QR Code की क्रांति! दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड, हजारों सालों तक डेटा करेगा स्टोर, जानें कैसे

इसे सिरेमिक मैटिरियल पर बनाया गया है। यह ऐसा मैटिरियल होता है जो डेटा को कहीं अधिक लम्बे समय तक स्टोर करके रख सकता है।

विज्ञापन
Written by हेमन्त कुमार, अपडेटेड: 20 फरवरी 2026 12:11 IST
ख़ास बातें
  • इसका साइज 1.98 वर्ग माइक्रोमीटर है।
  • इसे देखने के लिए इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की जरूरत होगी।
  • क्रोमियम नाइट्राइड सिरेमिक लेयर पर तैयार किया गया है कोड।

वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड तैयार किया है जो एक बैक्टीरिया से भी छोटा है। (सांकेतिक फोटो)

Photo Credit: Freepik

वैज्ञानिकों ने एक ऐसा क्यूआर कोड (QR Code) बनाने में कामयाबी हासिल की है जो एक जीवाणु से भी छोटा है। जी हां, साइंटिस्ट दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड बनाने में कामयाब हो गए हैं जो कि एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। यह क्यूआर कोड इतना छोटा है कि इसे देखने के लिए इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप की जरूरत होगी। आखिर क्यों बनाया गया इतना छोटा क्यूआर कोड, क्या होगा इसका इस्तेमाल, आइए जानते हैं विस्तार से नई उपलब्धि के बारे में। 

दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड
वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड तैयार किया है जो एक बैक्टीरिया से भी छोटा है। इसका साइज 1.98 वर्ग माइक्रोमीटर है। यह क्यूआर कोड अपने छोटे साइज के कारण गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गया है। ऑस्ट्रिया के वियना स्थित टीयू विएन और सेराबाइट जीएमबीएच की टीम ने इसे तैयार किया है। 

QR Code कैसे हुआ तैयार 
यह कोई आम क्यूआर कोड नहीं है। इसे तैयार करने के लिए क्रोमियम नाइट्राइड सिरेमिक लेयर का इस्तेमाल किया गया है जिस पर इसे उकेरा गया है। यह लेयर 15nm की बताई जाती है। उकेरना भी आसान नहीं था। इसे बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने इस महीन परत पर आयन बीम का इस्तेमाल किया। 

क्या होगा इसका इस्तेमाल
वैज्ञानिकों का कहना है कि इतना छोटा क्यूआर कोड केवल साइज का रिकॉर्ड बनाने के लिए तैयार नहीं किया गया है। यह डेटा स्टोरेज के अंदाज को बदल कर रख देगा। यह हाई डेंसिटी स्टोरेज कैपिसिटी का उदाहरण है। कहा गया है कि इसकी मदद से A4 साइज की शीट पर 2TB से ज्यादा का डेटा स्टोरेज किया जा सकता है, वो भी बिना पावर का इस्तेमाल किए! 

क्यों महत्वपूर्ण है आविष्कार
दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इसे सिरेमिक मैटिरियल पर बनाया गया है। यह ऐसा मैटिरियल होता है जो डेटा को कहीं अधिक लम्बे समय तक स्टोर करके रख सकता है। कहा गया है कि सिरेमिक बेस्ड स्टोरेज सैकड़ों, यहां तक कि हजारों सालों तक भी सुरक्षित रह सकती है। और इसके लिए किसी पावर, कूलिंग या मेंटेनेंस की जरूरत नहीं होती है। इस लिहाज से इस तरह के डेटा स्टोरेज को वैज्ञानिक डेटा, सांस्कृतिक रिकॉर्ड, सरकारी दस्तावेजों आदि को हजारों सालों तक स्टोर करके रखा जा सकेगा। 
 

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

हेमन्त कुमार Gadgets 360 में सीनियर ...और भी

Advertisement
Popular Brands
#ट्रेंडिंग टेक न्यूज़
  1. Realme P4 Lite 4G भारत में लॉन्च: जानें 6300mAh बैटरी और Pulse Light डिजाइन वाले बजट फोन की कीमत
  2. क्रिप्टो ट्रेडिंग फ्रॉड में आंध्र प्रदेश के कारोबारी से हुई 1.6 करोड़ रुपये की ठगी
#ताज़ा ख़बरें
  1. Tata Punch EV फेसलिफ्ट हुई लॉन्च: 468km रेंज, वेंटिलेटेड सीट्स और सनरूफ भी! जानें सभी वेरिएंट्स की कीमत
  2. 6 ग्रहों की परेड का दिखेगा नजारा! सबसे बड़ा ग्रह जुपिटर भी होगा शामिल, नोट कर लें दिन और समय
  3. Realme P4 Lite 4G भारत में लॉन्च: जानें 6300mAh बैटरी और Pulse Light डिजाइन वाले बजट फोन की कीमत
  4. Amazfit T Rex Ultra 2: टाइटेनियम बॉडी और 6 सैटेलाइट GPS वाली नई स्मार्टवॉच हुई लॉन्च, जानें कीमत
  5. Lava Bold N2 vs Samsung Galaxy F07 vs Moto G06 Power: Rs 8 हजार के अंदर कौन बेहतर?
  6. QR Code की क्रांति! दुनिया का सबसे छोटा क्यूआर कोड, हजारों सालों तक डेटा करेगा स्टोर, जानें कैसे
  7. WhatsApp के इस फीचर से खत्म हो गई नए ग्रुप मेंबर्स की सबसे बड़ी टेंशन!
  8. PhonePe पर अब बिना PIN डाले होगी UPI पेमेंट, फीचर को ऐसे करें एक्टिवेट
  9. AI के कारण कम हो रही हैं जॉब्स, इस देश से हुई शुरुआत!
  10. E-Passport क्या है, कैसे करें आवेदन, कौन से दस्तावेज होना है जरूरी, जानें सबकुछ
Download Our Apps
Available in Hindi
© Copyright Red Pixels Ventures Limited 2026. All rights reserved.