चीन में GPS फेल, लोग ना रास्ता ढूंढ पाए ना कैब बुक कर सके! असल में हुआ क्या? यहां जानें

चीन के नानजिंग शहर में GPS और BeiDou सिस्टम कुछ घंटों के लिए ठप हो गए, जिससे कई सेवाएं प्रभावित हुईं।

विज्ञापन
Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 22 दिसंबर 2025 10:41 IST
ख़ास बातें
  • नानजिंग में GPS और BeiDou सिस्टम छह घंटे तक प्रभावित रहे
  • राइड-हेलिंग और डिलीवरी सर्विसेज पर पड़ा सीधा असर
  • सैटेलाइट सिग्नल इंटरफेरेंस को बताया गया कारण

Photo Credit: Unsplash

चीन के एक बड़े शहर में सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम अचानक ठप पड़ने की घटना सामने आई है। Nanjing में बुधवार शाम कुछ घंटों के लिए GPS और BeiDou जैसे नेविगेशन सिस्टम काम नहीं कर पाए, जिससे आम लोगों की रोजमर्रा की एक्टिविटीज बुरी तरह प्रभावित हुईं। यह समस्या शाम करीब 4 बजे से रात 10 बजे तक बनी रही। इस दौरान कार नेविगेशन, फूड डिलीवरी, राइड-हेलिंग और ड्रोन से जुड़े ऐप्स में लोकेशन से जुड़ी गंभीर दिक्कतें देखने को मिलीं।

लोकल मीडिया (SCMP) के मुताबिक, इस टेक्निकल ग्लिच के चलते कई यूजर्स को लोकेशन ड्रिफ्ट, रोड डेटा गायब होने और नेविगेशन फेल होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स पर ऑर्डर्स में करीब 60 प्रतिशत तक की गिरावट आई, जबकि फूड डिलीवरी की एफिशिएंसी लगभग 40 प्रतिशत तक घट गई। बाइक-शेयरिंग सर्विसेज में तो कुछ मामलों में 57 किलोमीटर तक की लोकेशन एरर रिपोर्ट की गई।

नांजिंग सैटेलाइट एप्लिकेशन इंडस्ट्री एसोशिएशन के टेक्निकल एनालिसिस के मुताबिक, यह दिक्कत मोबाइल नेटवर्क फेल होने की वजह से नहीं, बल्कि सैटेलाइट नेविगेशन सिग्नल्स में अस्थायी इंटरफेरेंस और सप्रेशन के कारण हुई। एसोसिएशन का कहना है कि इस दौरान GNSS यानी ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम के सिविलियन फ्रीक्वेंसी बैंड्स को टार्गेट किया गया, जिससे रिसीवर्स सही तरीके से पोजिशनिंग सिग्नल्स को पहचान नहीं पाए।

एसोसिएशन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस जैमिंग (Jamming) के पीछे कौन था या इसका मकसद क्या था। हालांकि, उसने यह इशारा जरूर दिया कि अगर यह किसी बड़े हाई-सिक्योरिटी इवेंट के दौरान अस्थायी सुरक्षा उपायों के तहत किया गया सिग्नल कंट्रोल था, तो इसे इंडस्ट्री में स्टैंडर्ड सेफ्टी प्रोटोकॉल माना जाता है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि BeiDou और GPS के सिविलियन सिग्नल्स एक साथ प्रभावित होना एक स्ट्रैटेजिक पहलू को भी दिखाता है। एसोसिएशन के मुताबिक, किसी संभावित टकराव की स्थिति में अगर BeiDou को जाम करने की कोशिश की जाती है, तो GPS भी साथ में प्रभावित हो सकता है। रिपोर्ट बताती है कि फिलहाल, इस घटना को लेकर चीनी अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

ये भी पढ़े: China, GPS, BeiDou, Satellite Navigation, Tech News, Global Tech
Nitesh has almost seven years of experience in news writing and reviewing tech ...और भी
Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Redmi K100 Pro में होगी 8,580mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  2. Poco M8 Power vs Vivo T5x 5G vs OnePlus Nord CE6 Lite: जानें ₹30000 में कौन सा है बेस्ट?
#ताज़ा ख़बरें
  1. iQOO Z11 में मिलेगा 3D कर्व्ड डिस्प्ले, भारत में जल्द होगा लॉन्च
  2. ₹1 हजार से कम में ब्लूटूथ, कॉल रिकॉर्डिंग और वायरलेस FM रेडियो! itel Ace 3 Heera फोन लॉन्च
  3. Redmi K100 Pro में होगी 8,580mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी, 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा
  4. Zebronics ने 160W साउंड, 2 वायरलेस माइक्रोफोन और RGB लाइट्स के साथ पेश किया पार्टी स्पीकर, जानें कीमत
  5. Realme 16x 5G जल्द होगा भारत में लॉन्च, 7,000mAh बैटरी
  6. Apple ने भारत में सिर्फ 9 आईफोन बेचकर कमाया 28 फोन जितना पैसा, जानें कैसे?
  7. आपको भी परेशान करते हैं 140 सीरीज वाले नंबर? TRAI ने 3 महीने में ब्लॉक कीं 148 करोड़ कॉल्स
  8. Airtel के चार सबसे सस्ते प्रीपेड प्लान, अनलिमिटेड डाटा और कॉल के लाभ, कीमत ₹300 से भी कम
  9. वोटिंग में छिपे रहेंगे नाम, ग्रुप से बना सकेंगे मिनी ग्रुप! WhatsApp के नए फीचर्स बदल देंगे चैटिंग का एक्सपीरियंस
  10. फ्री में हवाई सफर! IndiGo दे रहा है 20,000 मुफ्त फ्लाइट टिकट, जानिए कैसे मिलेगा फायदा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.