नई विधि ई. कोलाई ओ26, ई. कोलाई ओ157, और एस. ऑरियस को माइक्रोस्कोप के तहत क्रमशः सफेद, लाल और नीले रंग की बिखरी हुई रोशनी के रूप में दिखाएगी।
इस स्टडी को Analytical Chemistry में पब्लिश किया गया है
खाने से होने वाली बिमारियों से दुनिया परेशान है और कई बार पेट संबंधी ये बिमारियां जानलेवा तक बन जाती है। इसके लिए इलाज भी उपलब्ध है, लेकिन इलाज को और ज्यादा आसान बनाने के लिए ओसाका मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी (Osaka Metropolitan University) के वैज्ञानिकों ने फूड पॉइजनिंग बैक्टीरिया की एक साथ पहचान करने के लिए एक सरल, तेज विधि विकसित की है, जो उन जीवाणुओं (Bacteria) को एंटीबॉडी के जरिए बांधती है। ये तरीका फूड मैन्युफैक्चरिंग स्थलों पर बैक्टीरिया का तेजी से पता लगाने और इस तरह फूड सेफ्टी में सुधार के लिए बेहद काम आ सकता है।
यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने नैनोमीटर-स्केल किए गए ऑर्गनिक मेटल नैनोहाइब्रिड स्ट्रक्चर (NHs) द्वारा बिखरे हुए प्रकाश में रंग अंतर के आधार पर कई फूड पॉइजनिंग बैक्टीरिया की एक साथ पहचान करने के लिए एक सरल और तेज विधि विकसित की है। इस स्टडी को Analytical Chemistry में पब्लिश किया गया है।
लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।