अमेरिका की तरह भारत के लिए मुसीबत नहीं बनेंगी 5G सर्विस, यह है तैयारी

भारत में शुरू होने वालीं 5जी सेवाएं सिविल एयरक्राफ्ट के अल्टीमीटर (altimeters) में कोई दखल नहीं देंगी।

विज्ञापन
Press Trust of India, अपडेटेड: 21 जनवरी 2022 16:51 IST
ख़ास बातें
  • अमेरिका में 5G सर्विसेज के आने से कई एयरलाइनों ने उड़ानें कैंसल की हैं
  • 5G सिग्नलों से विमानों के मेन सेफ्टी इक्विपमेंट पर असर पड़ने कहा है आरोप
  • अल्टीमीटर की मदद से पायलट टेक ऑफ और ऊंचाई का पता लगाते हैं

अल्टीमीटर की मदद से पायलट टेक ऑफ और ऊंचाई का पता लगाते हैं।

5G सर्विसेज की वजह से अमेरिका में विमान सेवाओं पर असर पड़ा है। ऐसे में भारत में भी 5G नेटवर्क को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि ITU APT फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि भारत में शुरू होने वालीं प्रस्तावित 5G सर्विस, स्पेक्ट्रम बैंड में होंगी। उनके पास पर्याप्त सुरक्षा उपाय होंगे। यह सिविल एयरक्राफ्ट के अल्टीमीटर (altimeters) में कोई दखल नहीं देंगी। दूसरी ओर, अमेरिका में 5G सर्विसेज के रोलआउट होने के बाद कई एयरलाइनों ने अपनी उड़ान रद्द कर दी हैं। आरोप लगाया है कि 5G सिग्नल, विमानों के मेन सेफ्टी इक्विपमेंट- अल्टीमीटर (altimeters) को प्रभावित कर सकते हैं। अल्टीमीटर की मदद से पायलट टेक ऑफ और ऊंचाई का पता लगाते हैं। 

ITU APT फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट, भारत भाटिया ने एक बयान में कहा कि भारत में 5G सर्विसेज विमानों के लिए खतरा नहीं हैं। हम पूरी तरह से सुरक्षित हैं, क्योंकि हम सिर्फ 3300-3670 MHz फ्रीक्‍वेंसी आवंटित कर रहे हैं। यह altimeter स्पेक्ट्रम से 500 MHz से ज्‍यादा है। भारत में 5G के लिए जिन C बैंड फ्रीक्‍वेंसी की नीलामी की जा रही है, वे पूरी तरह से सुरक्षित हैं और अल्टीमीटर के लिए कोई खतरा नहीं है।

ITU-APT फाउंडेशन ऑफ इंडिया को UN बॉडी इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशंस यूनियन से मान्यता मिली हुई है। यह स्पेक्ट्रम से संबंधित मुद्दों पर काम करता है।

गौरतलब है कि दुनिया भर के विमान, रेडियो अल्टीमीटर के लिए फ्रीक्वेंसी बैंड 4200-4400 MHz का इस्‍तेमाल करते हैं। अमेरिका में 5G सर्विस को 3700-3,980 के फ्रीक्वेंसी बैंड में तैनात किया जा रहा है, जो अल्‍टीमीटर के फ्रीक्वेंसी बैंड के करीब है।

भारत भाटिया ने कहा कि अमेरिका में जिन फ्रीक्‍वेंसी बैंड की वजह से अल्‍टीमीटर को खतरा हो सकता है, भारत सरकार देश में 5G सर्विसेज के लिए उन फ्रीक्‍वेंसी बैंड पर विचार ही नहीं कर रही। 
Advertisement

भारत में अभी स्पेक्ट्रम बैंड आवंटन पर चर्चा हो रही है। टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने स्पेक्ट्रम आवंटन के प्राइस और रूल्‍स तय करने के लिए कंसल्‍टेशन लेटर जारी किया है। सरकार द्वारा TRAI की सिफारिशों की समीक्षा के बाद स्पेक्ट्रम का आवंटन नीलामी के जरिए किया जाएगा। देश में 5G सर्विसेज को लागू करने को लेकर सरकार भी कोई जल्‍दबाजी में नहीं है। सुरक्षा उपायों और तमाम पहलुओं पर गौर करने के बाद ही स्‍पेक्‍ट्रम का आवंटन किए जाने की तैयारी है। 
 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. 20 हजार रुपये सस्ता मिल रहा Google Pixel 10, ये प्लेटफॉर्म दे रहा तगड़ा डिस्काउंट
  2. लौट आए पुराने दिन! Blackberry जैसा कीबोर्ड वाला फोन इस कंपनी ने किया लॉन्च, जानें कीमत
#ताज़ा ख़बरें
  1. Ola की इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग में 2,000 करोड़ रुपये लगाने की तैयारी
  2. Honor Win Turbo जल्द होगा लॉन्च, मेटल का होगा फ्रेम 
  3. पुराने mAadhaar ऐप की होने वाली है छुट्टी! UIDAI ने दी नया ऐप इंस्टॉल करने की सलाह
  4. Moto G37 और Moto G37 Power जल्द होंगे भारत में लॉन्च, Flipkart के जरिए होगी बिक्री
  5. Amazon पर AI बनाएगा शॉपिंग आसान, सुझाव से तुलना तक बोलकर होगा सबकुछ!
  6. Tesla ने बेंगलुरु में खोला पहला शोरूम, ऑफ्टर सेल्स सपोर्ट होगी मजबूत 
  7. HMD Vibe 2 5G में मिल सकता है Unisoc T8200 चिपसेट, लीक हुई प्राइसिंग
  8. PUBG के बाद अब ARC Raiders गेम का जलवा, बिक्री पहुंची 1.6 करोड़ पार!
  9. Vivo X500 में मिल सकती है बड़ी स्क्रीन, MediaTek Dimensity 9600 चिपसेट
  10. Redmi K100 Pro Max में होगा धांसू कैमरा, दमदार चिपसेट! सितंबर में संभव लॉन्च
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.