What is Changhe Z-10 : ऐसा लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर जिसे रूस-चीन मिलकर बना रहे थे, पर बिगड़ गई बात!

What is Changhe Z-10 : इस हेलीकॉप्‍टर को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ग्राउंड फोर्स के लिए डेवलप किया गया है।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 19 मई 2024 20:54 IST
ख़ास बातें
  • Changhe Z 10 हेलीकॉप्‍टर को बनाया है चीन ने
  • पहले इस प्रोजेक्‍ट में शामिल था रूस भी
  • फंडामेंटल डिजाइन के मुद्दे पर ही अटक गई बात

साल 2016 में चीन ने दुनिया को बताया कि उसकी सभी आर्मी एविएशन यूनिट्स में Changhe Z-10 तैनात हो चुका है।

Photo Credit: wiki

Changhe Z-10 : दुनिया के टॉप लड़ाकू हेलीकॉप्‍टर्स की बात होती है, तो चीन के Changhe Z-10 (चांगहे Z-10) का नाम भी लिया जाता है। इस हेलीकॉप्‍टर को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ग्राउंड फोर्स के लिए डेवलप किया गया है। यह एक मीडियम अटैक हेलीकॉप्‍टर है। जब एंटी-टैंक युद्ध अभियान छेड़े जाते हैं, तब यह अपनी क्षमता दिखाता है, लेकिन एयर-टु-एयर फाइट में भी इसे काफी हद तक इस्‍तेमाल किया जा सकता है। रिपोर्टों के अनुसार, इस हेलीकॉप्‍टर को रूस और चीन ने मिलकर बनाना शुरू किया था, लेकिन एक अहम मुद्दे पर सहयोग टूट गया और चीन ने Changhe Z-10 को खुद तैयार किया।   

Changhe Z-10 के डिजाइन पर चीन और रूस ने मिलकर काम शुरू किया था। लेकिन हेलीकॉप्‍टर के फंडामेंटल डिजाइन में ही दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पाई। कहा जाता है कि रूस ने इस हेलीकॉप्‍टर के डिजाइन के लिए अपना सपोर्ट बंद कर दिया। उसके बाद चीनी आर्मी के आर्मामेंट्स डिपार्टमेंट ने कुछ लोकल चीनी डिजाइनरों के साथ काम शुरू किया। बाद में Changhe Z-10 को चांगे एयरक्राफ्ट इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन (CAIC) ने चीन में ही तैयार किया। 

साल 2016 में चीन ने दुनिया को बताया कि उसकी सभी आर्मी एविएशन यूनिट्स में Changhe Z-10 तैनात हो चुका है। Changhe Z-10 चीन में बना उसका पहला स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर है। दिलचस्‍प यह है कि इस हेलीकॉप्‍टर की शुरुआत साल 2012 में हुई और अबतक चीन के पास ऐसे 200 से ज्‍यादा हेलीकॉप्‍टर हो गए हैं। 
 

Changhe Z-10 Specifications 

Changhe Z-10 में 2 क्रू सवार हो सकते हैं। हेलीकॉप्‍टर की लंबाई 14.15 मीटर, ऊंचाई 3.85 मीटर है। इसका ग्रॉस वेट 5,540 किलो है और अधिकतम टेकऑफ भार क्षमता 7 हजार किलो है। यह हेलीकॉप्‍टर 270 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। 800 किलोमीटर इसकी रेंज है। यह समुद्र तल से 6400 मीटर की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। यानी यह तिब्‍बत के कठिन इलाके से गुजर सकता है।  

 
 

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