Corona : भारत समेत 25 से ज्‍यादा देशों में मिला XBB.1.5 वैरिएंट कितना खतरनाक? जानें

अनऑफ‍िशियली इसे ‘क्रैकेन’ नाम से भी पुकारा जा रहा है। इस वैरिएंट को सबसे पहले पिछले साल अक्‍टूबर में पहचाना गया था।

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Written by प्रेम त्रिपाठी, Edited by आकाश आनंद, अपडेटेड: 10 जनवरी 2023 18:26 IST
ख़ास बातें
  • यह वैरिएंट पूरी दुनिया में फैल रहा है
  • भारत में भी इस वैरिएंट के केस सामने आए हैं
  • इसे सबसे पहले अमेरिका में पहचाना गया था

भारत में भी इस वैरिएंट के केस सामने आए हैं। हम आपको XBB.1.5 से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी देने जा रहे हैं।

कोरोना (Corona) ने एक बार फ‍िर दुनिया को डरा दिया है। हाल में हमने देखा कि कोविड के BF.7 वैरिएंट ने किस कदर चीन में ‘तबाही' मचाई। अब इसके एक और वैरिएंट ने चिंतित कर दिया है। यह ओमिक्रॉन का सब वैरिएंट है, जिसे XBB.1.5 के रूप में पहचाना गया है। अनऑफ‍िशियली इसे ‘क्रैकेन' नाम से भी पुकारा जा रहा है। इस वैरिएंट को सबसे पहले पिछले साल अक्‍टूबर में पहचाना गया था। अमेरिका के न्‍यू यॉर्क में इसका पता चला था। अब यह वैरिएंट पूरी दुनिया में फैल रहा है। भारत में भी इस वैरिएंट के केस सामने आए हैं। हम आपको XBB.1.5 से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी देने जा रहे हैं। 
 

ओमिक्रॉन की XBB शाखा से निकला है XBB.1.5 वैरिएंट

विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO के अनुसार, XBB.1.5 का जन्‍म ओमिक्रॉन फैमिली के "XBB" शाखा से हुआ है। इसी से ओमिक्रॉन के दो और वैरिएंट BA.2.10.1 और BA.2.75 भी निकले थे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जैसे-जैसे ओमिक्रॉन के XBB वायरस फैलते गए, उन्होंने एक नए म्‍यूटेशन XBB.1.5 को जन्‍म दिया जिसे "क्रैकेन" भी कहा जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस वैरिएंट में F486P नाम का एक म्‍यूटेशन हुआ है, जो कोशिकाओं को कसकर पकड़ने की क्षमता रखता है। 
 

अमेरिका और यूरोप में दिख रहा असर

हाल में डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने बताया था कि XBB.1.5 वैरिएंट अमेरिका और यूरोप में तेजी से फैल रहा है। अबतक इसे 25 से ज्‍यादा देशों में रिपोर्ट किया गया है। इनमें अमेरिका और ब्रिटेन के अलावा ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, कनाडा, इस्राइल और जर्मनी जैसे देश शामिल हैं। भारत में इस वैरिएंट के अबतक 8 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। 
 

तेजी से फैलता है XBB.1.5 वैरिएंट

कोरोना का नया वैरिएंट XBB.1.5  कितनी तेजी से फैलता है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिसंबर की शुरुआत में अमेरिका में कोविड के मामलों में इसकी 2 फीसदी भागीदारी थी, जो दिसंबर के आखिर में 40 फीसदी तक पहुंच गई। यानी अमेरिका में रिपोर्ट हो रहे करीब आधे कोविड केस XBB.1.5 वैरिएंट के थे। 
 

क्‍या कारगर हैं वैक्‍सीन? 

हालांकि अभी यह देखा जाना बाकी है कि ओमिक्रॉन का XBB.1.5 वैरिएंट कोरोना के पिछले वैरिएंट्स के मुकाबले कितना गंभीर हो सकता है। अच्‍छी बात यह है कि कोविड की मौजूदा वैक्‍सीन इस वैरिएंट के खिलाफ भी कारगर हैं। न्यू इंग्लैंड जर्नल में पब्लिश एक एक रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती आंकड़ों से पता चलता है कि मॉडर्न और फाइजर के अपडेटेड बूस्‍टर XBB वायरस से सुरक्षा प्रदान करते हैं। 
 

 

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