वैज्ञानिकों ने नई स्टडी से पता लगाया चांद पर कहां से आया होगा पानी!

शोधकर्ताओं ने इस स्टडी को इस हाइपोथिसिस पर तैयार किया है कि ज्वालामुखीय गतिविधि से बने पानी के सारे वाष्प कण सौर हवाओं के कारण खत्म नहीं हुए होंगे।

विज्ञापन
गैजेट्स 360 स्टाफ, अपडेटेड: 28 मई 2022 21:28 IST
ख़ास बातें
  • ज्वालामुखी फटने की घटनाएं 1 अरब साल पहले तक चांद पर रही होंगीं
  • सतह पर दिखने वाले बड़े धब्बे ज्वालामुखीय मैदान हैं- वैज्ञानिक
  • पोल्स पर बर्फ के रूप में जमा हुआ होगा पानी

वैज्ञानिकों ने कहा कि चांद की सतह पर हुई होंगी ज्वालामुखीय घटनाएं

पृथ्वी के बाहर जीवन तलाशने के लिए इन्सान हमेशा से ही उत्सुक रहा है। जब से नासा ने चांद पर पानी के होने की पुष्टि की है, कई शोध इसको लेकर हो चुके हैं कि चांद पर पानी का स्रोत क्या हो सकता है। अब एक नई शोध ने बहुत ही अजब नतीजा पेश किया है। इसने कहा है कि चांद पर पानी का स्रोत होने का कारण ज्वालामुखी हो सकते हैं। हम जानते हैं कि चांद पर पुराने समय में कई ज्वालामुखी फूट चुके हैं। 

चांद पर ज्वालामुखीय गतिविधियां 4.2 खरब साल पहले शुरू हुई होंगी। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ज्वालामुखी फटने की घटनाएं 1 अरब साल पहले तक चांद पर रही होंगीं। इसकी सतह पर दिखने वाले बड़े बड़े धब्बे ज्वालामुखीय चट्टानों के ही मैदान हैं जो बड़े ज्वालामुखी विस्फोटों के कारण बने हैं। वैज्ञानिक ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इन विस्फोटों से गैसें निकली होंगी, जो इसके वातावरण में कैद हुई होंगीं? और क्या ये गैसें ठंडी होकर बर्फ के रूप में दोबारा से मंगल की सतह पर गिरी होंगी, जहां पर सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पाती है। 

वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह एक संभावना हो सकती है। "हमारा मॉडल यह अनुमान लगाता है कि कुल H20 मास का 41 प्रतिशत दोबारा से सघन होकर इसके पोल्स पर बर्फ के रूप में जमा हुआ होगा। इसकी मोटाई सैकडों मीटर की रही होगी।" प्लेनेटरी साइंस जनरल में वैज्ञानिकों ने इस स्टडी को पब्लिश किया है। 

वैज्ञानिकों ने कहा है कि चांद पर ज्वालामुखीय घटनाओं का काल बहुत छोटा रहा होगा। य़हां पर हर एल्टीट्यूड पर बर्फ रूपी पानी मौजूद रहा होगा जो पोल्स पर बनी होगी। 

शोधकर्ताओं ने इस स्टडी को इस हाइपोथिसिस पर तैयार किया है कि ज्वालामुखीय गतिविधि से बने पानी के सारे वाष्प कण सौर हवाओं के कारण खत्म नहीं हुए होंगे। उनमें से कुछ पाले के रूप में सतह पर जम गए होंगे। और इस तरह चांद पर पानी उपलब्ध हुआ होगा। 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो की लेटेस्ट खबरें hindi.gadgets 360 पर और हमारे CES 2026 पेज पर देखें

द रेजिडेंट बोट । अगर आप मुझे ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. नए साल पर iPhone पर आया बंपर ऑफर, सीधे मिल रहा 18 हजार का डिस्काउंट
  2. OnePlus 16 में होगा 200Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले, 200MP मेन कैमरा!
#ताज़ा ख़बरें
  1. Oppo Reno 15 vs OnePlus 15R vs Vivo X200 FE: जानें कौन सा फोन है बेस्ट
  2. CES 2026: Samsung पेश करेगी 130 इंच का विशाल Micro RGB टीवी, जानें खासियतें
  3. Bharat Taxi launch: सस्ती, सरकारी कैब बुकिंग सर्विस Bharat Taxi में क्या है अलग, कैसे करें कैब बुक, यहां जानें सबकुछ
  4. Xiaomi ने लॉन्च किया Mijia Air Purifier 6 Pro, डबल फिल्टर के साथ हवा से करेगा प्रदूषण और बदबू को दूर
  5. Moto X70 Air Pro में होंगे 50 मेगापिक्सल के तीन कैमरा! 16GB रैम, 5,100mAh बैटरी का लॉन्च से पहले खुलासा
  6. नए साल पर iPhone पर आया बंपर ऑफर, सीधे मिल रहा 18 हजार का डिस्काउंट
  7. अमेरिकी प्रेसिडेंट Donald Trump की कंपनी पेश करेगी नया क्रिप्टो टोकन
  8. 20 हजार mAh बैटरी वाला फोन ला रही Samsung? 27 घंटे का मिलेगा बैकअप, लीक में खुलासा
  9. Honor Power 2 के लॉन्च से पहले फुल स्पेसिफिकेशंस लीक, 12GB रैम, 10080mAh बैटरी से होगा लैस!
  10. भारत में तेजी से बढ़ रहा ब्रॉडबैंड मार्केट, पार किया 100 करोड़ सब्सक्राइबर्स का आंकड़ा
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.