मंगल ग्रह पर मकड़‍ियों का झुंड! ESA की इस तस्‍वीर का क्‍या है सच? जानें

Spiders on Mars : हालांकि ये मकड़‍ियां तो बिलकुल नहीं हैं। जब मंगल ग्रह पर जीवन ही नहीं है, तो वहां मकड़‍ियां कहां से आएंगी।

विज्ञापन
Written by प्रेम त्रिपाठी, अपडेटेड: 26 अप्रैल 2024 13:40 IST
ख़ास बातें
  • मंगल ग्रह पर दिखी अनोखी आकृति
  • मकड़‍ियों के झुंड जैसी चीज दिखाई दी
  • हालांकि ये मकड़‍ियां नहीं हैं

मकड़ी जैसे इस पैटर्न को साल 2020 में भी देखा गया था। तब इसे एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर ने कैप्‍चर किया था।

मंगल ग्रह (Mars) पर कई बार ऐसी अजीबोगरीब चीजें दिखती हैं, जो वैज्ञानिकों और आम लोगों में कौतुहल जगाती हैं। यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने हाल में मंगल की एक तस्‍वीर दिखाई, जिसमें उसकी सतह पर मकड़‍ियों के झुंड जैसा कुछ रेंगता हुआ दिखाई देता है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, ESA के मार्स एक्सप्रेस स्‍पेसक्राफ्ट ने इंका सिटी (Inca City) नाम की संरचना के पास यह चीज कैमरे में कैद की। एक प्रेस रिलीज में ईएसए ने लिखा कि उसने मंगल के दक्षिणी ध्रुवीय इलाके में बिखरे मकड़‍ियों के निशान ट्रेस किए हैं।  

हालांकि ये मकड़‍ियां तो बिलकुल नहीं हैं। जब मंगल ग्रह पर जीवन ही नहीं है, तो वहां मकड़‍ियां कहां से आएंगी। ईएसए के अनुसार, ये छोटे और डार्क कलर के ऐसे फीचर्स हैं, जो तब बनते हैं जब सर्दियों के महीनों में जमने वाले कार्बन डाईऑक्‍साइड पर सूर्य की रोशनी पड़ती है। 

रिपोर्ट के अनुसार, सूर्य की रोशनी से बर्फीली कार्बन डाइऑक्‍साइड, गैस में बदल जाती है। इस दौरान तीन फीट तक मोटी बर्फ विस्‍फोट के साथ फटती है और धूल के साथ निकलते हुए सतह पर जम जाती है, जिससे यह धब्‍बे बनते हैं।  

तस्‍वीर में ये काले धब्‍बे आपको छोटे दिख रहे होंगे, लेकिन असल में इनका साइज बड़ा है। सबसे छोटे धब्‍बे 145 फीट के और सबसे बड़े आधे मील के हो सकते हैं। 

एक अन्‍य रिपोर्ट के अनुसार, मकड़ी जैसे इस पैटर्न को साल 2020 में भी देखा गया था। तब इसे एक्सोमार्स ट्रेस गैस ऑर्बिटर ने कैप्‍चर किया था। साल 2016 में लॉन्‍च हुआ वह स्‍पेसक्राफ्ट मंगल ग्रह पर जीवन के संकेतों की तलाश कर रहा है। वैज्ञानिकों के लिए मंगल ग्रह हमेशा से उत्‍सुकता की वजह रहा है। वह मानते आए हैं कि कभी मंगल ग्रह पर जीवन हुआ करता था जो बाद में तबाह हो गया। 
Advertisement

हालिया तस्‍वीर को लेकर ESA ने कहा है कि इस इलाके के निर्माण के बारे में उसे मालूम नहीं है। अनुमान है कि यहां कभी रेतीले टीले हुआ करते थे, जो बाद में पत्‍थरों में बदलते गए। 

ESA का मार्स एक्सप्रेस ऑर्बिटर साल 2003 में लाल ग्रह के इलाके में पहुंचा था। यह कई वर्षों से मंंगल का चक्‍कर लगा रहा है। इसी ऑर्बिटर ने मंगल का मैप तैयार किया। उसकी सतह पर पानी के इतिहास की जानकारी जुटाई। और भी कई काम किए।  
Advertisement

 
 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Google के Pixel फोन की कीमत हुई आधे से भी ज्यादा कम, मिल रहा 23 हजार रुपये सस्ता
#ताज़ा ख़बरें
  1. Xiaomi 18 Pro Max में हो सकता है Snapdragon 8 Elite Gen 6 Pro चिपसेट 
  2. Gmail में चंद क्लिक में 'Unsubscribe' करें सभी स्पैम ईमेल, इनबॉक्स हमेशा रहेगा साफ!
  3. Bitcoin में 78,000 डॉलर तक पहुंचने के बाद गिरावट, होर्मुज संकट का पड़ा असर 
  4. Huawei Pura 90 Pro हुआ लॉन्च, 50MP कैमरा, 6000mAh बैटरी के साथ गजब के फीचर्स, जानें कीमत
  5. 200MP कैमरा, 6000mAh बैटरी के साथ Huawei Pura 90 Pro Max लॉन्च, जानें सबकुछ
  6. OnePlus Nord CE 6, Nord CE 6 Lite अगले महीने होंगे भारत में लॉन्च, Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट
  7. Dell 15 (2026) लैपटॉप भारत में लॉन्च: AI फीचर्स, Intel Core Ultra 2 प्रोसेसर और लंबा बैटरी बैकअप!
  8. Toshiba ने लॉन्च किए 55-100 इंच डिस्प्ले वाले Z670SP MiniLED टीवी, गजब के हैं फीचर्स, जानें
  9. WhatsApp भी हुआ पेड? लॉन्च हुआ Plus प्लान, मिलेंगे कई एक्स्ट्रा बेनिफिट्स!
  10. मोबाइल में Aadhaar ऐप पहले से इंस्टॉल करने का प्लान कैंसिल, सरकार ने वापस लिया प्रस्ताव!
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.