और मोर रिटेल चेन में एमेजॉन का इन्‍वेस्‍टमेंट इसी दिशा में बढ़ाया गया उसका एक कदम है।

SJM ने कहा कि एमेजॉन ने 2017-18 से 2019-20 के बीच सिर्फ तीन साल में लीगल और प्रोफेशनल फीस के तौर पर 9,788 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। SJM के मुताबिक, उसके अंदरूनी सोर्सेज का कहना है कि इन यह रकम देश में अफसरों को रिश्वत देने के लिए इस्तेमाल की जा रही है। इससे ‘साबित' होता है कि इन सभी ई-कॉमर्स कंपनियों ने ‘गलत तरीके से लाइसेंस और मंजूरियां' हासिल की हैं।

SJM की राष्ट्रीय सभा ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि इन कंपनियों को दी गई सभी मंजूरियां वापस ली जाएं और उनकी गतिविधियों को गैरकानूनी घोषित किया जाए। 
Advertisement

स्‍वेदशी जागरण मंच का कहना है कि इस प्रकरण की CBI जांच कराई जाए। इन कंपनियों से फायदा लेने वाले अधिकारियों की पहचान होने तक उन्हें छुट्टी पर भेज दिया जाए, ताकि पूरे मामले की निष्‍पक्ष जांच कराई जा सके। मंच ने कहा है कि अगर अफसर दोषी पाए जाते हैं, तो उन्‍हें सजा भी दी जानी चाहिए।  
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: Swadeshi Jagran Manch, SJM, Amazon, Flipkart, CBI, CBI Investigation
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Hisense ने भारत में लॉन्च किए मोबाइल कनेक्टिविटी और AI स्मार्ट मोड वाले नए AC, जानें कीमत
  2. LPG सब्सिडी नहीं आई? घर बैठे ऐसे चेक करें क्या है वजह, ऐसे पता चलेगा स्टेटस
  3. 200MP कैमरा और 7000mAh बैटरी वाला Vivo V70 FE लॉन्च, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Poco X8 Pro सीरीज जल्द होगी लॉन्च, दो मॉडल हो सकते हैं शामिल 
  2. 6,300mAh की बैटरी के साथ लॉन्च हुआ Realme Note 80, जानें प्राइस, स्पेसिफिकेशंस
  3. Hisense ने भारत में लॉन्च किए मोबाइल कनेक्टिविटी और AI स्मार्ट मोड वाले नए AC, जानें कीमत
  4. OnePlus 15T में होगा कॉम्पैक्ट डिजाइन, 6.32 इंच फ्लैट डिस्प्ले
  5. 200MP कैमरा और 7000mAh बैटरी वाला Vivo V70 FE लॉन्च, जानें कीमत
  6. Oppo Find N6 जल्द होगा इंटरनेशनल मार्केट में लॉन्च, AI Pen के लिए मिलेगा सपोर्ट
  7. अंगूठी के साइज में 1TB स्टोरेज! Sandisk का नया USB-C फ्लैश ड्राइव लॉन्च, कीमत Rs 2 हजार से शुरू
  8. Vivo X300s में मिलेगा 6.78 इंच डिस्प्ले, जल्द लॉन्च की तैयारी
  9. e-PAN डाउनलोड के नाम पर आ रहे फर्जी ईमेल, PIB फैक्ट चेक ने किया सावधान, न करें क्लिक
  10. iQOO Z11 का टीजर जारी, 9020mAh की विशाल बैटरी के साथ दमदार गेमिंग फीचर्स से लैस
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.