गाजियाबाद में 12, 14 और 16 साल की तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। मामला ऑनलाइन कोरियन गेम से जुड़ा बताया जा रहा है।
सुसाइड नोट में कोरियन कंटेंट और गेमिंग का जिक्र
Photo Credit: Unsplash/ Richard Stachmann
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 12, 14 और 16 साल की तीन सगी बहनों ने अपने फ्लैट की 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। यह घटना बुधवार तड़के करीब 2.15 बजे हुई। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें सिर्फ इतना लिखा था— “सॉरी पापा”। चौंकाने वाली बात यह है कि खुदकुशी का कारण कोरियाई ऑनलाइन गेम बताया जा रहा है, जो एक टास्क-बेस्ड गेम है। इस तरह के गेम्स के कारण हुए हादसे पिछले कुछ वर्षों में दुनियाभर से रिपोर्ट किए जा चुके हैं, जहां प्लेयर्स को खतरनाक टास्क पूरे करने होते हैं और ये टास्क जानलेवा साबित होते हैं।
NDTV के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन कोरियन टास्क-बेस्ड गेम से बेहद ज्यादा प्रभावित थीं। देर रात तीनों बहनें बालकनी में गईं, दरवाजा अंदर से बंद किया और एक-एक कर नीचे कूद गईं। चीखों की आवाज और गिरने की तेज आवाज से माता-पिता, पड़ोसी और सोसाइटी के गार्ड्स की नींद खुली, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया, “जब हम मौके पर पहुंचे तो पुष्टि हुई कि तीन बच्चियों की इमारत से कूदने के बाद मौत हो चुकी है।” जांच के दौरान पुलिस को एक पॉकेट डायरी में लिखा आठ पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में लिखा था, “इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लेना क्योंकि ये सब सच है। अभी पढ़ो। मुझे बहुत अफसोस है। सॉरी पापा।” इसके साथ एक हाथ से बना रोता हुआ इमोजी भी बनाया गया था। डायरी में मोबाइल और गेमिंग से जुड़ी उनकी एक्टिविटीज का जिक्र किया गया है।
परिजनों का कहना है कि तीनों बहनें कोरियन कल्चर से इस कदर जुड़ गई थीं कि उन्होंने अपने नाम तक बदलकर कोरियाई नाम रख लिए थे। पिता चेतन कुमार ने रोते हुए कहा, “वो कहती थीं - पापा सॉरी, कोरिया ही हमारी जिंदगी है, कोरिया ही हमारा सबसे बड़ा प्यार है, हम इसे छोड़ नहीं सकते।” उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में बच्चियों का मोबाइल इस्तेमाल सीमित कर दिया गया था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक किसी खास गेम का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन सुसाइड नोट से यह साफ है कि बच्चियां कोरियन कंटेंट और ऑनलाइन एक्टिविटीज से गहराई से प्रभावित थीं। सीनियर पुलिस अधिकारी निमिष पटेल ने कहा कि मोबाइल पर रोक लगाए जाने से बच्चियां मानसिक रूप से परेशान थीं। बताया जा रहा है कि तीनों बहनें हर काम साथ करती थीं और कोविड महामारी के दौरान उनकी गेमिंग की आदत शुरू हुई थी, जिसके बाद उन्होंने स्कूल जाना भी छोड़ दिया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सुसाइड नोट व डायरी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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