Amazon पर हर अच्छा रिव्यू भरोसेमंद नहीं होता। जानें फेक, मिक्स्ड और दूसरे देशों के Reviews को पहचानने के आसान तरीके।
Amazon पर खरीदारी से पहले Reviews को सही तरीके से चेक करना जरूरी हो सकता है
Photo Credit: Unsplash/ Marques Thomas
ऑनलाइन शॉपिंग में आज सबसे बड़ा हथियार “रिव्यू” बन चुका है। ज्यादातर लोग किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसकी स्टार रेटिंग और नीचे लिखे यूजर फीडबैक जरूर देखते हैं। कई बार तो लोग सिर्फ 4.5 या 5 स्टार देखकर ही ऑर्डर प्लेस कर देते हैं। लेकिन असली परेशानी तब शुरू होती है जब शानदार रेटिंग वाला प्रोडक्ट हाथ में आने के बाद उम्मीद के बिल्कुल उल्टा निकलता है।
Amazon पर ऐसा अक्सर इसलिए होता है क्योंकि वहां हर अच्छा दिखने वाला रिव्यू जरूरी नहीं कि उसी प्रोडक्ट या उसी वेरिएंट का हो जिसे आप खरीदने जा रहे हैं। कई बार अलग-अलग मॉडल्स के रिव्यू एक साथ दिखते हैं, तो कभी दूसरे देशों के खरीदारों का फीडबैक भी उसी रेटिंग में जुड़ जाता है। ऊपर से फेक और पेड रिव्यूज का अलग खेल चलता है। ऐसे में केवल स्टार्स देखकर खरीदारी करना कई बार भारी पड़ सकता है।
अगर आप भी Amazon पर खरीदारी करते समय असली और भरोसेमंद रिव्यू पहचानना चाहते हैं, तो यहां हम आपको कुछ आसान तरीके बता रहे हैं, जिनकी मदद से फेक, मिक्स्ड और बेकार रिव्यूज को अलग करके सही फीडबैक तक पहुंचा जा सकता है।
Amazon पर कई बार अलग-अलग कलर, साइज या मॉडल्स को एक ही प्रोडक्ट पेज पर जोड़ दिया जाता है। इससे किसी दूसरे वेरिएंट के रिव्यू भी उसी लिस्टिंग में दिखाई देने लगते हैं।
उदाहरण के तौर पर आप 256GB फोन का रिव्यू पढ़ रहे होंगे, लेकिन सामने 128GB मॉडल या किसी दूसरे कलर वेरिएंट का फीडबैक आ सकता है।
क्या करें?
कई बार Amazon किसी दूसरे देश के रिव्यू भी दिखाता है। वहां मिलने वाला प्रोडक्ट, उसकी क्वालिटी, पैकेजिंग या फीचर्स भारतीय वर्जन से अलग हो सकते हैं। यानी UK या US का अच्छा रिव्यू जरूरी नहीं कि इंडिया वाले प्रोडक्ट पर भी लागू हो।
क्या करें?
Amazon पर सबसे भरोसेमंद वही रिव्यू माने जाते हैं जिनके साथ “Verified Purchase” लिखा होता है। इसका मतलब है कि उस यूजर ने सच में Amazon से वह प्रोडक्ट खरीदा था। बिना इस टैग वाले कई रिव्यू प्रोमोशनल या फेक भी हो सकते हैं।
क्या करें?
अगर किसी रिव्यू में सिर्फ "Nice Product", "Best", "Awesome" या "Value for Money" जैसा लिखा हो, तो उस पर ज्यादा भरोसा नहीं करना चाहिए। असली रिव्यू में आमतौर पर यूजर अपने अनुभव की डिटेल देता है। जैसे:
कस्टमर द्वारा अपलोड की गई तस्वीरें और वीडियो काफी मददगार होते हैं। इससे असली प्रोडक्ट का लुक, बॉक्स कंटेंट और क्वालिटी समझने में आसानी होती है।
क्या करें?
कई बार शुरुआती बैच अच्छा होता है, लेकिन बाद में प्रोडक्ट की क्वालिटी बदल जाती है। कुछ मामलों में सैलर पूरी लिस्टिंग तक बदल देते हैं। ऐसे में पुराने अच्छे रिव्यू देखकर खरीदारी करना गलत फैसला साबित हो सकता है।
क्या करें?
इससे आपको पता चलेगा कि हाल के खरीदारों का अनुभव कैसा रहा।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।