इस स्टार्टअप का AI आपके काम नहीं आया तो मिलेंगे 95 करोड़ रुपये!

AI स्टार्टअप Cognition ने "AI Productivity Guarantee" की घोषणा की है। कंपनी का दावा है कि अगर उसका AI एजेंट Devin पर्याप्त वैल्यू नहीं देता है तो ग्राहकों को 10 मिलियन डॉलर तक के क्रेडिट मिल सकते हैं।

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Written by नितेश पपनोई, अपडेटेड: 5 जून 2026 12:50 IST
ख़ास बातें
  • Cognition ने Devin AI के लिए Productivity Guarantee पेश की
  • वैल्यू कम मिलने पर 10 मिलियन डॉलर तक क्रेडिट का दावा
  • कंपनी ने प्रोडक्टिविटी मापने के लिए AI Estimator सिस्टम बनाया

Cognition ने Devin AI के लिए नई Productivity Guarantee की घोषणा की

Photo Credit: Unsplash/ Markus Winkler

AI टूल्स का इस्तेमाल दुनियाभर की कंपनियों में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ एक नई चिंता भी सामने आने लगी है। कई कंपनियां अब AI पर होने वाले बढ़ते खर्च को लेकर सवाल उठा रही हैं और यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर इन टूल्स से उन्हें वास्तविक फायदा कितना मिल रहा है। इसी बीच AI स्टार्टअप Cognition ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिसने टेक इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कंपनी का दावा है कि अगर उसका AI एजेंट Devin ग्राहकों को उनके पैसे के बराबर इंजीनियरिंग वैल्यू नहीं दे पाता, तो वह 10 मिलियन डॉलर (करीब 95.36 करोड़ रुपये) तक का मुआवजा देने को तैयार है।

कंपनी ने इस नई पहल को "AI Productivity Guarantee" नाम दिया है। Cognition ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि AI को सिर्फ इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उसे अपनी उपयोगिता साबित करनी चाहिए। कंपनी के मुताबिक, यदि Devin ग्राहकों को उतनी इंजीनियरिंग वैल्यू नहीं देता जितनी वे उसके लिए भुगतान कर रहे हैं, तो Cognition उनके यूसेज की लागत को कवर करेगी। हालांकि यह अमाउंट कैश नहीं बल्कि क्रेडिट्स के रूप में दी जाएगी, जिन्हें ग्राहक भविष्य में इस्तेमाल कर सकेंगे।

Devin Cognition का एजेंटिक AI सिस्टम है, जिसे एक वर्चुअल सॉफ्टवेयर इंजीनियर की तरह डिजाइन किया गया है। कंपनी का कहना है कि यूजर्स इसे कोई भी इंजीनियरिंग टास्क सौंप सकते हैं और यह बैकग्राउंड में उस काम को पूरा कर सकता है। Cognition का मानना है कि AI इंडस्ट्री को अब टोकन उपयोग बढ़ाने की बजाय वास्तविक प्रोडक्टिव आउटपुट पर ध्यान देना चाहिए।

Congnition ने बताया कि इस गारंटी को लागू करने के लिए उसने एक खास AI Estimator सिस्टम तैयार किया है। यह सिस्टम प्रत्येक Devin सेशन को एनालाइज करता है और दो सवाल पूछता है। पहला, क्या किसी मानव इंजीनियर को यह काम वास्तव में उपयोगी लगता। दूसरा, अगर वही काम किसी इंजीनियर को करना पड़ता तो उसमें कितना समय लगता। Cognition का कहना है कि वह कोड की लाइनों की बजाय इंजीनियरिंग घंटों के आधार पर प्रोडक्टिविटी को मापता है, क्योंकि कई बार छोटा बदलाव करने में भी घंटों लग सकते हैं।

कंपनी के CEO Scott Wu ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि यह सिस्टम AI द्वारा बचाए गए इंजीनियरिंग समय को डॉलर वैल्यू में बदलता है। इसके बाद उस वैल्यू की तुलना ग्राहक द्वारा किए गए वास्तविक खर्च से की जाती है। अगर सिस्टम के हिसाब से AI ने उतनी वैल्यू नहीं बनाई जितना ग्राहक ने भुगतान किया है, तो कंपनी अंतर की भरपाई करने के लिए क्रेडिट्स दे सकती है।

हालांकि इस मॉडल को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। दरअसल, प्रोडक्टिविटी का आकलन Cognition खुद अपने AI सिस्टम के जरिए कर रही है। ऐसे में यह बहस हो सकती है कि वैल्यूएशन कितना निष्पक्ष रहेगा। कंपनी का कहना है कि उसने इस सिस्टम को एंटरप्राइज ग्राहकों के 258 सेशन्स और 126 यूजर्स से मिले डेटा की मदद से वैलिडेट किया है। हालांकि उसने यह भी माना है कि व्यक्तिगत स्तर पर समय का अनुमान कई बार वास्तविकता से दो या तीन गुना तक अलग हो सकता है।

Cognition के मुताबिक, यह प्रोग्राम फिलहाल उन एंटरप्राइज ग्राहकों के लिए है जो बड़े स्तर पर Devin Cloud का इस्तेमाल कर रहे हैं और कंपनी की कुछ तकनीकी व यूसेज संबंधी शर्तों को पूरा करते हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह सिस्टम किसी बिजनेस के पूरे रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) को नहीं मापता, बल्कि केवल AI द्वारा दिए गए प्रोडक्टिव आउटपुट का एक बेसलाइन अनुमान पेश करता है।

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