भविष्य में एआई के साथ-साथ ह्यूमनॉयड रोबोट के लिए रैम की डिमांड जमकर बढ़ने वाली है।
रैम और मेमोरी चिप्स की डिमांड ज्यादा बढ़ती जा रही है।
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दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने के बाद से रैम और मेमोरी चिप्स की डिमांड ज्यादा बढ़ती जा रही है। इसकी वजह से स्मार्टफोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक उपकरण लगातार महंगे हो रहे हैं। डाटा सेंटर्स दुनिया में बढ़ रहे हैं और उनमें सबसे ज्यादा रैम और मेमोरी स्टोरेज की जरूरत हो रही है। अगर आपको लगता है कि एक समय पर जाकर यह स्थिर होने वाला है तो आप बिलकुल गलत सोच रहे हैं। दरअसल ह्यूमनॉयड रोबोट का प्रोडक्शन बढ़े स्तर पर हो रहा है, जिसके बाद स्थिति और ज्यादा भयंकर होने वाली है। एलन मस्क का कहना है कि रैम और मेमोरी चिप्स की डिमांड आगे और ज्यादा बढ़ने वाली हैं। रोबोट के लिए रैम की जरूरत धरती पर सबसे ज्यादा होगी और आगे यह डिमांड और तेजी से बढ़ने वाली है। आइए मस्क ने रैम को लेकर क्या कहा इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
एलन मस्क ने X पर पोस्ट पर जवाब देते हुए कहा कि मेमोरी चिप की डिमांड बढ़ रही है। दरअसल एक्स पर पोस्ट के थ्रेड में काउंटरप्वाइंट की रिसर्च के हवाले से रिपोर्ट थी, जिसमें बताया गया था कि आने वाले समय में कंप्यूटर की मेमोरी की डिमांड बढ़ने वाली हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि ह्यूमनॉइड रोबोट के लिए DRAM की डिमांड 2030 तक 20 गुना बढ़ने वाली है। अभी 2026 में इसकी डिमांड 8,300TB है तो यह 2030 तक बढ़कर 1,72,000TB तक हो जाएगी।
एलन मस्क ने इस रिपोर्ट को बेतुका बताते हुए कहा कि आने वाले समय में रोबोट के लिए रैम की जरूरत धरती पर बाकी किसी भी चीजों से ज्यादा होंगी। रोबोट के लिए रैम की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ेगी, क्योंकि धरती पर किसी चीज को आकार देने के लिए रोबोट का किसी फिजिकल सब्सट्रेट पर होना होना जरूरी है, बाकि कोई चीज ऐसा नहीं कर सकती है। सुपर इंटेलिजेंस (SI) की जरूरत तो इससे भी बहुत ज्यादा होंगी, लेकिन सुपर इंटेलिजेंस का करीबन 100% हिस्सा डीप स्पेस में बने कंप्यूटिंग के रूप में होगा। तो यह जाहिर सी बात है।
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