कैमरों की मदद से सुंदरगढ़ में 270 से ज्यादा हाथियों की जान बच सकी। ये कैमरा नवंबर 2024 में लगाए गए थे।
AI कैमरा से ओडिशा में जंगली हाथियों की जान बचाने में मदद मिली है। (सांकेतिक फोटो)
Photo Credit: Media Drum World/Alamy
AI से जंगली हाथियों की जान बचाने में मदद मिली है। टेक्नोलॉजी अब इस तरह जंगली जीवों को बचाने में मददगार साबित हो रही है। उदाहरण ओडिशा से आ रहा है जहां 270 जंगली हाथियों की जान AI कैमरा लगाने से बची है। ओडिशा के राउरकेला का मामला है जहां कुछ समय पहले रेलवे ट्रैक के पास AI कैमरा लगाए गए थे। ये कैमरा हाथियों के गुजरने के बारे में अलर्ट भेजते रहे जिससे सालभर के भीतर सैकड़ों हाथियों की जान बचाने में मदद मिली।
ओडिशा के राउरकेला में जंगली क्षेत्र से रेलवे ट्रैक गुजरते हैं जहां पर AI कैमरा से हाथियों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं को रोका गया। राउरकेला वनप्रभाग ने कुछ समय पहले यहां पर AI इनेबल्ड सर्विलांस कैमरा लगाए थे। इन कैमरों की मदद से सुंदरगढ़ में 270 से ज्यादा हाथियों की जान बच सकी। ये कैमरा नवंबर 2024 में लगाए गए थे। मंडल वन अधिकारी यशवंत सेठी के अनुसार, चार संवेदनशील स्थानों- बांदामुंडा-बारासुआन लाइन पर डोल्लाकुदर और कुचेइता, और मुंबई-हावड़ा रेलवे मार्ग पर महिपानी और सोनाखान, पर एआई कैमरे लगाए गए थे।
इन स्थानों को पहले दुर्घटना-संभावित क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया था। कैमरे लग जाने के बाद जब भी हाथी पटरियों के पास आए सिस्टम ने लगभग 880 अलर्ट जारी किए। ये रीयल टाइम अलर्ट थे। इन चेतावनियों ने वन अधिकारियों को रेलवे नियंत्रण कक्षों के साथ समन्वय स्थापित करने और ट्रेनों की गति धीमी करने या रोकने में सक्षम बनाया, जिससे जानवरों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित हुआ।
इसका नतीजा यह हुआ कि केवल पिछले साल में ही 270 से ज्यादा हाथियों की जान बचाने में मदद मिली। वन अधिकारी मानते हैं कि टेक्नोलॉजी के आ जाने से अब विलुप्त होती प्रजातियों को बचाए जाने की उम्मीद जगी है। आने वाले समय में AI के जरिए कई और ऐसे ही क्षेत्रों में इसी टेक्नोलॉजी के सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
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हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी