अब लाल बत्ती भी हुई AI से लैस, अमेरिका के बाद अब भारत में भी ट्रैफिक देखकर सिग्नल होगा पास

भारत में भी अमेरिका की तर्ज पर AI को तेजी से अपनाया जा रहा है।

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Written by साजन चौहान, अपडेटेड: 7 अगस्त 2025 10:04 IST
ख़ास बातें
  • भारत में भी अमेरिका की तर्ज पर AI को तेजी से अपनाया जा रहा है।
  • भारत में भी AI का उपयोग ट्रैफिक सिग्नलों के लिए किया जा रहा है
  • देश में गोवा और तमिलनाडु के चेन्नई में AI ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं।

एआई ट्रैफिक सिग्नल एक स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम है।

Photo Credit: Pexels/女子 正真

भारत में भी अमेरिका की तर्ज पर AI को तेजी से अपनाया जा रहा है। हाल ही में अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना शहर में AI ट्रैफिक सिग्नल लगे थे, जिनको लेकर कहा गया था कि इनसे ट्रैफिक आसान तरीके से मैनेज होगा और जाम लगने की परेशानी से राहत मिलेगी। अब भारत में भी AI का उपयोग ट्रैफिक सिग्नलों के लिए किया जा रहा है। देश में गोवा और तमिलनाडु के चेन्नई शहर में एआई वाले ट्रैफिक सिग्नल लगाए जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि ये ट्रैफिक सिग्नल सामान्य रेड लाइट से कितने अलग हैं और यात्रियों को क्या लाभ मिलेगा।

Photo Credit: Pexels/Volker Thimm

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मंगलवार को कहा कि सरकार 91 जगहों पर AI बेस्ड ट्रैफिक सिग्नल लगाएगी। वहीं तमिलनाडु के चेन्नई में 165 जगहों पर एआई से चलने वाले स्मार्ट सिग्नल लगाए जाएंगे। अपग्रेड के पहले फेज में अन्ना सलाई, जवाहरलाल नेहरू सलाई, सरदार पटेल रोड, कामराजर सलाई, राजाजी सलाई और टेलर्स रोड आदि शामिल होंगे। ईवीआर सलाई पर वेपेरी और ईगा थिएटर जंक्शन समेत 6 पायलट जंक्शन पर पहले से ही इस सिस्टम की टेस्टिंग हो रही है।

Photo Credit: Pexels/Chandra Phuyal

एआई ट्रैफिक सिग्नल क्या है?

एआई ट्रैफिक सिग्नल एक स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम है जो ट्रैफिक को चलाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करता है। AI सिग्नल तय टाइमर या सामान्य सेंसर का उपयोग के बजाय एआई बेस्ड ट्रैफिक सिग्नल ट्रैफिक मैनेज करने के लिए डाटा, पैटर्न को पहचानते हैं और एडेप्टिव एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं। इनके जरिए ट्रैफिक जाम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इनके जरिए सुरक्षा में भी सुधार होता है। ये सिग्नल ट्रैफिक कंडीशन को देखते हुए ग्रीन या रेड लाइट को दिखाते हैं। जैसे सामान्य सिग्नल एक तय समय पर लाल बत्ती या हरी बत्ती दिखाता है, लेकिन AI सिग्नल चारो ओर भीड़ को देखते हुए लाल या हरी बत्ती दिखाता है, जिससे लोगों को सिग्नल खाली होने पर भी ज्यादा देर खड़े रहने की जरूरत नहीं है। 

यात्रियों को क्या होगा फायदा

यात्रियों के लिए AI सिग्नल से प्रतीक्षा समय (वेटिंग टाइम) कम होगा। कम भीड़-भाड़ वाली लेन और व्यस्त रूटों पर 120 सेकंड तक की ग्रीन लाइट होगी, जबकि पहले सभी लेन पर रियल टाइम ट्रैफिक को देखे बिना 60-90 सेकंड तक की ग्रीन लाइट होती थी। वहीं जिन सड़कों पर भीड़-भाड़ कम है, वहां पर ग्रीन लाइट का समय घटाकर 30 सेकंड तक हो सकता है, जिससे कम ट्रैफिक वाले रास्तों पर बिना फालतू रुकावट के ट्रैफिक लगातार चलता रहेगा।

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