Google मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर, पब्लिक सेफ्टी और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर इलेक्ट्रॉनिक लोकेशन सिग्नल (ELS) सुविधा उपलब्ध कराता है।
गूगल का ELS फीचर इमरजेंसी में मददगार साबित होता है।
Photo Credit: Google
स्मार्टफोन का उपयोग आज के समय में सिर्फ कॉल करने या मैसेज भेजने के लिए ही नहीं किया जाता है, बल्कि एक फुल डिवाइसेज के तौर पर काम करते हैं। अगर आप कहीं इमरजेंसी में फंस गए हैं तो स्मार्टफोन के जरिए आपकी लोकेशन साझा की जा सकती है। जी हां इमरजेंसी में हर सेकंड बहुत कीमती होता है। ऐसे वक्त में मदद करने वालों के लिए सबसे जरूरी होता है कि यह सहायता कहां पहुंचानी है। मगर कई बार जरूरी जानकारी पाना भी मुश्किल हो जाता है। मगर एंड्रॉयड स्मार्टफोन पर इमरजेंसी लोकेशन सर्विस एक ऐसा टूल है जो कि इमरजेंसी की स्थिति में इमरजेंसी कॉल करने वालों और मैसेज भेजने वालों का पता जीपीएस, मोबाइल, वाई-फाई और सेंसर डाटा के साथ मिलकर उपयोग करके तेजी से और ज्यादा सटीकता के साथ पता लगाने में मदद करता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
Google का एंड्रॉयड के लिए इमरजेंसी लोकेशन सर्विस (ELS) टूल काफी मददगार है। यह इनबिल्ट फीचर पुलिस, चिकित्सा और फायर सर्विसेज जैसी इमरजेंसी सर्विस को कॉल या एसएमएस के जरिए संपर्क किए जाने पर तुरंत लोकेशन की जानकारी प्रदान करता है। एंड्रॉयड में ईएलएस जीपीएस, वाई-फाई और सेलुलर नेटवर्क से डेटा का उपयोग करता है। इसके अलावा डिवाइस की भाषा जैसी अतिरिक्त जानकारी भी भेज सकता है, जिससे लोकेशन की सटीकता अक्सर 50 मीटर तक पहुंच जाती है।
इमरजेंसी लोकेशन सर्विस कैसे करती है काम
Google मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर, पब्लिक सेफ्टी और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर इलेक्ट्रॉनिक लोकेशन सिग्नल (ELS) सुविधा उपलब्ध कराता है। ELS लोकेशन की जानकारी तभी भेजी जाती है जब यूजर्स अपने रीजन के इमरजेंसी नंबर पर संपर्क करता है। लोकेशन को लोकल स्तर पर चेक किया जाता है और इसे सीधे एंड्रॉयड डिवाइस से पार्टनर एंडपॉइंट पर भेजा जाता है। गूगल एंडपॉइंट पर भेजी गई लोकेशन को नहीं देखता है।
उत्तर प्रदेश में है उपलब्ध
आपको बता दें कि यह सर्विस उत्तर प्रदेश में एक्टिव है। धीरे-धीरे इसे पूरे भारत में उपलब्ध करवाने का काम किया जा रहा है। सबसे पहले उत्तर प्रदेश एंड्रॉइड में ELS को पूरी तरह से लागू किया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा इंटीग्रेटेड और पर्ट टेलीकॉम सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (PerTSol) द्वारा इसे लागू किया गया है। ईएलएस उत्तर प्रदेश से 112 इमरजेंसी सर्विस पर मिलने वाली लाखों कॉल और एसएमएस मैसेज का सपोर्ट करता है।
इस सुविधा का उपयोग करने के लिए आपको पास एक एंड्रॉयड स्मार्टफोन होना जरूरी है। गूगग की यह सर्विस आईफोन में काम नहीं करती है।
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